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भारत के पहले स्वदेशी अटैक हेलिकॉप्टर Rudra के हथियारों का किया गया परीक्षण, Video में देखिए ताकत...

भारत के पहले स्वदेशी अटैक हेलिकॉप्टर में नई जेनरेशन के रॉकेट्स और टरेट एम्यूनिशन लगे हैं. भारतीय सेना के स्पीयरकॉर्प्स ने हाल में इन हथियारों का परीक्षण किया. यह हेलिकॉप्टर मैदानी, जंगली इलाकों में तो हमला कर ही सकता है. इसकी खासियत है कि ये हिमालय की ऊंचाइयों पर भी शानदार प्रदर्शन करता है. आइए जानते हैं इसकी ताकत...

भारतीय सेना के अटैक हेलिकॉप्टर रुद्र के हथियारों का हाल ही में परीक्षण किया गया. भारतीय सेना के अटैक हेलिकॉप्टर रुद्र के हथियारों का हाल ही में परीक्षण किया गया.
आजतक साइंस डेस्क
  • नई दिल्ली,
  • 06 नवंबर 2023,
  • अपडेटेड 4:10 PM IST

भारत की दो सेनाओं के पास देश का पहला स्वदेशी हेलिकॉप्टर रुद्र (Rudra) है. हाल ही में भारतीय सेना (Indian Army) के स्पीयर कॉर्प्स ने इस हेलिकॉप्टर में लगे नए जेनरेशन के हथियारों का परीक्षण किया. सभी हथियारों से सफलतापूर्वक सटीकता से निशाना लगाया. 

यहां नीचे दिए गए Video में आप इस हेलिकॉप्टर की ताकत और क्षमता देख सकते हैं.... 

भारतीय सेना के पास 75 और वायुसेना के पास 16 रुद्र हेलिकॉप्टर हैं. यह एक हथियारबंद यूटिलिटी हेलिकॉप्टर है. इसे दो पायलट उड़ाते हैं. 12 जवान बैठ सकते हैं. 52.1 फीट लंबा, 10.4 फीट चौड़ा और 16.4 फीट ऊंचा रुद्र 280 किमी प्रतिघंटा की अधिकतम गति से उड़ सकता है. 

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48 लेजर गाइडेड और 8 ध्रुवास्त्र मिसाइलों से लैस

इसकी उड़ान रेंज 590 किमी. अधिकतम 20 हजार फीट की ऊंचाई तक जा सकता है. इसमें 20 मिमी की एक एम621 कैनन, 4 मिस्ट्रल रॉकेट्स, 48 FZ275 LGR मिसाइल, 8 ध्रुवास्त्र मिसाइल तैनात किए जा सकते हैं. असल में यह ALH यानी एडवांस लाइट हेलिकॉप्टर है. 

इस कैटेगरी में भारत के पास हैं चार हेलिकॉप्टर

इस कैटेगरी में चार हेलिकॉप्टर आते हैं. ये हैं- रुद्र, ध्रुव, लाइट यूटिलिटी हेलिकॉप्टर और प्रचंड. इसमें प्रचंड पूरी तरह से हमलावर हेलिकॉप्टर है. जबकि रुद्र और ध्रुव का इस्तेमाल युद्ध और बचावकार्यों में भी कर सकते हैं. लाइट यूटिलिटी हेलिकॉप्टर का मतलब है सिर्फ जवान या सामान ढोने के लिए इस्तेमाल होने वाला हेलिकॉप्टर. 

दो वैरिएंट्स, पहला जासूस- दूसरा हमलावर

रुद्र हेलिकॉप्टर के दो वैरिएंट हैं. मार्क-3 और मार्क 4. रुद्र के मार्क-3 वैरिएंट में इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर, काउंटरमेंजर्स, सेंसर्स और टारगेटिंग सिस्टम इंस्टॉल किए गए थे. लेकिन इसमें हथियार नहीं है. यानी यह सिर्फ निगरानी, जासूसी करने के लिए है. ऊंचाई वाले इलाको में सेना की जरुरत के मुताबिक दुश्मनों और उनके हथियारों खोजबीन करने के लिए. 

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मार्क-4 वैरिएंट में फ्रेंच नेक्स्टर 20 मिलिमीटर की टरेट गन, 70 मिलिमीटर की बेल्जियन रॉकेट्स, हवा से हवा और हवा से  जमीन पर हमला करने वाली MBDA मिसाइलें और हेलिना एंटी-टैंक मिसाइल लगाई गई हैं. यह क्लोज एयर सपोर्ट और ऊंचाई वाले इलाकों पर स्ट्राइक करने के लिए तैयार किया गया है.  

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