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DRDO ने की परमाणु मिसाइल सागरिका की टेस्टिंग, जानिए इसकी ताकत

DRDO ने हाल ही मे पनडुब्बी से लॉन्च होने वाली K-15 Sagarika परमाणु बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया. परीक्षण में मिसाइल ने सफलतापूर्वक टारगेट को हिट किया. टेस्टिंग ओडिशा के समुद्री तट के पास स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से किया गया था. आइए जानते हैं इस मिसाइल की ताकत...

पनडुब्बी से निकल कर पानी के बाहर आकर एक बार और प्रोपेल करती है ये मिसाइल. (सभी फोटोः DRDO) पनडुब्बी से निकल कर पानी के बाहर आकर एक बार और प्रोपेल करती है ये मिसाइल. (सभी फोटोः DRDO)
ऋचीक मिश्रा
  • नई दिल्ली,
  • 03 जुलाई 2023,
  • अपडेटेड 2:32 PM IST

भारत की परमाणु मिसाइलों में से एक K-15 सागरिका मिसाइल का हाल ही में सफल परीक्षण किया गया. यह परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है. पनडुब्बी से दागी जाने वाली इस मिसाइल की रेंज 750-1500 किलोमीटर है. भारतीय सेना के पास इसके दो वैरिएंट्स मौजूद हैं. पहली जमीन से दागी जाने वाली मिसाइल. दूसरी पनडुब्बी से दागी जाती है. 

इसके अलावा दो वैरिएंट्स बनाए जा रहे हैं. फिलहाल इसका इस्तेमाल भारतीय नौसेना (Indian Navy) ही कर रही है. इसे डीआरडीओ ने डिजाइन किया है. जबकि भारत डायनेमिक्स लिमिटेड ने इसे बनाया है. इसकी गति इसे बेहद मारक बनाती है. यह 9260 किलोमीटर प्रतिघंटा की स्पीड से दुश्मन की ओर बढ़ती है. 

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इस मिसाइल का वजन 6-7 टन होता है. लंबाई 33 फीट और व्यास 2.4 फीट है. यह उच्च तीव्रता का विस्फोटक या परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है. इसका दूसरा खतरनाक जमीनी वर्जन है शौर्य. यह एक हाइपरसोनिक सतह से सतह पर मार करने वाली मीडियम रेंज बैलिस्टिक मिसाइल है. 

शौर्य यह पारंपरिक और परमाणु हथियार दोनों ले जा सकती है. यह 50 किलोमीटर की ऊंचाई तक जा सकती है. इसकी रेंज 700 से 1900 किलोमीटर है. इसकी गति 9,500 किलोमीटर प्रतिघंटा है. यह अपने साथ 200 से 1000 किलोग्राम वजन के हथियार ले जा सकती है. ये दोनों ही मिसाइलें भारत के इंडियन रीजनल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम पर चलती हैं. यानी दुश्मन को इनकी आने की जल्द पता नहीं चलेगा. 

आइए जानते हैं भारत की अन्य परमाणु मिसाइलों के बारे में... 

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पृथ्वी मिसाइल: भारतीय सेना के पास तीन वैरिएंट्स हैं. तीनों परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है. पृथ्वी सतह से सतह पर मार करने वाली टैक्टिकल बैलिस्टिक मिसाइल है. इसकी रेंज 150 किलोमीटर है. पृथ्वी-2 सतह से सतह पर मार करने वाले शॉर्ट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल (SRBM) है. इसकी रेंज 250 से 350 किलोमीटर है. पृथ्वी-3 सतह से सतह पर मार करने वाली शॉर्ट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल है. इसकी रेंज 350 से 750 किलोमीटर है. इन तीनों को इंटीग्रेटेड मिसाइल डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत बनाया गया है. तीनों भारतीय सेना के लिए तैनात हैं. तीनों मिसाइलें 500 किलोग्राम से 1000 किलोग्राम वजन के परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम हैं.

धनुष मिसाइल: धनुष मिसाइल असल में पृथ्वी-3 का नौसैनिक वर्जन है. इसे सतह से सतह या शिप से शिप पर मार करने के लिए भारतीय नौसेना ने विकसित कराया है. धनुष पारंपरिक या परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है. 350 किलोमीटर की रेंज में 1000 KG, 600 किमी की रेंज में 500KG और 750 किमी रेंज में 250 KG वजन का हथियार ले जाने में सक्षम है. पारंपरिक हथियारों में ब्लास्ट, फ्रैगमेंटेशन, थर्मोबेरिक वेपन आते हैं, जो अलग-अलग कामों के लिए उपयोग किए जाते हैं. 

अग्नि मिसाइल: भारतीय सेना की एक और खतरनाक बैलिस्टिक मिसाइल, जिसके सात छह वैरिएंट्स मौजूद हैं. सातवां तैयार हो रहा है. ये सभी वैरिएंट पारंपरिक या परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम हैं. रेंज के हिसाब से हथियार का वजन कम या ज्यादा किया जा सकता है. अग्नि-1 मीडियम रेंज की बैलिस्टिक मिसाइल (MRBM) है. इसकी रेंज 900 से 1200 किलोमीटर है. अग्नि-पी भी MRBM हैं जिसकी रेंज 1000 से 2000 किलोमीटर है. यह अभी तैयार की जा रही है. 

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अग्नि-2 भी इसी श्रेणी की मिसाइल हैं, लेकिन उसका रेंज 2000 से 3500 किलोमीटर है. अग्नि-3 इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल (IRBM) है. इसकी रेंज 3500 से 5000 किलोमीटर है. अग्नि-4 भी इसी श्रेणी की मिसाइल है. इसकी रेंज 4000 किलोमीटर है. अग्नि-5 इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) है, जिसकी रेंज 5500 किलोमीटर है. अग्नि-6 विकसित हो रही है. यह भी ICBM होगी. इसकी रेंज 12 से 16 हजार किलोमीटर होगी. अग्नि-पी और अग्नि-6 को छोड़कर सभी मिसाइलें सर्विस में हैं. 

ब्रह्मोस मिसाइल: ब्रह्मोस मिसाइल दुनिया की सबसे तेज उड़ने वाली सुपरसोनिक मिसाइल है. भारत में बनी इस मिसाइल के सात वैरिएंट मौजूद हैं. ये पारंपरिक और परमाणु हथियार दोनों से दुश्मन पर हमला कर सकती है. इन सबकी गति 3704 किलोमीटर प्रतिघंटा है. इनकी रेंज 290 से 600 किलोमीटर तक है. ये सभी मिसाइलें भारतीय थल सेना, वायु सेना और जल सेना में सर्विस दे रही हैं. सिर्फ ब्रह्मोस एनजी और ब्रह्मोस-2 अभी बन रहे हैं. ब्रह्मोस-2 हाइपरसोनिक मिसाइल होगी जिसकी रेंज 600 से 1000 किलोमीटर होगी. इसकी गति 9878 किलोमीटर प्रतिघंटा हो सकती है. 

निर्भय मिसाइल: लंबी दूरी की हर मौसम में मार करने वाली सबसोनिक क्रूज मिसाइल है. यह 200 से 300 किलोग्राम वजनी पारंपरिक और परमाणु हथियार ले जा सकती है. इसकी गति 864 से 1111 किलोमीटर प्रतिघंटा तक जा सकती है. इसका उपयोग सतह से सतह पर मार करने के लिए किया जाता है. इसकी रेंज 1500 किलोमीटर तक है. 

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NASM-SR Anti Ship Missile: यह एक नौसैनिक एंटी-शिप मिसाइल होगी. जिसे बनाए जाने की खबर है पर पुख्ता तौर पर कुछ भी नहीं है. इसे हेलिकॉप्टर से लॉन्च किया जाएगा. यह 100 किलोग्राम वजन का हथियार ले जा सकेगी. लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि पारंपरिक या परमाणु हथियार. ऑपरेशनल रेंज 5 से 55 किलोमीटर मानी जा रही है. गति भी 1000 किलोमीटर प्रतिघंटा से कम होगी. 

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