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अंतरिक्ष में हुई एस्ट्रोनॉट की मौत तो कहां होगा अंतिम संस्कार?

अंतरिक्ष यान (Spacecraft) में शव को स्टोर करने की कोई सुविधा होती है. एस्ट्रोनॉट के शव (Astronaut Dead Body) को धरती पर लाने के लिए मिशन खत्म होने का इंतजार करना भी पॉसिबल नहीं है.

अंतरिक्ष मिशन पर एस्ट्रोनॉट (File Photo- Getty) अंतरिक्ष मिशन पर एस्ट्रोनॉट (File Photo- Getty)
aajtak.in
  • नई दिल्ली ,
  • 01 अक्टूबर 2021,
  • अपडेटेड 2:47 PM IST
  • स्पेस में मौत के बाद शव के साथ क्या होगा
  • एस्ट्रोनॉट ने बताई अंतरिक्ष की कहानी
  • शव लाखों वर्षों तक अनंत अंतरिक्ष में रह सकता है

पृथ्वी (Earth) पर अगर किसी इंसान की मौत (Human Death) होती है, तो जल्द से जल्द उसका अंतिम संस्कार कर दिया जाता है ताकि शव खराब ना हो. लेकिन अगर स्पेस में किसी की मौत (Death In Space) हो जाए, तो क्या होगा? इस सवाल के जवाब में NASA के अंतरिक्ष यात्री (Astronaut) टेरी विर्ट्स (Terry Virts) ने बताया कि किसी भी एस्ट्रोनॉट के लिए शायद स्पेस में मौत से ज्यादा बुरा कुछ नहीं होगा. 

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दरअसल, अंतरिक्ष यान (Spacecraft) में शव को स्टोर करने की कोई सुविधा होती है. एस्ट्रोनॉट के शव (Astronaut Dead Body) को धरती पर लाने के लिए मिशन खत्म होने का इंतजार करना भी पॉसिबल नहीं है. ऐसी स्थिति में शव को एयरलॉक में पैक करके स्पेस में ही छोड़ दिया जाता है. डेड बॉडी स्पेस की ठंड में आइस ममी (Ice Mummy) में बदल जाती है. 

ये बात उस वक्त सामने आई थी, जब NASA के अपोलो मिशन (Apollo Mission) के दौरान बने स्पेस सूट का टेस्ट किया गया. इससे यह भी पता चला कि Space के प्रेशर की वजह से डेड बॉडी में विस्फोट भी हो सकता है. 

शव अनिश्चित काल तक स्पेस में रह सकता है

अंतरिक्ष में शव अगर किसी चीज (एस्टेरॉयड आदि) से टकराकर नष्ट ना हो तो वो अनिश्चित काल तक स्पेस में रह सकता है. एक्सपर्ट का कहना है कि ये शव सैकड़ों, लाखों वर्षों के लिए अंतरिक्ष के अनंत में मौजूद रहेगा. 

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स्पेस (File Photo- Getty)

एस्ट्रोनॉट ने बताया कि स्पेस मिशन पर गए शख्स के शव को पृथ्‍वी पर वापस लाने के लिए कई महीने लग सकते हैं. इसीलिए अगर स्पेस में किसी अंतरिक्ष यात्री की मौत हो जाए तो उसके शव को नष्‍ट करने के लिए कई तरीके अपनाए जा सकते हैं. जिसमें शव को अनंत अंतरिक्ष में छोड़ देना, मंगल ग्रह पर दफन करना आदि शामिल है. हालांकि, मंगल की सतह को खराब होने से बचाने के लिए शव को पहले जलाना होगा. लेकिन ये काम बेहद जटिल है, जिसके बारे में रिसर्च चल रही है. कुल मिलाकर इस बात की कोई निश्चितता नहीं है कि शव पृथ्वी पर अंतिम संस्कार के लिए आ पाएगा. 

'डेली स्टार' की रिपोर्ट के मुताबिक, अभी तक स्पेस में सिर्फ तीन एस्ट्रोनॉट्स की मौत हुई है. एक स्वीडिश कंपनी प्रोमेसा 'अंतरिक्ष ताबूत' बनाने पर काम कर रही है, जो एक मृत अंतरिक्ष यात्री के शव को बर्फ के क्रिस्टल के फ्रीज-ड्राई टैबलेट में सेफ रखेगा. कनाडाई अंतरिक्ष यात्री क्रिस हैडफील्ड कहते हैं, "मैं उम्मीद करता हूं कि अगर मंगल ग्रह पर एस्ट्रोनॉट की मृत्यु हुई, तो हम शरीर को घर ले जाने के बजाय वहां दफन करने के बारे में विचार करेंगे."

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