
नासा (NASA) ने 27 सितंबर 2022 की सुबह 4.45 बजे डाइमॉरफोस (Dimorphos) से अपना स्पेसक्राफ्ट DART Mission टकरा दिया. टकराव की तस्वीरें लेने के लिए डार्ट मिशन के साथ-साथ इटली के LICIACube सैटेलाइट को लॉन्च किया गया था. लिसिया क्यूब ने डार्ट मिशन के टक्कर की शानदार तस्वीरें ली हैं.
इन तस्वीरों से स्पष्ट तौर पर दिखाई दे रहा है कि कितनी ज्यादा मात्रा में रोशनी पैदा हुई. एस्टेरॉयड से अंतरिक्ष में कितनी धूल और मिट्टी निकली. साथ ही स्पेसक्राफ्ट के हिस्से भी. यह रोशनी इतनी ज्यादा थी कि डिडिमोस (Didymos) एस्टेरॉयड भी चमक गया. अंतरिक्ष में धूल और रोशनी का गुबार फैल गया था.
इटली के एस्ट्रोनॉमर जियानलूका मासी ने कहा कि वो डबल एस्टेरॉयड रीडायरेक्शन टेस्ट (Double Asteroid Redirection Test - DART) मिशन को वर्चुअल टेलिस्कोप प्रोजेक्ट की मदद से देख रहे थे. डार्ट ने जब डिडिमोस के चारों तरफ चक्कर लगा रहे डाइमॉरफोस को टक्कर मारी तो अंतरिक्ष में तेज रोशनी और गुबार निकला. डाइमॉरफोस और डिडिमोस अपनी चमक से तीन गुना ज्यादा चमकने लगे थे.
जियानलूका मासी ने अपने 12 इंच के टेलिस्कोप से यह नजारा दक्षिण अफ्रीका स्थित क्लीन कारू ऑब्जरवेटरी से देखा. आप अगर इन तस्वीरों को ध्यान से देखेंगे तो आपको पता चलेगा कि लिसिया क्यूब सैटेलाइट ने दूर से ही सही लेकिन अच्छी तस्वीरें ली हैं. बताया जा रहा था कि नासा के James Webb Space Telescope को भी यह नजारा देखने के लिए तैनात किया गया था. लेकिन अभी तक उसकी तस्वीरें नहीं आई हैं.
10 महीने पहले डार्ट मिशन को लॉन्च किया गया था. 27 सितंबर 2022 को डार्ट मिशन पृथ्वी से 1.10 करोड़ KM दूर डाइमॉरफोस से टकराया. अगर कोई एस्टेरॉयड धरती से 80 लाख किलोमीटर दूरी की रेंज में है तो उसे पोटेंशियली हजार्ड्स ऑब्जेक्ट्स (PHO) कहते हैं. अगर ये 100 से 165 फीट व्यास या इससे बड़े हैं और सूरज की कक्षा में चक्कर लगा रहे हैं, तो नासा और दुनिया भर के वैज्ञानिक नजर रखते हैं.
इन एस्टेरॉयड्स को नीयर अर्थ ऑब्जेक्ट्स (NEO's) कहते हैं. इन पर नासा का सेंटर फॉर नीयर अर्थ ऑब्जेक्ट्स स्टडीज (CNEOS) स्टडी करता रहता है. वैज्ञानिक यह देखते हैं कि कोई नीयर अर्थ ऑब्जेक्ट पृथ्वी की दिशा में तो नहीं आ रहा है. अगर उससे खतरा लगता है तो उसकी दिशा बदलने की कोशिश भविष्य में की जाएगी.
डार्ट मिशन स्पेसक्राफ्ट का वजन 550 KG है. वह 22 हजार KM प्रतिघंटा की गति डाइमॉरफोस से टकराया. डाइमॉरफोस (Dimorphos) पर डार्ट मिशन टकराने के बाद एक गड्ढा बना होगा. जिससे 10 बिलियन जूल्स काइनेटिक ऊर्जा निकली होगी. गड्ढा बनने के बाद उस पत्थर में टूट-फूट हुई होगी. स्पेसक्राफ्ट भी चकनाचूर हो गया होगा. माना जा रहा है कि स्पेसक्राफ्ट के वजन से 10 से 100 गुना ज्यादा वजनी मलबा डाइमॉरफोस से निकला होगा.