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केवल लाल नहीं इन 4 रंगों का होता है खून, जानिए इंसान और जानवरों के Blood में अंतर?

इंसान और जानवरों के खून में क्या अंतर होता है? क्यों दोनों का खून एकदूसरे को नहीं चढ़ाते? क्या सभी जीवों के खून का रंग लाल होता है? नहीं खून के कई रंग होते हैं. अलग-अलग रंग के खून अलग-अलग जीवों में पाए जाते हैं. हर खून की अलग खासियत होती है. आइए जानते हैं खून की कहानी...

इंसानों का खून लाल होता है लेकिन कई अन्य जीवों के खून का रंग अलग-अलग होता है. (फोटोः गेटी) इंसानों का खून लाल होता है लेकिन कई अन्य जीवों के खून का रंग अलग-अलग होता है. (फोटोः गेटी)
ऋचीक मिश्रा
  • नई दिल्ली,
  • 15 सितंबर 2022,
  • अपडेटेड 2:38 PM IST

खून (Blood) सिर्फ लाल नहीं होता. या यूं कहें जरूरी नहीं कि खून का रंग लाल हो. उसके कई रंग हो सकते हैं. जैसे- नीला खून (Blue Blood), हरा खून (Green Blood) और बैंगनी (Violet Blood). हर रंग का खून अलग-अलग काम के लिए होता है. अलग-अलग जीवों में बहता है. जरूरी नहीं कि जिस रंग का खून इंसान के शरीर में बहता है, वही ऑक्टोपस के शरीर में बहे. सबसे पहले जरूरी है खून की केमिस्ट्री को समझना. 

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इंसानों के खून का रंग हीमोग्लोबिन आयरन और ऑक्सीजन के मिलने की वजह से लाल दिखता है. (फोटोः गेटी)

लाल खून (Red Blood) किन जीवों में पाया जाता है?

लाल खून इंसानों के अलावा अधिकतर कशेरुकीय (Vertebrates) में पाया जाता है. इस खून का रासायनिक मिश्रण कहलाता है हीमोग्लोबिन (Haemoglobin). हीमोग्लोबिन एक तरह का प्रोटीन होता है, जो खून में बहता है. इसकी सबयूनिट होती है हैम (Haem). हैम में काफी ज्यादा मात्रा में लोहा (Iron) पाया जाता है. लोहे की वजह से बनने वाली रासायनिक आकृति ही इसे लाल रंग देती है. वह भी तब जब वह ऑक्सीजन से मिलती है. डीऑक्सीजेनेटेड खून का रंग गहरे लाल रंग का होता है. न कि नीला. 

ऑक्टोपस और स्क्विड जैसे जीवों के खून का रंग नीला होता है, लेकिन कमाल यहां भी ऑक्सीजन का ही है. (फोटोः गेटी)

नीला खून (Blue Blood) वाले जीव और उसकी केमिस्ट्री

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नीला खून आमतौर पर समुद्री जीवों में पाया जाता है. जैसे- ऑक्टोपस, स्क्विड, मोलस्क, क्रस्टेशियन और मकड़ियों में. नीले की खून की वजह होती है हीमोसाइनिन (Haemocyanin). हीमोग्लोबिन खून की लाल रक्त कणिकाओं (Red Blood Cells) के साथ चिपका रहता है. लेकिन हीमोसाइनिन खून में फ्री होकर बहता है. हीमोसाइनिन में लोहे के बजाय कॉपर (Copper) यानी तांबा होता है. असल में यह खून बिना किसी रंग का होता है. लेकिन जब इसमें ऑक्सीजन मिलता है, तब यह तांबे के प्रभाव से नीले रंग का हो जाता है. 

जमीनी केंचुएं जैसे जीवों का रंग ऑक्सीजन के मिलने पर हरा हो जाता है. (फोटोः गेटी)

हरे खून (Green Blood) वाले जीव फोटोसिंथेसिस नहीं करते

हरा खून ऐसे जीवों के शरीर में घूमता है, जो बेहद छोटे होते है. जैसे टुकड़ों में बंटे शरीर वाले वॉर्म, केंचुएं, जोंक और समुद्री केचुएं. इनके खून में पाया जाता है क्लोरोक्रूओरिन (Chlorocruorin). रासायनिक तौर पर यह हीमोग्लोबिन से मिलता जुलता है. कुछ जीवों की प्रजातियों के हीमोग्लोबिन और क्लोरोक्रूओरिन दोनों ही पाया जाता है. जब तक ऑक्सीजन नहीं मिलता ये हल्के हरे रंग का दिखता है. जैसे ही ऑक्सीजन मिलता है इसका रंग गहरा हरा हो जाता है. अगर ज्यादा ऑक्सीजन मिलता है तो इसका हल्का लाल हो जाता है. 

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पीनट वॉर्म और पेनिस वॉर्म जैसे समुद्री केंचुओं का रंग बैंगनी-गुलाबी होता है. (फोटोः गेटी)

बैंगनी खून (Violet Blood) 

बैंगनी खून समुद्री केंचुओं में पाया जाता है. जैसे पीनट वॉर्म, पेनिस वॉर्म और ब्राचियोपोड्स (Brachiopods). इनके खून में हेमीइरीथ्रिन (Haemerythrin) पाया जाता है. हीमोग्लोबिन की तुलना में हेमीइरीथ्रिन सिर्फ एक चौथाई ऑक्सीजन की सप्लाई कर पाता है. जब तक ऑक्सीजन नहीं मिलता तब तक हेमीइरीथ्रिन रंगहीन होता है. ऑक्सीजन मिलते ही इसका बैंगनी-गुलाबी रंग का हो जाता है. 

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