
चीन के मौसम विभाग ने रविवार यानी 18 फरवरी 2024 को तीन अलग-अलग अलर्ट जारी किए. तीनों एक के बाद एक करके. पहला तेजी से तापमान गिरने का. दूसरा भयानक बर्फबारी का और तीसरा रेतीले तूफान का. इस समय चीन में नए साल का त्योहार चल रहा है. लोग अपने घरों की ओर रवाना हुए हैं. यात्रियों को सतर्क रहने को कहा गया है.
चीन के नेशनल मेटियोरोलॉजिकल सेंटर ने कहा कि भयानक सर्दी पड़ने वाली है. इसके लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. यह दूसरे स्तर का सबसे खतरनाक अलर्ट है. तापमान में भारी गिरावट हुई है. आगे भी होगी. कम से कम 8 से 12 डिग्री सेल्सियस की गिरावट होगी. खासतौर से उत्तर चीन, इनर मंगोलिया, उत्तर-पूर्वी चीन और कुछ हिस्सा मध्य भाग का. जैसे- हुबेई और हूनान प्रांत में भयानक बर्फबारी और कम तापमान की मार झेलनी पड़ेगी.
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इस सर्दी भरे मौसम में बुरी हालत तब हो गई जब रेतीला तूफान आया. तेज हवा के साथ चलने वाला रेतीला तूफान. हवा इतनी ज्यादा तेज थी कि लोग सड़कों पर गिर पड़ रहे थे. हवा उन्हें उठाकर दूर फेंक दे रही थी. इसके वीडियो सोशल मीडिया पर काफी ज्यादा वायरल हो रहे हैं. उत्तरपश्चिमी राज्य शिनजियांग में रेतीले तूफान ने आफत ला दी.
तापमान तेजी से गिरकर माइनस 52 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया
इसका असर गांसू, क्विनघाई और शिजाग ऑटोनॉमर रीजन पर भी पड़ा. शिनजियांग में वैसे ही तापमान बेहद कम चल रहा है. अल्टे नाम के जगह पर तापमान में 30 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हुई. तापमान माइनस 52.3 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया. यह 21 जनवरी 1960 के बाद शिनजियांग का सबसे कम तापमान है. यह एक नया रिकॉर्ड है.
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हजारों पर्यटक फंसे, इमरजेंसी सर्विस ने होटलों में रुकवाया
गांसू प्रांत के जियुकुआन शहर में 40 हजार से ज्यादा पर्यटक ट्रैंफिक कंट्रोल न होने की वजह से फंस गए. उन्हें बर्फीले तूफान, रेतीले तूफान, तेज और सूखी हवा का सामना करना पड़ा. हाइवे और एक्सप्रेसवे पर लोगों को जाने से मना किया गया. लेकिन चीन की सरकार को 42,929 लोगों को बचाने के लिए इमरजेंसी सर्विसेस शुरू करनी पड़ीं.
गुआझोउ में भी 25 हजार पर्यटक फंस गए. उन्हें भी सुरक्षित तरीके से निकाला गया. इन लोगों को स्थानीय होटल्स में ठहराया गया है. करीब 6 हजार बेड्स की व्यवस्था होटल्स में की गई है. 1700 बेड्स की व्यवस्था स्थानी स्कूलों में की गई है. ताकि फंसे हुए पर्यटकों को मौसम सही होने के बाद उनके स्थानों पर वापस भेजा जा सके.
अभी और खतरनाक हो सकता है मौसम, वैज्ञानिकों की चेतावनी
वैज्ञानिकों ने बताया कि चीन में इस तरह का अजीब मौसम वजह कई स्तर के वायुमंडलीय बदलाव की वजह से हुआ है. उत्तर-पश्चिम में रेतीला तूफान है. उत्तर-पूर्व में भयानक बर्फबारी. अगले एक हफ्ते तक ऐसा ही मौसम रहने की आशंका जताई गई है. इस तरह के चरम मौसम (Extreme Weather) की भी संभावना है.