Advertisement

ऑस्ट्रेलिया के तट पर मिला सिरकटा मगरमच्छ, मच गया हड़कंप

ऑस्ट्रेलिया के एक समुद्री तट पर तब हड़कंप मच गया, जब वहां के स्थानीय लोगों सिर कटे मगरमच्छ को देखा. वह रेत में पड़ा-पड़ा सड़ रहा था. यह नजारा बेहद डरावना था. जो जानवर किसी को भी पूरा निगल सकता है. उसका सिर कट गया. किसने किया ये? कैसे किया?

ये है वो मगरमच्छ जिसका सिर काट दिया गया है. (फोटोः क्रोकोडाइल बीयर्स) ये है वो मगरमच्छ जिसका सिर काट दिया गया है. (फोटोः क्रोकोडाइल बीयर्स)
aajtak.in
  • क्वींसलैंड,
  • 21 अप्रैल 2023,
  • अपडेटेड 6:48 PM IST

ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड के समुद्री तट पर एक सिरकटा मगरमच्छ मिला. इसके बाद लोगों और स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया. कुछ दिनों से क्वींसलैंड के तट पर मगरमच्छ इंसानों पर हमला कर रहे थे. इसलिए माना जा रहा है कि ये किसी इंसान की हरकत है. उसने बेहरहमी से मगरमच्छ का सिर काट दिया. लेकिन हैरानी इस बात की है कि ऐसे किया कैसे? क्योंकि मगरमच्छ बेहद ताकतवर और खतरनाक जीव होता है. 

Advertisement

मगरमच्छों ने पोर्ट डगलस और कुकटाउन के बीच लोगों पर हमला किया था. लेकिन यह बात स्पष्ट नहीं हो पा रही है कि इस 13 फीट लंबे मगरमच्छ का सिर किसने काटा. उसका शरीर इतनी बुरी तरह से सड़ चुका है कि क्वीसंलैंड डिपार्टमेंट ऑफ एनवायरमेंट एंड साइंस के अधिकारी मगरमच्छ की नेक्रोप्सी भी नहीं कर पाए. नेक्रोप्सी जानवरों के पोस्टमॉर्टम को कहते हैं. ताकि उसकी मौत की सही वजह पता चल सके. 

ये भी संभावना है कि किसी बड़े और ताकतवर मगरमच्छ ने ही इस मगरमच्छ का सिर खा लिया हो. क्योंकि अक्सर मगरमच्छ वर्चस्व के लिए एकदूसरे पर हमला करते हैं. लेकिन स्थानीय लोगों का मानना है कि इस मगरमच्छ की ट्रॉफी किलिंग की गई है. यानी किसी इंसान ने ही इसे बदला लेने के लिए या फिर शान दिखाने के लिए मार डाला. 

Advertisement

मगरमच्छों की फोटो लेने वाले टॉम चैलमर्स कहते हैं कि सिरकटे मगरमच्छ के पास उन्होंने तीन घंटे बिताए. लेकिन कहीं से भी उसके शरीर पर किसी दूसरे मगरमच्छ के हमले का निशान नहीं है. उस पर साफ-साफ किसी धारदार हथियार से हमला करने के निशान है. मगरमच्छ के गर्दन और शरीर पर मशेते (Machete) नामक हथियार से हमला करने के निशान दिख रहे हैं. यह एक तरह का धारदार हथियार होता है. जिससे बड़े जानवरों को काटा जाता है. 

यह सिरकटा मगरमच्छ कॉउ बे तट पर मिला. जो डेन्ट्री नदी के उत्तर में है. क्वींसलैंड के कानून के तहत यह मगरमच्छ संरक्षित था. यह एक विशालकाय नर था. इसकी उम्र करीब 30 से 40 साल रही होगी. साथ ही ये बेहद शातिर शिकारी भी रहा होगा. ताकतवर नर मगरमच्छ के मरने से मगरमच्छों की इकोलॉजी पर असर पड़ेगा. उनकी सामाजिक सरंचना पर बुरा प्रभाव होगा. अब इस नर के मरने पर कुछ अन्य नर मगरमच्छ आपस में संघर्ष करेंगे, ताकि इलाके पर वर्चस्व बना सकें. 

साथ ही तटीय इकोसिस्टम पर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ेगा. मगरमच्छ पर्यावरण में जरूरी योगदान करते हैं. ये अन्य जानवरों की आबादी को नियंत्रित करते हैं. अगर कोई मगरमच्छों को मार रहा है तो वह पूरे तटीय इकोसिस्टम को नुकसान पहुंचा रहा है. 1970 में क्वींसलैंड में मगरमच्छों की आबादी में भयानक कमी आ गई थी. क्योंकि उनकी खाल के लिए उनका शिकार होता था. बाद में शिकार पर प्रतिबंध लगा तब जाकर आबादी में सुधार आया है. 
 

Advertisement

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement