
अंतरिक्ष खुद में असंख्य रहस्य समेटे हुए है. जब भी इस तरफ देखो, कुछ नया ही मिलता है. प्रसिद्ध स्टीफ़न क्विंटेट (Stephan’s quintet) आकाशगंगाओं का एक समूह है, जिसे पहली बार 1877 में खोजा गया था. लेकिन इसका आकर्षण आज भी बरकरार है. यह JWST विज्ञान मिशन के पहले लक्ष्यों में से एक था. अब, पांच सौ मीटर अपर्चर वाले स्फेरिकल टेलीस्कोप (Five-hundred-meter Aperture Spherical Telescope- FAST) ने एक नया खुलासा किया है. इसने आकाशगंगाओं के इस समूह के आसपास सबसे बड़ी परमाणु गैस संरचना (Atomic gas structure) का पता लगाया है.
नेचर (Nature) जर्नल में प्रकाशित शोध के मुताबिक, यह संरचना 20 लाख प्रकाश-वर्ष से ज्यादा फैली हुई है. यूं समझिए कि यह दूरी इतनी है जितनी एंड्रोमेडा गैलेक्सी (Andromeda galaxy) से हमारी मिल्की वे (Milky Way) की दूरी है. हमारी आकाशगंगा की बात करें, तो इस बेहद कम घनत्व वाले बादल में लगभग 20 आकाशगंगा एक साथ फिट हो सकती हैं.
चाइनीज एकेडमी ऑफ साइंसेज (Chinese Academy of Sciences) के नेशनल एस्ट्रोनॉमिकल ऑब्जर्वेटरीज के रिसर्च लीड ज़ू कांग (XU Cong) का कहना है कि यह आकाशगंगा समूह के आसपास, अब तक का सबसे बड़ा एटोमिक गैस स्ट्रक्चर है.
परमाणु हाइड्रोजन गैस (Atomiv Gydrogen Gas) से ही सभी तारे बने हैं. यह गैस बहुत आसानी से आकाशगंगाओं से बाहर निकल सकती है, खासकर विलय की घटनाओं के दौरान. स्टीफन क्विंटेट के मामले में, हम एक ही समय में पांच में से चार आकाशगंगाओं को टकराते हुए देख रहे हैं, जबकि पांचवीं पास ही दिखाई देती है. यह समूह पृथ्वी से 29 करोड़ प्रकाश वर्ष दूर स्थित है.
ये इंटरैक्शन बहुत जटिल हैं. आकाशगंगाओं की मूलभूत संरचनाओं को मौलिक रूप से बदला जा सकता है. JWST ने आकाशगंगाओं के सुपरमैसिव ब्लैक होल में से एक के आसपास सल्फर और ऑक्सीजन जैसे कई रसायनों को ट्रैक किया. और यह भी पता लगाया कि इससे गैस भी बाहर निकलती है, जो पूरे अंतरिक्ष में फैलती है.
चीनी रेडियो टेलीस्कोप की मदद से शोधकर्ता पहली बार इस गैस के फैलाव को समझ सके. उन्हें यह पता लगा कि यह संरचना उम्मीद से कहीं ज्यादा बड़ी है. इससे यह भी पता चला कि यह गैस संरचना करीब 100 करोड़ सालों से मौजूद है.