
हम सभी जानते हैं कि दुनिया के तमाम वैज्ञानिक काफी समय से, दूसरी दुनिया के लोगों यानी एलियंस (Aliens) से संपर्क बनाने की कोशिश कर रहे हैं. हाल ही में की गई एक स्टडी में शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि अच्छे या फ्रेंडली एलियन (Friendly Aliens) भी मानव जाति के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं.
स्पेस पॉलिसी (Space Policy) में प्रकाशित एक नए शोध में कहा गया है कि अच्छे या फ्रेंडली एलियंस भी इंसानों के लिए खतरनाक हो सकते हैं. 'Geopolitical Implications of a Successful SETI Program' नाम के पेपर के तीन लेखक हैं जो नासा, पेन स्टेट ईटीआई सेंटर और हार्वर्ड लॉ स्कूल जैसे संस्थानों से जुड़े हैं. शोध के मुख्य लेखक पेन स्टेट यूनिवर्सिटी के जेसन टी. राइट (Jason T. Wright) हैं.
WT 2020 का जवाब है नया शोध
विशेषज्ञ दशकों से इस बात पर बहस कर रहे हैं कि दूसरी दुनिया से संपर्क करना या Extraterrestrial Intelligence (ETI) का पता लगाना सही और सुरक्षित है या नहीं. कुछ शोधकर्ताओं का मानना है कि एलियंस से संपर्क मानवता को आगे बढ़ा सकता है, जबकि कुछ का मानना है कि एलियंस से संपर्क करने से पृथ्वी पर जीवन का विनाश हो सकता है.
इस शोध में, शोधकर्ता इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि ETI की खोज मानवता के लिए जोखिम भरी हो सकती है. भले ही एलियंस कितने ही फ्रेंडली और अच्छे क्यों न हों. यह पेपर 2020 में प्रकाशित 'द सर्च फॉर एक्स्ट्राटेरेस्ट्रियल इंटेलिजेंस: ए रियलपोलिटिक कंसिडरेशन' नाम के एक पेपर का जवाब है. यह पेपर भी स्पेस पॉलिसी जर्नल में प्रकाशित किया गया था. इस पेपर को WT 2020 कहा गया है.
WT 2020 के मुताबिक वैश्विक राजनीति पर होगा असर
WT 2020 में कहा गया था कि पैसिव SETI एक्टिविटी से केवल किसी एलियन सिग्नल का मिलना लगभग न के बराबर है. अगर हमें कोई ETI सिग्नल मिल भी जाता है, तो धार्मिक देशों में कुछ उथल-पुथल या धार्मिक चरमपंथी हिंसा भी हो सकती है. ETI संपर्क वैज्ञानिकों के लिए भी क्रांतिकारी होगा, लेकिन अंत में ज्यादातर लोग अपने जीवन के साथ सामान्य तौर पर आगे बढ़ेंगे.
इस पेपर में यह भी बताया गया है कि राष्ट्र और उनके राजनीतिक नेता कैसी प्रतिक्रिया देंगे. इसमें कहा गया है कि जब भी राष्ट्र आपस में झगड़ते हैं, तो कुछ हद तक वास्तविक राजनीति (Realpolitik) होगी. रियल पॉलिटिक से यहां मतलब है दुनिया की पॉवर मैकेनिक्स. जब किसी ईटीआई के संपर्क की बात आती है, तो उस संपर्क पर एकाधिकार करने से, उस देश को लाभ मिल सकते हैं.
किसी भी ईटीआई से हमें बहुत बड़ा तकनीकी लाभ होगा. अगर ईटीआई गलत नहीं है, तब तक वह लाभ राष्ट्रों के लिए अवसर की तरह होगा. अगर सरकार ETI के साथ संचार पर एकाधिकार कर लेती है, तो उसे तकनीक में फायदा मिल सकता है.
नया शोध WT 2020 की आलोचना करता है
लेकिन यह नया शोध, WT 2020 पेपर और उनकी वास्तविक राजनीतिक चिंताओं का खंडन करता है. वे इस बात से असहमत हैं कि कि कोई भी देश किसी तरह EIT से संचार पर एकाधिकार कर सकता है.
लेखकों का कहना है कि अगर कोई रियल पॉलिटिक प्रतिक्रिया सामने आती है, तो यह सबसे प्रासंगिक प्रतिक्रिया हो सकती है. लेखकों का कहना है कि इस बात की संभावना बहुत कम है कि एक राष्ट्र सफलतापूर्वक ईटीआई के साथ संचार पर एकाधिकार कर सके. लेखक WT 2020 के रियल पॉलिटिक परिदृश्य के अन्य पहलुओं की भी आलोचना करते हैं.
लेखक WT 2020 में सैंपल कॉन्टैक्ट सिनैरियो की भी आलोचना करते हैं. WT 2020 का मानना है कि ईटीआई के लिए छोटा लगने वाले संपर्क भी काफी अहम तकनीकी जानकारी दे सकता है, जो एक एकाधिकार वाले राष्ट्र के काम आ सकता है. लेकिन ऐसा नहीं है. विज्ञान संचयी और गैर-रेखीय है: किसी भी नई जानकारी का इस्तेमाल करने से पहले, हमें पहले उसे समझने की जरूरत होगी.
उनका कहना है कि उससे और क्या ताकनीकि फायदा मिल सकता है, जब हमारे पास पहले से ही परमाणु हथियार और बायोवेपन हैं. उन्होंने यह भी कहा कि SETI और METI क्षेत्रों में व्यापक सुरक्षा लागू करना खुद उनके लिए भी परेशानी बन सकता है. इसके साथ-साथ उन्होंने एलियन से संपर्क पर काम करने वाले वैज्ञानिकों की सुरक्षा पर भी सवाल उठाया. उन्होंने चेतावनी दी है कि इसे वैज्ञानिकों का उत्पीड़न और उनपर हमला हो सकता है.