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ज्वालामुखी फटने से निकले सींग... अब धरती की ओर तेजी से आ रहा है धूमकेतु

धरती की तरफ दो सींगों वाला धूमकेतु आ रहा हैं. खतरनाक बात ये हैं कि उसपर ज्वालामुखी भी फूट रहा है. ज्वालामुखी विस्फोट की वजह से ही इस धूमकेतु की सींग निकली. इस धूमकेतु का व्यास किसी शहर से कम नहीं है. इसके केंद्र से इसका फैलाव 7000 गुना ज्यादा है. आइए जानते हैं इस धूमकेतु के बारे में...

ये है 12P धूमकेतु जो अपनी दो सींगों के साथ धरती की ओर आ रहा है. (फोटोः रिचर्ड माइल्स) ये है 12P धूमकेतु जो अपनी दो सींगों के साथ धरती की ओर आ रहा है. (फोटोः रिचर्ड माइल्स)
aajtak.in
  • लंदन,
  • 28 जुलाई 2023,
  • अपडेटेड 7:06 PM IST

दो सींगों वाला धूमकेतु जल्द ही धरती के पास से निकलने वाला है. यह सूरज की तरफ जा रहा है. इसके केंद्र का व्यास करीब 30 किलोमीटर है. यानी किसी शहर के बराबर. लेकिन केंद्र के चारों तरफ निकल रही धूल, बर्फ और गैस का फैलाव 7000 गुना ज्यादा है. यानी करीब 2.30 लाख किलोमीटर. इसमें सक्रिय ज्वालामुखी हैं. जो फट रहे हैं.

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इस धूमकेतु का नाम है 12P/Pons-Brooks (12P). यह एक क्रायोवॉल्कैनिक धूमकेतु है. यानी ठंडे ज्वालामुखी वाला धूमकेतु. इसके ज्वालामुखी से आग नहीं बल्कि बर्फ निकलती है. इस धूमकेतु के केंद्र में ठोस बर्फ, धूल और गैस भरी पड़ी है. जिसके चारों तरफ गैस के बादल हैं. जिन्हें coma कहते हैं. ये लगातार महाठंडा मैग्मा अंतरिक्ष में छोड़ रहा है. 

ब्रिटिश एस्ट्रोनॉमिकल एसोसिएशन के एस्ट्रोनॉमर रिचर्ड माइल्स कहते हैं कि 12P धूमकेतु के केंद्र में अन्य धूमकेतुओं की तरह सामान्य पत्थर नहीं हैं. इसके अंदर मौजूद बर्फ, धूल और गैस का मैग्मा लगातार फट रहा है. जो इसकी सतह पर पड़ी दरारों की वजह से बाहर निकलते रहते हैं. 

ये है 12P धूमकेतु. (फोटोः Thomas Wildoner/The Dark Side Observatory)

100 गुना ज्यादा रोशनी फेंक रहा है

20 जुलाई को कई एस्ट्रोनॉमर्स ने इसमें विस्फोट देखा था. जो इसकी सामान्य रोशनी से 100 गुना ज्यादा थी. अंदर से निकलने वाली बर्फ के कणों से सूरज की रोशनी जब टकराती है तो ये और विशालकाय दिखता है. बर्फीले विस्फोट की वजह से इस आकार लगातार बदल रहा है, लेकिन जो तस्वीर सामने आई है, उसमें इसके दो सींग दिख रहे हैं. 

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हालांकि ये Star Wars के आइकोनिक स्पेसशिप Millennium Falcon की तरह दिख रहा है. जैसे-जैसे इसका आकार बढ़ता जाएगा, इसके पीछे की परछाई भी बढ़ती जाएगी. लेकिन ज्यादा बड़ा फैलाव धीरे-धीरे खत्म हो जाता है. क्योंकि गैस और बर्फ के कण सूरज की रोशनी में खत्म हो जाते हैं. 

नासा से स्पिट्जर स्पेस टेलिस्कोप ने 12पी धूमकेतु में हुए ज्वालामुखी विस्फोट की तस्वीर ली. (फोटोः NASA)

सूरज के चारों तरफ 71 साल में एक चक्कर

यह धूमकेतु सूरज के चारों तरफ एक चक्कर 71 साल में लगाता है. यानी अगली बार यह धूमकेतु फिर 71 साल बाद दिखाई देगा. यह धरती के बेहद नजदीक 21 अप्रैल 2024 से 2 जून 2024 के बीच रहेगा. आसमान साफ रहे तो यह रात में दिखाई देगा. यह अंतरिक्ष में घूमता हुआ बर्फीला ज्वालामुखी है. 

इस धूमकेतु से बड़ा ज्वालामुखी विस्फोट पिछले 12 सालों में 29P धूमकेतु में देखने को मिला था. जिसने अंतरिक्ष में 10 लाख टन क्रायोमैग्मा यानी बर्फीला पदार्थ छोड़ा था. ये घटना इस साल अप्रैल में ही घटी थी. इसे देखना मुश्किल था लेकिन अचानक बढ़ी इसकी रोशनी की वजह से ये पहचान में आया और वैज्ञानिकों ने इसे देखा. 

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