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33 साल बाद पहली बार दिखे Neptune के खूबसूरत रिंग्स, James Webb स्पेस टेलिस्कोप का कमाल

33 साल में पहली बार नेपच्यून ग्रह के छल्लों की तस्वीर आई है. यह स्पष्ट तस्वीर ली है नासा के जेम्स वेब स्पेस टेलिस्कोप ने. बर्फीले वायुमंडल वाले नेपच्यून ग्रह की इतनी शानदार तस्वीरें इससे पहले कभी नहीं आई थीं. इन छल्लों की तस्वीर देखकर नासा समेत दुनियाभर के वैज्ञानिक हैरान हैं. इनकी रिंग्स पर स्टडी कर रहे हैं.

आप भी देखिए नेपच्यून ग्रह की शानदार तस्वीर, उसके छल्लों और चंद्रमाओं के साथ. (फोटोः NASA/ESA/CSA/JWST) आप भी देखिए नेपच्यून ग्रह की शानदार तस्वीर, उसके छल्लों और चंद्रमाओं के साथ. (फोटोः NASA/ESA/CSA/JWST)
aajtak.in
  • ह्यूस्टन,
  • 23 सितंबर 2022,
  • अपडेटेड 5:52 PM IST

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) के जेम्स वेब स्पेस टेलिस्कोप (James Webb Space Telescope - JWST) ने नेपच्यून ग्रह (Neptune) की पहली बार इतनी स्पष्ट और सुंदर फोटो ली है. जिसे देखकर कोई भी हैरान रह जाएगा. इस तस्वीर में नेपच्यून ग्रह के छल्ले (Rings) भी दिखाई दे रहे हैं. 33 साल में पहली बार इन छल्लों की तस्वीर सामने आई हैं. इससे पहले नेपच्यून ग्रह की नीली तस्वीर ही सामने आती रही है. 

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इससे पहले अलग-अलग यानों द्वारा ली गई तस्वीर और जेम्स वेब की तस्वीर में देखिए कितना अंतर है.

बर्फीले वायुमंडल वाले इस ग्रह के रिंग्स के साथ-साथ कुछ चंद्रमा भी साफ-साफ दिख रहे हैं. इससे पहले 1989 में वॉयजर 2 प्रोब (Voyager 2) ने नेपच्यून की फोटो ली थी. जो हमारी साइंस की किताबों में नीले रंग के ग्रह के रूप में दिखाया जाता रहा है. इस प्रोब ने नेपच्यून ग्रह के चारों तरफ एक धुंधली रोशनी के घेरे को जरूर देखा था लेकिन तस्वीरें स्पष्ट नहीं थी. JWST टीम के साइंटिस्ट हीडी हैमेल ने कहा कि तीन दशकों ने हमने ऐसा नजारा नहीं देखा था.

नेपच्यून के ऊपर दिख रहा चमकदार तारा उसका चंद्रमा ट्राइटन है. साथ में दिख रहे हैं छल्ले और अन्य चंद्रमा.

हीडी हैमेल ने कहा कि नेपच्यून के चारों तरफ मौजूद धुंधले बैंड्स को हम पहली बार साफ तौर पर देख पा रहे हैं. इन्हें देखने के लिए हमने जेम्स वेब स्पेस टेलिस्कोप के इंफ्रारेड तस्वीरों की मदद ली. ये छल्ले विजिबल लाइट पिक्चर यानी सामान्य तस्वीर में नहीं दिखते. इसमें नेपच्यून आमतौर पर नीले बिंदू जैसा दिखता है. इसकी वजह वहां पर भारी मात्रा में मौजूद मीथेन (Methane) है. लेकिन जेम्स वेब का नीयर इंफ्रारेड कैमरा यानी NIRCam ने ग्रह के चारों तरफ छल्लों को सफेद रंग में दिखाया है. यानी ग्रह के चारों तरफ मीथेन की बर्फ के छल्ले बने हुए हैं. 

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धरती से 432 करोड़ किलोमीटर दूर है नेपच्यून. (सभी फोटोः NASA/ESA/CSA/JWST)

नेपच्यून (Neptune) के दक्षिणी ध्रुव पर बने वॉरटेक्स के ऊंचे बादल भी दिख रहे हैं. वैज्ञानिकों ग्रह के भूमध्य रेखा यानी इक्वेटर पर एक पतली लाइन दिखी है, जिसे वह उस ग्रह के वायुमंडलीय बहाव का निशान मान रहे हैं. यानी हवां तेज हवाएं चल रही है या फिर तूफान आ रहे हैं. इस पूरी तस्वीर में नेपच्यून के 14 ज्ञात चंद्रमाओं में से सात की तस्वीर आई है. इसमें नेपच्यून का सबसे चमकदार चंद्रमा ट्राइटन (Triton) भी दिख रहा है. यह चंद्रमा एक बर्फीली दुनिया है, जिसे कुइपर बेल्ट से नेपच्यून की गुरुत्वाकर्षण शक्ति ने अपनी तरफ खींच लिया. 

जेम्स वेब को अंतरिक्ष में गए आठ महीने हुए हैं. लेकिन उसने दुनिया को अंतरिक्ष के ऐसे नजारे दिखाए हैं, जो पहले कभी नहीं देखे गए थे. इससे पहले उसने बृहस्पति ग्रह की ऐसी तस्वीर दिखाई जो कभी किसी ने नहीं देखी. इसके हल्के छल्ले और ध्रवीय अरोरा की तस्वीरें भी ली थी. 

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