
अमेरिका में हर साल बर्फीला तूफान आता है. लेकिन इस बार तबाही ज्यादा मची. वजह थी आर्कटिक ब्लास्ट (Arctic Blast). सवाल ये उठता है कि क्या पूरा अमेरिका में चारों तरफ बर्फ ही बर्फ जम जाता है. ऐसा नहीं है. अमेरिका में एक बड़ा इलाका आइस जोन (Ice Zone) कहलाता है. या यूं कहें इसे आप ब्लिजर्ड जोन (Blizzard Zone) भी कह सकते हैं. यानी यही इलाका बर्फीले तूफान से सबसे ज्यादा प्रभावित होता है.
आमतौर पर अमेरिका का आइस जोन या ब्लिजर्ड जोन कहलाने वाला इलाका महाद्वीप का ऊपरी मध्य-पश्चिम (Upper Midwest) और ग्रेट प्लेन्स (Great Plains) हैं. बर्फीले तूफान का असर इसी इलाके में सबसे ज्यादा होता है. हालांकि, बर्फ खाड़ी तट और कैलिफोर्निया के तटों तक होती है. आपने इस बार न्यूयॉर्क के बफैलो शहर का नाम सुना होगा, जहां पर बर्फबारी से हालत पस्त हो गई. करीब 32 लोगों की मौत हुई. लोग सड़कों पर ही जम गए.
असल में बफैलो से भी ज्यादा प्रभावित होने वाला इलाका सीराकस (Syracuse) है. ये भी न्यूयॉर्क में आता है. यहां हर साल औसतन 114.3 इंच बर्फबारी होती है. इसके बाद बफैलो (Buffalo), जहां पर 92 इंच और तीसरे नंबर पर 89.3 इंच बर्फबारी के साथ रोचेस्टर (Rochester) है. ये तीनों शहर बर्फबारी की परंपरा को बर्दाश्त करते हैं. यहां पर लेक-इफेक्ट सबसे ज्यादा देखा जाता है. सबसे ज्यादा ठंडी हवाएं चलती हैं.
अमेरिका में ब्लिजर्ड सिर्फ एक या दो बार नहीं आता. यहां पर पिछले 55 सालों में 713 से ज्यादा ब्लिजर्ड आ चुके हैं. यानी हर सीजन में कम से कम 13 बार बर्फीले तूफान आते ही हैं. सबसे ज्यादा बर्फीले तूफान साल 2007-08 में आए थे. तब अमेरिका ने 32 बार बर्फीले तूफानों का सामना किया था. ये सभी अलग-अलग तीव्रता के थे. सबसे ज्यादा बर्फीले तूफान दिसंबर से फरवरी के बीच आते हैं. औसत 8.3 तूफान. यही समय होता है जब सर्दियां एकदम चरम पर होती हैं.
सितंबर से नवंबर के बीच 3.1 और मार्च से मई के बीच 2 का औसत रहता है. बर्फीले तूफान की तीव्रता हर 11 से 14 साल में एक बार सबसे ज्यादा रहती है. यानी 11 से 14 साल के अंतराल पर भयानक प्रकार का बर्फीला तूफान आता है. जो इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं. उनमें डकोटा, मिनिसोटा, न्यूयॉर्क, नेब्रास्का, माएन, हैनकॉक, वॉशिंगटन, मैरीलैंड, जॉर्जिया, एरिजोना, कैलिफोर्निया, नेवादा आदि शामिल हैं. हर साल बर्फीले तूफान से अमेरिका में करीब 1.49 लाख वर्ग किलोमीटर से लेकर 21.68 लाख वर्ग किलोमीटर का इलाका प्रभावित होता है.
इस बार जो तूफान आया, उसे एक पीढ़ी में आने वाला सबसे भयावह तूफान कहा जा रहा है. नासा की रिपोर्ट के मुताबिक इस दौरान कई इलाकों में ठंडी हवाएं 130 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चलीं. जब ये ठंडी हवाएं पानी के खुले स्रोतों के ऊपर से गुजरती हैं, तब ये लेक-इफेक्ट स्नो पैदा करती हैं. इससे ठंडक और बढ़ जाती है. बर्फबारी भी ज्यादा होती है. इसीलिए लेक ओंटारियो और लेक एरी से आने वाली ठंडी बर्फीली हवाओं ने न्यूयॉर्क के कई इलाकों में तबाही मचा दी.
कई जगहों पर घर जम गए. लोग कारों के अंदर ही मारे गए. गाड़ियां बर्फ में फंसी रहीं. बचाव कार्य में लगे राहतकर्मियों को भी बचाना पड़ रहा था. राष्ट्रपति बाइडेन ने नेशनल गार्ड्स को तैनात कर दिया था, ताकि वो स्थानीय प्रशासन की मदद कर सकें. लोगों को गर्म और सुरक्षित स्थानों तक पहुंचा सकें. अमेरिका में जो बर्फीला तूफान कहर मचाता है, उसकी शुरुआत कुछ ऐसे होती है. प्रशांत महासागर से ठंडी और नमी वाली हवाएं पूर्व की ओर चलती हैं.
इन हवाओं की दिशा रॉकी माउंटेंस होते हैं. उन पहाड़ों से टकराने पर हवाएं और ठंडी हो जाती हैं. ये तेजी से ग्रेट प्लेन्स की तरफ बढ़ती हैं. दूसरी तरफ मेक्सिको की खाड़ी से गर्म और नमी वाली हवाएं उत्तर की ओर बढ़ती हैं. यानी जब दोनों हवाएं मिलती हैं, तो ये टेक्सास से लेकर मिडवेस्ट तक कहर बरपा देती हैं.