
एक साधारण भ्रांति है कि सांप भूख लगने पर अपने अंडे खा जाता है. अपने बच्चों को खा जाता है. ये पूरी तरह से सही नहीं है. यह बात सही है कि कुछ प्रजातियों के सांप जरूरत पड़ने पर ही अपने अंडों और बच्चों को खाते हैं. लेकिन सभी सांप ऐसा नहीं करते.
यह भी गलतफहमी है कि सांप अपने अंडों या बच्चों को नहीं पहचानते? बखूबी पहचानते हैं. कुछ पाइथन और कोबरा की प्रजाति के सांप तो अपने अंडों की सुरक्षा करते हैं. अपने शरीर को वाइब्रेट यानी कंपकंपाते हैं ताकि अंडों को इंक्यूबेट कर सकें. उसमें पल रहे बच्चे को अंडे से बाहर ला सके.
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लेकिन सवाल हर बार ये उठता है कि सांप अपना अंडा क्यों खाता है? सांप ऐसा बेहद ही विपरीत परिस्थितियों में करता है. कोई भी जीव अपने बच्चे या अंडे को खत्म नहीं करना चाहता. ऐसा सिर्फ तब होता है, जब वह किसी अद्भुत स्तर के भयानक मुसीबत में फंसा हुआ हो.
कब खाते हैं सांप अपने अंडे या बच्चों को?
सांप सिर्फ नीचे दिए गए इन परिस्थितियों में ही अपने अंडों या बच्चों को खाते हैं. क्योंकि सभी सांप ऐसा नहीं करते. बेहद कम प्रजातियों के सांप ही अपने अंडे-बच्चों को खाते हैं. ज्यादातर अपने अंडों की सुरक्षा करते हैं.
शारीरिक पोषण... अगर सांप को लगता है कि उसके शरीर की ताकत, विकास और जिंदा रहने के लिए अंडा या बच्चा खाना जरूरी है, तो वह खा लेता है. अंडे प्रोटीन से भरे होते हैं. इससे सांपों को सर्वाइवल के लिए ताकत और ऊर्जा मिलती है.
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प्रजनन रणनीति... सांपों की कुछ प्रजातियां अपने अंडों या बच्चों को इसलिए खाते हैं, ताकि पोषक तत्वों को रिसाइकिल कर सकें. भविष्य के प्रजनन के लिए ऊर्जा और ताकत जुटा सकें. वो सारे अंडे नहीं खाते. कुछ को खाते हैं. ताकि बचे हुए अंडों को विकसित करने में उनकी ज्यादा ऊर्जा न बर्बाद हो.
प्राकृतिक कारण... कई बार सांप के अंडों पर अन्य जीवों की नजर रहती है. या प्राकृतिक वजह से वो खराब होने वाले होते हैं. ऐसे में सांप के पास कोई विकल्प नहीं बचता. वो अपने अंडों को खाकर शिकारियों से संघर्ष की स्थिति को खत्म कर देता है. साथ ही अपनी ऊर्जा को बचा लेता है.
दबाव, तनाव और बेचैनी... जब भी सांप तनाव, गुस्से या बेचैनी में होता है. तब भी वह अपना अंडा या बच्चा खा सकता है. ये तनाव, दबाव और बेचैनी उन्हें अपने पर्यावरण, शिकारी या बंधक बनने की स्थिति में आता है.
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आनुवांशिक प्रवृतियां... सांपों की कुछ प्रजातियां ऐसी हैं, जिनके अंदर जेनेटिक बिहेवियर ही ऐसा है कि वो अपने अंडों और बच्चों को खाते हैं. ये उनके इवोल्यूशन में है. साथ ही वो इसे प्रजनन रणनीति के तौर पर भी लेते हैं. लेकिन यह जानना जरूरी है कि सारे सांप ऐसा नहीं करते.