
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान और गणना है कि इस बार अक्टूबर में पूरे देश में औसत से ज्यादा बारिश होगी. अधिक गर्मी भी होगी. जुलाई, अगस्त और सितंबर में भी ताबड़तोड़ बारिश हुई. जो इस बार अक्टूबर में भी होगी. मौसम विभाग के डायरेक्टर जनरल मृत्युंजय महापात्रा ने यह खुलासा किया है.
उन्होंने बताया कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग का अनुमान है कि इस बार अक्टूबर में पिछले 50 साल के औसत से 115 फीसदी ज्यादा बारिश का अनुमान है. इससे गर्मी में लगाई गई फसलों को नुकसान हो सकता है. क्योंकि उनकी कटाई का समय आ रहा है. ये बारिश फसलों को डैमेज कर सकती है.
यह भी पढ़ें: Nepal Flood: बहते मकान, तबाह कस्बे और गिरते ब्रिज... नेपाल की बाढ़ से भयावह तबाही, 241 लोगों की मौत
किसानों ने इस समय गर्मियों में लगाई अपनी फसलों को काटना शुरू कर दिया है. जैसे- चावल, कपास, सोयाबीन, मक्का, दाल आदि. अगर ऐसे में बारिश हो गई तो सारी कटी हुई फसलें खराब हो जाएंगी. मॉनसून के देरी से जाने की वजह से सितंबर में भी औसत से बहुत ज्यादा बारिश हुई है. जिससे देश के कुछ हिस्सों में गर्मी में लगाई गई फसलों को नुकसान हुआ है.
मौसम विभाग के अनुसार सितंबर में औसत से 11.6 फीसदी ज्यादा बारिश हुई. जुलाई में औसत से 9 फीसदी और अगस्त में औसत से 15.3 फीसदी अधिक बारिश हुई है. अक्टूबर के पहले आधे हिस्से में यानी पहले 15 दिनों में भारी बारिश का अनुमान है. इससे किसानों में चिंता है.
यह भी पढ़ें: लगातार ऊपर उठ रहा Everest... वजह भारत की जमीन या नेपाल की एक 'विचित्र' नदी
अक्टूबर की बारिश से एक फायदा भी होगा. जमीन की नमी बढ़ जाएगी. जिससे सर्दियों में होने वाली फसलों को फायदा होगा. जैसे- गेहूं, चना आदि. आमतौर पर मॉनसून जिस समय जाता है, उससे एक हफ्ते बाद जा रहा है. इसलिए यह इस बार पूरी तरह से मॉनसून को जाते-जाते अक्टूबर मिड का समय हो जाएगा. जिस समय बीच में बारिश रुकेगी, उससे बढ़ी हुई नमी और सूरज की गर्मी की वजह से तापमान भी अधिक रहेगा.