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महाभूकंप... जापान का सबसे बड़ा डर, क्या समंदर की घाटी दोहराने वाली है 2011 का जलप्रलय

Japan को डर है कि एक महाभूकंप आने वाला है. 7.1 तीव्रता के भूकंप के बाद इसकी चेतावनी भी जारी की गई है. आशंका है कि ये Megaquake जापान के समंदर में मौजूद नानकाई घाटी से आ सकती है. इससे बड़े पैमाने पर सुनामी आएगी. जिससे लाखों लोगों की जान जा सकती है. ये महाभूकंप किसी भी दिन आ सकता है.

इस नक्शे में पीले इलाके में वो हिस्सा दिख रहा है, जहां पर समंदर के अंदर नानकाई घाटी है. यहीं से महाभूकंप आने की आशंका है. (नक्शाः गेटी) इस नक्शे में पीले इलाके में वो हिस्सा दिख रहा है, जहां पर समंदर के अंदर नानकाई घाटी है. यहीं से महाभूकंप आने की आशंका है. (नक्शाः गेटी)
आजतक साइंस डेस्क
  • नई दिल्ली,
  • 11 अगस्त 2024,
  • अपडेटेड 4:31 PM IST

जापान में हाल ही में एक 7.1 तीव्रता का भूकंप आया. इसके बाद जापान की सरकार ने एक महाभूकंप (Megaquake) की चेतावनी दी है. ये किसी भी समय आ सकता है. यानी समंदर के अंदर मौजूद नानकाई घाटी (Nankai Trough) से ये भूकंप पैदा होगा. इससे कोशी, ओसाका, नागोया जैसे बड़े इलाके प्रभावित होंगे. 

इस महाभूकंप की तुलना 2011 में आए भूकंप और सुनामी से की जा रही है. लेकिन ये इससे ज्यादा भयानक हो सकता है. क्योंकि ये भूकंप 8 से 9 तीव्रता या उससे ज्यादा रिक्टर पैमाने का हो सकता है. इससे लाखों लोगों के मारे जाने की आशंका है. अरबों-खरबों का नुकसान हो सकता है. ये चेतावनी जापान मेटरियोलॉजिकल एसोसिएशन (JMA) ने जारी की है.  

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2011 में भूकंप के बाद आई सुनामी की तस्वीर. (फाइल फोटोः AFP)

महाभूकंप की चेतावनी क्या कहा गया है? 

JMA की मेगाक्वेक यानी महाभूकंप की चेतावनी ये कहती है कि यह बहुत बड़ा भूकंप होगा. धरती बुरी तरह से हिलेगी. बड़ी सुनामी आएगी. ये भूकंप आसामान्य होगा. क्योंकि प्रशांत महासागर में मौजूद नानकाई घाटी में एक सबडक्शन जोन है. यानी दो टेक्टोनिक प्लेटों के बीच की दरार से बनी घाटी. यहां पर पहले भी भयानक भूकंप आए हैं. 

क्या है समंदर में मौजूद नानकाई घाटी?

जापान का राजधानी टोक्यो के पश्चिम में शिजुओका से लेकर क्यूशू आइलैंड तक समंदर के अंदर 800 किलोमीटर लंबी घाटी है. इस घाटी में हर एक या दो सदी के बाद 8 या 9 तीव्रता का भयानक भूकंप आता है. इसलिए इन्हें मेगाथ्रस्ट क्वेक्स कहते हैं. यानी दो भयानक भूकंप एक बाद एक. मतलब जोड़े में. जिससे महासुनामी आती है. 

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1770 में नानकाई घाटी के सभी सेगमेंट एकसाथ फट गए थे. जिसकी वजह से जापान का दूसरा सबसे बड़ा भूकंप आया था. इसकी वजह से माउंट फूजी ज्वालामुखी में विस्फोट भी हुआ था. इसके बाद तीन और भूकंप आए. 1854 में, 1944 और 1946 में. ये तीनों ही भयानक स्तर के भूकंप थे. 

कितना कुछ लगा है दांव पर? 

जापान की सरकार ने कुछ समय पहले कहा था कि अगले 30 साल में 8 से 9 तीव्रता का महाभूकंप आ सकता है. इसकी संभावना 70 फीसदी है. अगर सबसे बुरी स्थिति बनती है और यह भूकंप निकट भविष्य में आता है तो कम से कम 3 लाख लोगों की जान जा सकती है. करीब 110 लाख करोड़ रुपए का नुकसान होगा. 

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लोगों को इस चेतावनी से कितना डरना चाहिए? 

जापान अपने लोगों के लिए यह चेतावनी इसलिए जारी करता है ताकि लोग सुरक्षित स्थान पहले से खोज लें. डिजास्टर किट तैयार कर लें. जिसमें बोतलबंद पानी, लंबे समय तक चलने वाला खाना, टॉर्च, रेडियो और अन्य जरूरी सामान हों. परेशान होने की जरूरत नहीं है. अलार्म बजे तो समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुंच जाएं.  

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