
रविवार 22 जनवरी की शाम, शनि (Saturn) और शुक्र (Venus) ग्रह एक-दूसरे के बेहद करीब आने वाले हैं. दोनों ग्रह एकदूसरे से करीब 13 करोड़ किलोमीटर से भी ज्यादा दूर हैं, इसलिए उनके टकराने की कोई संभावना नहीं है. लेकिन उनकी ऑर्बिट इस तरह की हैं कि वे पृथ्वी से, एक दूसरे के बेहद करीब दिखाई देंगे.
शनि और शुक्र ग्रह एक इतने करीब आने को कन्जंक्शन (Conjunction) कहा जाता है. शुक्र सूर्य से दूसरा ग्रह है, जबकि शनि हमारे सोलर सिस्टम का दूसरा सबसे बड़ा ग्रह है.
अगर आप घर बैठे इन ग्रहों को मिलते हुए देखना चाहते हैं, तो आपको बता दें कि वर्चुअल टेलीस्कोप प्रोजेक्ट (Virtual Telescope Project) इसे लाइव स्ट्रीम कर रहा है. लाइवस्ट्रीम तब शुरू होगा जब दोनों ग्रह आधे डिग्री से भी कम दूरी पर होंगे. वर्चुअल टेलीस्कोप प्रोजेक्ट की वेबसाइट और यू ट्यूब चैनल पर ये लाइव स्ट्रीम रविवार सुबह 11 बजे (EST) (1600 GMT) शुरू होगा.
In-the-Sky.org के मुताबिक, नई दिल्ली से, इन दोनों ग्रहों को दक्षिण-पश्चिमी क्षितिज से 16 डिग्री ऊपर, 18:07 (IST) के आसपास देखा जा सकता है. यह वही समय है जब शाम ढलती है और अंधेरा हो जाता है. वे तब क्षितिज की ओर डूबेंगे, सूर्य के 1 घंटे 39 मिनट बाद, 19:30 बजे अस्त होंगे.
वैसे तो रात के समय शनि और शुक्र दोनों को ही खुली आंखों से देखा जा सकेगा, लेकिन इन दोनों की चमक में बहुत अंतर है. सूर्य और चंद्रमा के बाद, आकाशगंगा का सबसे चमकदार ग्रह शुक्र ही है. इस कन्जंक्शन के दौरान शुक्र -3.9 और शनि 0.7 मैग्निट्यूड पर होगा. आकाश में चमकदार ऑब्जेक्ट नेगेटिव नंबरों से दिखाए जाते हैं.
इसका मतलब है कि इस कन्जंक्शन के दौरान शुक्र की तुलना में शनि ग्रह, करीब 100 गुना धुंधला होगा. इस कन्जंक्शन के दौरान दोनों ग्रह इतने करीब होंगे कि स्काईवॉचर्स उन्हें दूरबीन या बिना किसी उपकरण के आसानी से देख सकेंगे. हालांकि शनि को देखना उतना आसान नहीं होगा. वैज्ञानिकों का मानना है कि इस नज़ारे को तभी देखा जा सकता है, जब मौसम समेत तमाम परिस्थितियां इसके अनुकूल हों. शनिवार को जनवरी महीने की अमावस्या थी और अमावस्या के अगले दिन चंद्रमा, अर्धचंद्र हो जाता है और इसकी चमक सिर्फ़ 2% होती है.