
यूरोप का एक चिड़ियाघर. लोग जानवरों को देखने आए थे. यहां पर ऐसा नजारा देखने को मिला, जो दिल दहला देने वाला था. एक बंदरिया ने अपने ही बच्चे के शव को खाना शुरू कर दिया. हालांकि, ऐसा होता नहीं है. ये हरकत सिर्फ एक-दो प्रजाति के वानर ही करते हैं. ऐसे वानर यानी बंदर दुनिया में कम हैं, जो अपने ही बच्चे के शव को खाते हों.
बच्चे को खाने के पीछे की वजह आपको बेहद अजीब लगेगी. साथ ही साइंटिफिकली सही भी. इससे पहले अगस्त 2020 की एक घटना बताते हैं. चेक गणराज्य के ड्वुर क्रालोव सफारी पार्क में ऐसा ही नजारा दिखा था. कुमासी नाम की बंदरिया अपने मृत बच्चे के शव को लेकर एक दिन तक घूमती रही. प्रयास करती रही कि वो जिंदा हो जाए.
मृत जीव कहां उठते हैं? कुमासी बंदरिया ड्रिल (Mandrillus leucophaeus) प्रजाति से है. आमतौर इस प्रजाति के बंदर अपने कुनबे के मृत बंदरों के शव को नहीं खाते. कुमासी ने जब अपने बच्चे को खाया तो यह हैरान करने वाला नजारा था. बेहद दुर्लभ. दूसरे दिन ही उसने अपने बच्चे के शव के ज्यादातर हिस्सा नोंच-नोंचकर खा लिया. इस समय उसके पिंजड़े में मौजूद अन्य बंदरों ने ऐसा कुछ नहीं किया.
बंदरिया मानने को तैयार नहीं कि बच्चा मर गया
इटली के पीसा यूनिवर्सिटी में प्राइमेट जीवविज्ञानी एलिजाबेथ पलागी ने बताया कि कुमासी ने बच्चे की मौत के बाद उसकी शव को अपने करीब रखा ताकि चिड़ियाघर के कर्मचारी और जांचकर्ता उसे हाथ न लगाएं. कुमासी यह मानने को तैयार ही नहीं थी कि उसका बच्चा मर चुका हैं. वह लगातार उस लाश को अपनी आंखों के सामने रखती है.
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आंखों-शरीर के हलचल से पता करते हैं जीवन
बंदर या कोई भी जीव बच्चे की आंखों की मूवमेंट से पता करते हैं कि बच्चा जिंदा है या नहीं. समय बीतता गया. आंखों में या शरीर में कोई हलचल नहीं. फिर उसने शव को घसीटकर पार्क के चारों तरफ फेंकना शुरू किया. लेकिन इसके पीछे की वजह समझ नहीं आ रही थी कि कुमासी ऐसा क्यों कर रही है.
दोबारा एनर्जी हासिल करने के लिए खाया शव
वैज्ञानिकों का कहना है कि बंदरिया अपने ही बच्चे को खाकर गर्भावस्था के बाद खत्म हुई ऊर्जा को दोबारा हासिल करती है. ताकि वह फिर से मां बनने की प्रक्रिया को पूरा कर सके. इसलिए उसने बच्चे के शव को किसी और बंदर के साथ बांटा नहीं. क्योंकि उसे पोषक तत्वों की जरुरत थी.
2019 कोस्टा रिका के में भी ऐसी ही घटना सामने आई थी, जहां सफेद चेहरे वाले कैपुचिन बंदरिया ने अपने ही बच्चे को खाया था. जो एक पेड़ से गिरने पर मर गया था. हालांकि उसे खाने में पूरा समूह शामिल था. कैपुचिन बंदर आमतौर पर छोटे-मोटे कीड़े-मकौड़े या फल-पत्ते खाते हैं. लेकिन अपने ही बच्चे का मांस खाना कैनिबलिज्म है. यानी अपनी ही प्रजाति के जीवों का भोजन करना. पिछले कुछ सालों से इस तरह की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं.