
हम अक्सर पौधों को शांत जीवों के रूप में देखते हैं. लेकिन सभी पौधे शांत नहीं होते. कुछ पौधे शिकारी भी होते हैं. मांसाहारी भी होते हैं. हाल ही में वैज्ञानिकों ने ऐसे मांसाहारी पौधे खोजे हैं जो घात लगाकर शिकार करते हैं. इनके शिकार होते हैं- कीड़े, मकोड़े या फिर छोटे जीव. कई बार ये जमीन के पोषक तत्वों के सहारे जिंदा रह लेते हैं. लेकिन इन्हें कीड़े-मकोड़े पसंद हैं.
वैज्ञानिकों ने इस पौधे की खोज इंडोनेशिया के उत्तरी कालीमंतन प्रांत में मौजूद बोर्नियो द्वीप पर खोजा है. पहली बार इस तरह की प्रजाति की खोज हुई है. इससे पहले कभी भी ऐसे किसी पौधे की जानकारी वनस्पति विज्ञानियों (Botanist) को नहीं थी. इसका वैज्ञानिक नाम नेपेंथेस पुडिका (Nepenthes pudica) रखा गया है. इसके शिकार करने का तरीका भी पहली बार दर्ज किया गया है. फिलहाल इसे घड़े का पौधा बुलाया जा रहा है.
जमीन के अंदर या खोखले तनों में उगते हैं ये
चेक गणराज्य में पलाकी विश्वविद्यालय ओलोमौक के वनस्पति शास्त्री मार्टिन डानक कहते हैं कि यह पौधा घड़े के आकार का जाल बिछाता है. लेकिन यह जाल कैसे बनता है, इसकी जानकारी नहीं है. आमतौर पर ऐसे पौधे जमीन के ऊपर सतह पर या फिर पेड़ों के खोखले तनों में या फिर ट्यूब जैसे हिस्सों में पनपते हैं. घड़े जैसे पौधे और भी होते हैं, जिन्हें उत्तरी कालीमंतन में 2012 में देखा गया था.
इनके शिकार होते है- घुन, चीटियां, मकौड़े
इस बार जब यह नई प्रजाति का पौधा मिला तो इसके आसपास की जमीन की जांच की गई. पता चला कि जमीन से यही पनप रहे हैं. क्योंकि इनके बीज अंकुरित हो रहे हैं. घात लगाकर शिकार करने वाला यह मांसाहारी पौधा अपने 4.3 इंच लंबे घड़े को जमीन के अंदर रखती है. यहीं से जमीन में रहने वाले जीवों को फंसाते हैं. जैसे- चींटियां, घुन आदि.
जब वैज्ञानिकों की टीम ने और जांच की तो पता चला कि वहां पर 17 नेपेंथेस पुडिका (Nepenthes pudica) मौजूद थे. इनके पेट में शिकार के अवशेष भी मिले. कुछ तो पूरे पच चुके थे. आमतौर पर यह पौधा समुद्र तल से करीब 3600 से 4300 फीट की ऊंचाई वाले पहाड़ियों पर मिलता है. (ये खबर इंटर्न आदर्श ने लिखी है.)