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30% ज्यादा बारिश, 22 दिन एक्सट्रीम रेनफॉल... लोगों के लिए तूफानी साबित हुआ ये अगस्त

इस साल अगस्त में 31 में से 22 दिन बहुत ज्यादा बारिश हुई है. ये पिछले साल के अगस्त महीने से 30 फीसदी ज्यादा दिन हैं. पिछले साल 17 दिन ही ऐसी नौबत आई थी. राजस्थान, त्रिपुरा और गुजरात में तीन जगहों पर तीन दिन तक बहुत ज्यादा बारिश हुई. अनुमान है कि सितंबर महीने में भी बारिश सामान्य से ज्यादा रहेगी.

इस साल अगस्त में अत्यधिक भारी वर्षा के दिनों में 30 फीसदी का इजाफा हुआ है. (फोटोः गेटी) इस साल अगस्त में अत्यधिक भारी वर्षा के दिनों में 30 फीसदी का इजाफा हुआ है. (फोटोः गेटी)
आजतक साइंस डेस्क
  • नई दिल्ली,
  • 13 सितंबर 2024,
  • अपडेटेड 2:45 PM IST

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार इस साल अगस्त में पिछले साल की तुलना में ज्यादा एक्सट्रीम रेनफॉल हुआ है. यानी चरम स्तर की बारिश. पिछले साल अगस्त के 31 दिनों में से 17 दिन ऐसी नौबत आई थी. लेकिन इस साल 31 में से 22 दिन अत्यधिक बारिश हुई है. यानी ज्यादा बारिश वाले दिनों में 30 फीसदी की बढ़ोतरी. 

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1 अगस्त से लेकर 31 अगस्त 2024 तक 22 ऐसे दिन थे, जिनमें बहुत ज्यादा बारिश हुई है. जबकि पिछले साल सिर्फ 17 दिन थे. अगस्त महीने में तीन दिन गुजरात, त्रिपुरा और राजस्थान के तीन स्टेशनों पर असाधारण बारिश हुई है. 

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ये हैं वो तीन दिन... जब तीन राज्यों के तीन स्टेशनों पर सबसे ज्यादा बारिश रिकॉर्ड हुई

10 अगस्त 2024... राजस्थान में 24 घंटे में 380 मिलिमीटर बारिश हुई. जबकि औसत 329 मिलिमीटर है. 
21 अगस्त 2024... दक्षिणी त्रिपुरा के बागाफा स्टेशन में 490 मिलिमीटर बारिश हुई. 
27 अगस्त 2024... गुजरात के द्वारका के खंभलिया स्टेशन पर 430 मिलिमीटर और जामनगर स्टेशन में 380 मिलिमीटर बारिश दर्ज की गई. 

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किसे कहते हैं एक्सट्रीम रेनफॉल... देश में इस बार कहां-कहां इस तरह का मौसम रहा?

मौसम विभाग के अनुसार, जब किसी क्षेत्र में 24 घंटे में 204.5 मिमी या उससे अधिक वर्षा होती है, तो उसे अत्यधिक भारी वर्षा (Extremely Heavy Rainfall) माना जाता है. जबकि जब किसी स्टेशन पर दैनिक वर्षा उस महीने या मौसम के लिए सबसे अधिक दर्ज की गई मात्रा के करीब पहुंचती है, तो उसे असाधारण रूप से भारी वर्षा (Exceptionally Heavy Rainfall) कहा जाता है. अगस्त में अत्यधिक भारी वर्षा कोई नई घटना नहीं है. लेकिन इस बार यह बहुत बड़े इलाके में फैली थी. साथ ही ज्यादा तबाही भी लेकर आई. 

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गुजरात, मेघालय, राजस्थान, तेलंगाना और त्रिपुरा सबसे ज्यादा प्रभावित हुए इस बार

DTE ने मौसम विभाग के डेटा का एनालिसिस किया. जिसमें एक्सट्रीम रेनफॉल को तीन लेवल पर बांटा गया. वो स्टेशन जहां 24 घंटे में 210 से 300 मिलिमीटर, 301 से 400 मिलिमीटर और 400 मिलिमीटर से ज्यादा बारिश. इस जांच में पता चला कि देश के 14 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 117 वेदर स्टेशन हैं, जहां पर 24 घंटे में 210 से 300 मिलिमीटर तक बारिश हुई. गुजरात, मेघालय, राजस्थान, तेलंगाना और त्रिपुरा ये पांच राज्य हैं जहां पर 34 वेदर स्टेशन पर 310 से 400 मिलिमीटर बारिश दर्ज की गई.  

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सबसे बुरी हालत इस बार रही गुजरात की... 

अगस्त महीने में गुजरात के 17 जिलों के 57 वेदर स्टेशन पर एक्स्ट्रीमली हैवी रेनफॉल दर्ज की गई. ऐसा सात दिन हुआ है. 4 अगस्त, 24, 25, 26, 27, 28 और 29 अगस्त. इनमें से 32 फीसदी स्टेशन ने 301 से 400 मिलिमीटर बारिश दर्ज की. सबसे खतरनाक बारिश 26 अगस्त को हुई. गुजरात के 28 स्टेशन इससे प्रभावित थे. तेलंगाना के आठ जिलों के 21 स्टेशनों पर भी यही हाल था. इनमें से 16 स्टेशन पर 31 अगस्त को 210 से 300 मिलिमीटर बारिश दर्ज की गई. त्रिपुरा के आठ जिलों में 13 स्टेशन पर चार दिन अत्यधिक भारी वर्षा दर्ज की गई. जिसकी वजह से कई जगहों पर भूस्खलन, बाढ़ जैसी नौबत आई. 

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