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नेपाल के गोत्री-बजुरा के पास था भूकंप का केंद्र, यहां तक हुआ असर

24 जनवरी 2023 की दोपहर करीब ढाई बजे दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत, चीन और नेपाल भूकंप से कांप गए. भूकंप का केंद्र नेपाल के गोत्री-बजुरा के आसपास था. इसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.8 थी. गहराई 10 किलोमीटर थी. भूकंप की वजह से पूरा उत्तर भारत हिल गया.

NSC के मुताबिक नेपाल के उत्तर-पश्चिमी इलाके में 5.8 तीव्रता का भूकंप आया है. NSC के मुताबिक नेपाल के उत्तर-पश्चिमी इलाके में 5.8 तीव्रता का भूकंप आया है.
ऋचीक मिश्रा
  • नई दिल्ली,
  • 24 जनवरी 2023,
  • अपडेटेड 3:23 PM IST

उत्तराखंड के पास नेपाल के दिपायल सिलगढ़ी के पास स्थित है गोत्री-बजुरा इलाका. यहां पर मंगलवार यानी 24 जनवरी 2023 को 5.8 तीव्रता का भूकंप आया. भूकंप का झटका इतना तेज था कि दिल्ली-NCR के साथ-साथ उत्तर-भारत कांप गया. इसके असर चीन के शिक्वान्हे समेत दक्षिण-पश्चिम इलाके तक देखने को मिला है. यह बहुत सामान्य प्रक्रिया है कि जब भी नेपाल में भूकंप आता है तो भारत की जमीन हिल जाती है. वजह पड़ोसी हिमालयी देश और उसके नीचे मौजूद दो टेक्टोनिक प्लेटों में हुई हलचल.

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इससे पहले 8 नवंबर 2022 की रात करीब 1:57 बजे भी एक भूकंप आया था. जिसकी तीव्रता 6.3 थी. गहराई जमीन से 10 किलोमीटर नीचे. आज जो भूकंप आया उसकी गहराई भी जमीन में 10 किलोमीटर नीचे थी. अब तक जानमाल के नुकसान की कोई खबर तो नहीं आई है लेकिन जिस तरह से जमीन हिली, लोग दफ्तरों, घरों से बाहर निकल खुली जगहों पर आ गए थे.   

पिछले साल यानी 2022 नेपाल में कुल 28 भूकंप आए हैं. जिनमें 8 नवंबर को आया भूकंप सबसे तीव्र था. नेपाल में  छोटे-मोटे भूकंप तो आते रहते हैं. उनसे घबराने की जरुरत भी नहीं होती. क्योंकि धरती के टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल, टकराहट और घर्षण से बनने वाला प्रेशर इन छोटे-मोटे भूकंपों के जरिए निकलता रहता है. लेकिन प्रेशर कई दिनों या महीनों तक बनता रहे तो बड़े भूकंप की आशंका होती है. जैसे इस बार आए भूकंप की तीव्रता थी. 

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नेपाल के भूकंपों से हिल जाती है भारत की धरती

नेपाल में साल 2022 में सबसे कम तीव्रता का भूंकप 2.3 का था. यह 25 जून 2022 को आया था. इसके बाद 2.6 तीव्रता का भूकंप 26 अगस्त 2022 को आया था. अब इसके बाद रिक्टर पैमाने पर 3 से 4 की तीव्रता के बीच आए 12 भूकंप आए. ये सभी अलग-अलग महीनों में आए. इनमें से पांच भूकंपों का केंद्र चीन के शिजांग इलाके में था. लेकिन काठमांडू से बहुत दूर नहीं है. इसलिए नेपाल में इसका असर महसूस हुआ लेकिन बेहद हल्का. 

4 से 5 तीव्रता के 11 भूकंप आए थे नेपाल में

4 से 5 तीव्रता के बीच 11 भूकंप आए. लेकिन इनसे भी घबराने की कोई जरुरत नहीं थी. इससे पहले जो भूकंप डराने वाली तीव्रता के साथ आया था, वह 31 जुलाई 2022 को आया. जिसका केंद्र काठमांडू से 147 किलोमीटर दूर पूर्व-दक्षिण-पूर्व दिशा में था. इसकी गहराई भी 10 किलोमीटर थी. फिर 5.1 तीव्रता का भूकंप 19 अक्टूबर 2022 को आया. काठमांडू से 53 किलोमीटर पूर्व में इसका केंद्र था. गहराई वही 10 किलोमीटर थी. यानी 5 से 6 तीव्रता के बीच 2 बड़े भूकंप आए. 

भारत और चीन की टेक्टोनिक प्लेटों की टक्कर का असर

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अब जो भूकंप आया है, वो नेपाल में इस साल आया सबसे ज्यादा तीव्रता वाला भूकंप है. नेपाल, चीन समेत आसपास के कई देशों को एशियन टेक्टोनिक प्लेट और इंडियन प्लेट के ऊपर मापा जाता है. इसलिए इन इलाकों में आए भूकंपों को इंडियन रीजन के भूकंपों से जाना जाता है. इससे पहले नेपाल में 12 अप्रैल 2015 और 12 मई 2015 को 7.8 और 7.3 तीव्रता के भयानक भूकंप आए थे. जिसकी वजह से 9 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी. 25 हजार से ज्यादा लोग जख्मी हो गए थे. 

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