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अंतरिक्ष में सबसे दूर मौजूद तारा मिला... Hubble ने 1280 करोड़ प्रकाश वर्ष दूर से ली फोटो

अंतरिक्ष में सबसे दूर मौजूद तारे को नासा के हबल स्पेस टेलिस्कोप ने खोज लिया है. इसकी दूरी 1280 करोड़ प्रकाश वर्ष है. यह एक तरह का नया रिकॉर्ड है. इससे पहले इतनी दूर कोई तारा नहीं खोजा गया था.

NASA के Hubble स्पेस टेलिस्कोप ने ली सबसे दूर मौजूद तारे की तस्वीर. यहां जूम करके दिखाया गया है. (फोटोः NASA) NASA के Hubble स्पेस टेलिस्कोप ने ली सबसे दूर मौजूद तारे की तस्वीर. यहां जूम करके दिखाया गया है. (फोटोः NASA)
aajtak.in
  • मैरीलैंड,
  • 03 अप्रैल 2022,
  • अपडेटेड 12:15 PM IST
  • Big Bang के 90 करोड़ साल बाद बना था!
  • रोशनी की स्टडी से किए जाएंगे और नए खुलासे
  • सनराइज आर्क नाम की आकाशगंगा में मौजूद

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) के हबल स्पेस टेलिस्कोप (Hubble Space Telescope) ने अंतरिक्ष में सबसे दूर स्थित तारे (Farthest Star) को खोज लिया है. इसकी दूरी 1280 करोड़ प्रकाश वर्ष दूर है. सबसे दूर मौजूद तारे का यह नया रिकॉर्ड है. इससे पहले जो सबसे दूर मौजूद तारा था, उसकी दूरी 900 करोड़ प्रकाश वर्ष थी. 

इसका मतलब ये है कि इस खबर में दिखाई गई नासा की तस्वीरों में जिस तारे की तरफ फोकस किया गया है, वह बिग बैंग (Big Bang) होने के 90 करोड़ साल बाद बना था. क्योंकि प्रकाश पूरे अंतरिक्ष में यात्रा करती है. अगर प्रकाश की दूरी इतनी ज्यादा है, तो इसका मतलब यह तारा उतने साल पहले बना था. और उसकी दूरी भी उतनी ही है. 

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Hubble Space Telescope ने अंतरिक्ष के इस हिस्से की तस्वीर ली थी. (फोटोः NASA)

ग्रैविटेशनल लेंसिंग तकनीक से खोजा तारा

मैरीलैंड स्थित जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के ब्रायन वेल्श और उनकी टीम ने हबल स्पेस टेलिस्कोप की मदद से इस तारे की खोज की है. इन्होंने जिस प्रक्रिया से इस तारे को खोजा है, उसे ग्रैविटेशनल लेंसिंग (Gravitational Lensing) कहते हैं. इसमें आसपास की आकाशगंगाओं और उनके गुच्छों में मौजूद तारों की निकलती रोशनी को मैग्नीफाई करके उनकी दूरी का अंदाजा लगाया जाता है. उनके बारे में ज्यादा जानकारी जुटाई जाती है. क्योंकि अलग-अलग रंग के प्रकाश अलग-अलग वातावरण, रसायनिक प्रक्रियाओं और खनिजों आदि की जानकारी देते हैं. 

Earendel तारा सनराइज आर्क नाम की गैलेक्सी में मौजूद है. (फोटोः NASA)

नए तारे का नाम है एरेनडेल (Earendel)

सबसे दूर स्थित तारे को नाम दिया गया है एरेनडेल (Earendel). यानी सुबह का तारा या उगती रोशनी. यह शब्द एंग्लो-सैक्सोन भाषा से लिया गया है. यह जिस आकाशगंगा में मौजूद है उसे सनराइज आर्क (Sunrise Arc) नाम दिया गया है. 

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NASA’s Hubble Space Telescope has established an extraordinary new benchmark: detecting the light of a star that existed within the first billion years after the universe’s birth in the big bang – the farthest individual star ever seen to date. More: https://t.co/DcoI5vLMFK pic.twitter.com/xNx5pDpVOT

— NASA 360 (@NASA360) April 2, 2022

लगातार फैल रहा है अंतरिक्ष

ब्रायन वेल्श कहते हैं कि यह बात प्रमाणित है कि अंतरिक्ष लगातार फैल रहा है. इसलिए एरेनडेल से धरती तक प्रकाश को आने में 1280 करोड़ प्रकाश वर्ष लग जाते हैं. इन तारों को देखने से लगता है कि हमारा ब्रह्मांड (Universe) अभी जिस तरह का है, वैसा पहले नहीं था. फिलहाल एरेनडेल की स्टडी चल रही है. इसके आकार और व्यवहार का अध्ययन किया जा रहा है. ऐसी उम्मीद है कि यह एक बेहद बड़ा तारा है. इस खोज को जेम्स वेब स्पेस टेलिस्कोप (James Webb Space Telescope) से भी पुख्ता किया गया है.  

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