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दुनिया के लिए नई चिंता... जिस वायरस ने कोविड-19 फैलाया, अब तेजी से जंगली जानवरों में फैल रहा

जिस वायरस ने कोरोना महामारी फैलाई. अब वो जंगली जानवरों में तेजी से फैल रहा है. अमेरिका के वैज्ञानिकों ने एक स्टडी में यह चेतावनी दी है. कई प्रजातियों के जीवों में तो 60 फीसदी संक्रमण है.

कोविड-19 का वायरस SARS-CoV-2 इंसानों के बाद अब जंगली जानवरों में फैल रहा है. (फोटोः गेटी/अनस्प्लैश) कोविड-19 का वायरस SARS-CoV-2 इंसानों के बाद अब जंगली जानवरों में फैल रहा है. (फोटोः गेटी/अनस्प्लैश)
आजतक साइंस डेस्क
  • नई दिल्ली,
  • 12 अगस्त 2024,
  • अपडेटेड 1:43 PM IST

Covid-19 फैलाने वाले वायरस SARS-CoV-2 इंसानों की दुनिया के बाद अब जंगल की ओर रुख कर लिया है. वर्जीनिया टेक की कंरजवेशन बायोलॉजिस्ट अमांडा गोल्डबर्ग ने कहा कि हमने कई जंगली जानवरों की प्रजातियों में यह वायरस पाया है. कुछ प्रजातियों में तो इसका संक्रमण 60 फीसदी तक है. यह दुनिया के लिए चेतावनी है. 

जंगलों से लाए गए जानवरों का 800 से ज्यादा स्वैब सैंपल लिया गया था. ये सभी रीहैबिलिटेशन सेंटर में थे. जहां से इन्हें ठीक करके वापस जंगल में छोड़ना था. वहां उन्हें छह अलग-अलग प्रजातियों के जानवर मिले, जिनमें ऐसे एंटीबॉडीज थे, जो सार्स-सीओवी-2 वायरस के संक्रमण के बाद बने होंगे. संक्रमण कब हुआ इसका खुलासा नहीं हुआ. ज्यादातर संक्रमित प्रजातियां उत्तरी अमेरिका से हैं. इनसे इंसानों में दोबारा संक्रमण के सबूत नहीं मिले. 

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जंगलों के आसपास जहां पर इंसानी गतिविधियां ज्यादा हैं, वहां पर वायरल एंटीबॉडी की मात्रा भी तीन गुना ज्यादा है. इंसान ही ऐसे वायरसों को फैलाने का काम दोगुना ज्यादा करते हैं. बल्कि जानवरों से इंसानों में संक्रमण के मामले बहुत कम होते हैं. लेकिन जंगली जानवरों तक ये वायरस पहुंचना एक चुनौतीपूर्ण काम हो सकता है. 

छोटे जंगली जानवरों में संक्रमण, बड़े भी हो सकते हैं शिकार

अमांडा ने बताया कि जिन जंगली जानवरों में ये वायरस मिला है, वो हैं- कॉटनटेल खरगोश, रकून, पूर्वी डीयर चूहा, वर्जिनिया ओपोसम, ग्राउंडहॉग्स और पूर्वी रेड बैट्स. सभी जंगली जानवरों में यह वायरस या उससे संबंधित लक्षण नहीं दिखे हैं. लेकिन भविष्य में इसके फैलने का खतरा बढ़ सकता है. अगर बड़े मांसाहारी जानवर इन छोटे जानवरों को खाते हैं या उन्हें अपना शिकार बनाते हैं तो. 

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म्यूटेंट वायरस का हमला हुआ तो हालत और खराब हो जाएगी

वर्जिनिया टेक की मॉलीक्यूल बायोलॉजिस्ट कार्ला फिंकेल्स्टीन ने कहा कि वैक्सीनेशन की वजह से इंसान तो वायरस से बच गए लेकिन अब ये जंगल की ओर फैल रहा है. जानवरों के अंदर इनका नया म्यूटेशन हो रहा है. क्योंकि उनका होस्ट नया है. भविष्य में ये म्यूटेंट वायरस इंसानों पर नए तरह का हमला कर सकते हैं. 

महामारी न फैले, इसलिए लगातार वायरस पर रखनी होगी नजर

वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि सभी देशों और सरकारों को लगातार कोविड-19 के वायरस और उसके संक्रमण के तरीके पर नजर रखनी होगी. ताकि फिर से महामारी न फैले. अगर ऐसा होता है, तो इस बार तबाही का स्तर ज्यादा खतरनाक हो सकता है. क्योंकि म्यूटेशन किस स्तर का है, इसका पता लगाया जाना बाकी है. 

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