
अमेरिका के कृषि विभाग ने हाल ही में बैंगनी टमाटर (Purple Tomato) बेचने की अनुमति दी है. अगले साल ये अमेरिकी सब्जी मार्केट में बिकने भी लगेगा. लाल और कभी-कभी पीले टमाटर खाकर अगर आपका मन ऊब गया हो तो बैंगनी टमाटर ट्राई किया जा सकता है. क्योंकि वैज्ञानिकों का दावा है कि इसमें साधारण टमाटर से ज्यादा एंटीऑक्सीडेंट्स (Antioxidants) हैं. कैंसर से लड़ने की क्षमता है. साथ ही शरीर में कहीं भी सूजन या दर्द हो, उसे कम करने की ताकत भी. इसके पैदा होने की कहानी भी जान लीजिए...
साल 2004. महीना दिसंबर का. जब प्लांट साइंटिस्ट कैथी मार्टिन (Cathie Martin) अपने ग्रीनहाउस में गईं और अपने टमाटर देखने लगीं. छोटे टमाटर थे. अंगूठे के आकार के और हरे ही थे. इन छोटे टमाटरों की उपयोग रिसर्च लैब्स में बहुत होता है. आमतौर पर पकने पर लाल हो जाते हैं. लेकिन जब कैथी मार्टिन क्रिसमस के बाद ग्रीनहाउस आईं तो टमाटर बैंगनी होने लगे थे. उन्हें पहले से इस बात की उम्मीद थी.
इंग्लैंड के जॉन इन्स सेंटर (John Innnes Centre) में कैथी और उनके साथी ऐसा टमाटर बनाने का प्रयास कर रहे थे, जिसमें एंथोसायनिन (Anthocyanin) की मात्रा ज्यादा हो. यह एक उच्च स्तर का एंटीऑक्सीडेंट हैं जो आमतौर पर ब्लैकबेरी (Blackberries) और ब्लूबेरी (Blueberries) में पाया जाता है. इसके बाद कैथी और उनकी टीम ने स्नैपड्रैगन फूल (Snadragon Flower) से दो जीन्स लिए और उन्हें टमाटर में डाल दिया. ये दोनों जीन्स ही एंथोसायनिन पैदा करने के लिए जिम्मेदार होते हैं.
अगले साल से कुछ मार्केट में होगी बिक्री
कई साल तक कैथी और उनके साथी अपने बैंगनी टमाटरों का आकार और स्वाद बढ़ाने का प्रयास करते रहे. अब भी कर रहे हैं. क्योंकि शुरुआत में यह आकार में छोटे थे. हाल ही में यूएस डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर ने फैसला लिया कि वो इस टमाटर की फसल बढ़ाने की अनुमति देंगे. दिया भी. कृषि विभाग ने कहा कि कैथी मार्टिन द्वारा बनाई गई कंपनी नॉरफोल्क प्लांट साइंसेस (Norfolk Plant Sciences) अपने बैंगनी चेरी टमाटरों को साल 2023 से कुछ टेस्ट मार्केट में भेज सकते हैं.
इस तरह की फसलें-उत्पाद और आएंगे
कैथी मार्टिन की कंपनी बैंगनी टमाटर जूस (Purple Tomato Juice), सन-ड्राइड टोमैटो (Sun Dried Tomato), बीफस्टीक टोमैटो (Beefsteak Tomatoes) बनाना चाहती है. साथ ही इनके बीज उन लोगों को भी बेचना चाहती है, जो घर के पीछे इनकी खेती करना चाहते हैं. कैथी कहती हैं कि हम चाहते हैं कि लोग इन टमाटरों को खुद उगाएं. ऐसा नहीं है कि कैथी का टमाटर पहली जेनेटिकली मॉडिफाइड सब्जी है, जिसे अमेरिका ने अनुमति दी है. सबसे पहला जेनेटिकली मॉडिफाइड टमाटर 1994 में Flavr Savr ने बनाया था.
किसानों को लाभ और लोगों की सेहत पहले
Flavr Savr टमाटर की उम्र साधारण टमाटर की तुलना में ज्यादा थी. लेकिन इसकी कीमत बहुत ज्यादा थी. इसलिए इसे बाजार से बाहर कर दिया गया. फिर लोगों ने कहा कि हमें ज्यादा फायदे वाली इंजीनियर्ड फसलें चाहिए. न कि बहुत मंहगी. जो बिके न तो हमें नुकसान हो. जो कीड़ों से खुद ही बच जाए. जिनपर रसायनों का नुकसान न हो. साथ ही फसल ज्यादा हो. कहा जा रहा है कि इन सभी मामलों में यह बैंगनी टमाटर खरा उतर रहा है.
ये टमाटर सेहतमंद साबित होगाः एक्सपर्ट
यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया की फ्रूट बायोलॉजिस्ट और प्रोफेसर बारबरा ब्लैंको यूलेट ने कहा कि बैंगनी टमाटर (Purple Tomato) जेनिटिकली मॉडिफाइड खाद्य पदार्थों में नया बदलाव लेकर आएगा. ये टमाटर खासतौर से उन लोगों के लिए फायदेमंद होगा, जिन्हें अपनी सेहत से प्यार है. क्योंकि लोग वो खाना चाहते हैं जिसमें ज्यादा पोषक तत्व हों और वह रुचिकर भी हो. अब बैंगनी टमाटर से ज्यादा इंट्रेस्टिंग क्या हो सकता है.
बैंगनी टमाटर डायबिटीज से भी बचा सकता है
टमाटर में पाया जाने वाला एंथोसायनिन (Anthocyanin) कई तरह के फायदे पहुंचाता है. यह ऐसा एंटीऑक्सीडेंट है जो कैंसर से बचाता है. सूजन कम करता है. टाइप-2 डायबिटीज़ से सुरक्षित रखता है. साथ ही उम्र भी बढ़ाता है. साल 2008 में कैथी और उनके टीम ने इन चीजों पर अध्ययन किया था. जिसमें उन्होंने देखा कि इस टमाटर को खाने से चूहों के शरीर में कैंसर रोधी क्षमता बढ़ गई. जिन्हें कैंसर था वो चूहे सामान्य कैंसर पीड़ित चूहों से 30 फीसदी ज्यादा जीवित रहे. हालांकि जानवरों पर होने वाली स्टडी जरूरी नहीं कि इंसानों पर पूरी तरह लागू हों. लेकिन एंथोसायनिन है तो सही.
इतनी मात्रा में एंथोसायनिन देगा इतना फायदा
अगर आप आधा कप ब्लू बेरी खाते हैं. तो आप इस टमाटर को आधा काटकर खा लीजिए. आपको उतना ही एंथोसायनिन मिलेगा. आमतौर पर एक अमेरिकी नागरिक औसतम 12.5 मिलिग्राम एंटीऑक्सीडेंट प्रतिदिन कंज्यूम करता है. कैथी मार्टिन का कहना है कि हमारा आधा टमाटर 250 मिलिग्राम एंथोसायनिन शरीर में छोड़ेगा. इसके अलावा स्नैपड्रैगन फूल का जीन के अलग फायदे हैं. साल 2013 की स्टडी में इस बात का खुलासा हुआ था कि बैंगनी टमाटर की उम्र साधारण टमाटर से दोगुनी है. यानी साधारण टमाटर अगर तीन-चार दिन में खराब होता है तो बैंगनी टमाटर 6-8 दिन में खराब होगा.