
अमेरिका इस बार जो झुलसा देने वाली गर्मी झेल रहा है, ये देश भर में भीषण गर्मी यानी 'एक्सट्रीम हीट बेल्ट' की शुरुआत भर हो सकती है.
जलवायु-जोखिम पर रिसर्च करने वाली गैर-लाभकारी संस्था फर्स्ट स्ट्रीट फाउंडेशन के सीईओ मैथ्यू एबी (Matthew Eby) का कहना है कि अगर लोगों को लगता है कि यह गर्मी थी, तो ये उनके जीवन की बेहतर गर्मियों में से एक होने जा रही है.
इस फाउंडेशन ने हाल ही में एक डरा जदेने वाली हीट रिपोर्ट जारी की है. इसमें पियर रिव्यू की मदद से छह साल के अमेरिकी सरकार के सैटेलाइट डेटा का आकलन और आने वाले समय में भीषण गर्मी के जोखिम बताए गए हैं. इसमें वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि आने वाले दशकों में आम तौर पर तेज गर्मी ही रहेगी, गर्मी अपने चरम पर होगी और लंबे समय तक चलेगी.
पारा 51ºC के पार जाने का अनुमान
रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि अगले साल 80 लाख अमेरिकियों को कम से कम एक दिन के लिए 125 डिग्री फ़ारेनहाइट (51.66 डिग्री सेल्सियस) तापमान झेलना पड़ सकता है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 2053 तक, अमेरिकियों का यह आंकड़ा बढ़कर 10.7 करोड़ हो जाएगा- यानी सिर्फ 30 सालों में 13 गुना ज्यादा लोग.
यह वर्तमान आबादी का करीब एक-तिहाई है, जो अमेरिका के एक-चौथाई हिस्से को कवर करता है, जैसा कि नीचे दिए गए मैप में दिखाया गया है.
ज्यादातर ये भीषण गर्मी, देश के केंद्र में होने की उम्मीद है, यानी टेक्सास और लुइसियाना खाड़ी तट से शिकागो तक. यह वो इलाका है जिसे फर्स्ट स्ट्रीट फाउंडेशन ने 'Extreme heat belt' कहा है.
रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व के खास हिस्सों में भी 2053 में पारा एक दिन से ज्यादा 51 डिग्री सेल्सियस से ऊपर हो सकता है. इतनी गर्मी में अक्सर इन्फ्रास्ट्रक्चर खराब हो जाता है. सड़कें उखड़ जाती हैं, रेल की पटरियां झुक जाती हैं और रेल पटरी से उतर सकती हैं और हवाई अड्डे के टरमैक पिघल सकते हैं और फ्लाइट को टेकऑफ़ से रोक सकते हैं. इतनी गर्मी में कई बार बिजली भी चली जाती है.
ज्यादा गर्मी, ज्यादा हीट वेव्स
51 डिग्री सेल्सियस तो चिंता वाली बात है ही, लेकिन 37 डिग्री से ऊपर का तापमान भी खतरनाक हो सकता है. रिपोर्ट में देश भर में बहुत ज्यादा हीट वेव्स का अनुमान लगाया गया है. जिसमें पैसिफिक नॉर्थवेस्ट समेत उत्तरी इलाकों में हीट वेव्स में काफी वृद्धि हुई है, जो अत्यधिक गर्मी के आदी नहीं हैं.
अगर दुनिया जल्द ही कार्बन उत्सर्जन में कटौती नहीं करती है तो आने वाले समय में ये भीषण गर्मी और भी बदतर हो सकती है.
फाउंडेशन का डेटा riskfactor.com पर उपलब्ध है, जहां पिछला डेटा, वर्तमान डेटा और आने वाले समय के जोखिमों के बारे में जानकारी मिल सकती है.