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INS विक्रांत पर पहली बार रात में कराई गई MiG-29K की लैंडिंग, अब अंधेरे में दुश्मन पर हमला और आसान

भारतीय नौसेना के एयरक्राफ्ट करियर आईएनएस विक्रांत पर पहली बार रात में मिग-29के फाइटर जेट की लैंडिंग कराई गई. यह एक बड़ी सफलता है. यानी जंग के दौरान हमारे फाइटर जेट रात में भी एयरक्राफ्ट करियर पर लैंडिंग कर पाएंगे. इससे दुश्मन पर हमला करना, जासूसी करना आसान हो जाएगा.

INS Vikrant पर रात में लैंडिंग करता MiG-29K फाइटर जेट. (फोटोः ट्विटर/IADN) INS Vikrant पर रात में लैंडिंग करता MiG-29K फाइटर जेट. (फोटोः ट्विटर/IADN)
ऋचीक मिश्रा
  • नई दिल्ली,
  • 25 मई 2023,
  • अपडेटेड 4:21 PM IST

भारतीय नौसेना के विमानवाहक युद्धपोत INS Vikrant पर हाल ही में MiG-29K फाइटर जेट की रात में पहली बार लैंडिंग कराई गई. रात में सफल लैंडिंग का मतलब ये होता है कि युद्ध के समय आप दुश्मन पर हमला करने के लिए दिन का इंतजार नहीं करते. सीधा हमला करते हैं. 

आईएनएस विक्रांत पर मिग-29के फाइटर जेट के अलावा एमएच 60आर मल्टी रोल हेलिकॉप्टर (MH 60R Multi-Role Helicopter) और कामोव हेलिकॉप्टर्स तैनात हैं. लेकिन मिग-29के की ताकत ज्यादा है. पहले जानते हैं मिग-29के फाइटर जेट की ताकत के बारे में... 

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भारतीय नौसेना (Indian Navy) के पास करीब 44 मिग-29के फाइटर जेट्स हैं. इनकी लंबाई 56.9 फीट और ऊंचाई 14.5 फीट होती है. इसकी अधिकतम स्पीड 2200 किलोमीटर प्रतिघंटा है. 1500 किलोमीटर की रेंज है. हथियारों के साथ कॉम्बैट रेंज 850 किलोमीटर है. अधिकतम 57,400 फीट की ऊंचाई तक जा सकता है. इंटरनल फ्यूल कैपेसिटी 3500 किलोग्राम होती है. 

लैंडिंग के बाद फाइटर जेट को सही जगह पर पार्क होने का रास्ता दिखाते नौसैनिक. (फोटोः ट्विटर/IADN)

इसमें लगते हैं भयानक हथियार?

मिग-29 फाइटर जेट में 7 हार्डप्वाइंट होते हैं. यानी सात अलग-अलग तरह के बम, रॉकेट और मिसाइल लगाए जा सकते हैं. इसके अलावा इसमें एक 30 मिलिमीटर का ऑटोकैनन लगा होता है. जो हर मिनट 150 राउंड फायर कर सकता है. इसमें तीन तरह के रॉकेट लगाए जा सकते हैं, जो हवा, जमीन और सतह पर मार सकते हैं. 

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इसके अलावा छह तरह की मिसाइलें लग सकती हैं. या फिर 665 किलोग्राम के 6 बम लगाए जा सकते हैं. या फिर इन सबका मिश्रण. इस फाइटर जेट पर आप हवा से हवा, हवा से शिप और एंटी-रेडिएशन मिसाइलें लगा सकते हैं. या फिर टीवी गाइडेड और लेजर गाइडेड बम लगा सकते हैं. 

INS Vikrant पर हैं कैसे हथियार?

अब जहां तक बात रही INS Vikrant पर लगे हथियारों की तो इसमें बराक-8 और ब्रह्मोस मिसाइलें लगी हैं. इसके अलावा कोस्टल बेस्ड एके-603 गन और ओटोब्रेडा कैनन लगे हैं. इस पर 32 मिसाइलें तैनात हो सकती है. बराक 8 से 100 KM की रेंज में दुश्मन की धज्जियां उड़ा सकता है. यह बिना धुएं के उड़ती है, इसलिए आसमान में आते हुए नहीं दिखती. इसकी गति करीब 2500 KM प्रतिघंटा है. 

इसके अलावा इसमें भविष्य में ब्रह्मोस मिसाइल लगा सकते हैं. युद्धपोत से दागी जाने वाली ब्रह्मोस मिसाइल के दो वैरिएंट्स हैं. पहली- एंटी-शिप मिसाइल, दूसरी लैंड-अटैक मिसाइल. दोनों मिसाइलें नौसेना में पहले से एक्टिव हैं. ये मिसाइलें 200KG वॉरहेड ले जा सकती है. ये 4321 KM प्रतिघंटा की रफ्तार से दुश्मन की तरफ बढ़ती है. 

धज्जियां उड़ाने वाले बेहद घातक तोपों से लैस 

विक्रांत पर चार 76 mm के ओटोब्रेडा कैनन लगे हैं. यानी वह तोप जो चारों तरफ घूमकर दुश्मन के विमान, हेलिकॉप्टर, फाइटर जेट, वॉरशिप या बोट पर हमला कर सकती है. यह एक मिनट में 120 राउंड फायर करती है. इससे निकलने वाले गोले 915 मीटर प्रति सेकेंड की गति से दुश्मन की ओर जाती हैं. रेंज 20 किलोमीटर तक होती है. इसके अलावा इसमें चार एके 630 सीआईडब्ल्यूएस (AK 630 CIWS) लगे हैं. यह एक क्लोज़-इन वेपन सिस्टम है.

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यह एक रोटरी तोप यानी घूमने वाली तोप होती है, जो टारगेट जिधर जाता है, उधर ही घूमकर उसपर ताबड़तोड़ हमला करती है. इसे चलाने के लिए सिर्फ एक आदमी लगता है. फायरिंग रेंज 4000 राउंड्स प्रति मिनट से लेकर 10 हजार राउंड्स प्रति मिनट है. इसकी रेंज 4000 से 5000 मीटर है. टारगेट रेंज में आते ही ये खुद फायरिंग शुरू हो जाती है.   

मिग-29के फाइटर के अलावा ये विमान भी तैनात

विक्रांत पर एमएच 60आर मल्टी रोल हेलिकॉप्टर भी तैनात हैं. इसमें 9-10 लोग बैठते हैं. इसकी रेंज 830 KM है. अधिकतम 12 हजार फीट की ऊंचाई तक जा सकता है. इसकी स्पीड 270 किमी प्रतिघंटा है. जरुरत पड़ने पर 330 किमी प्रतिघंटा पर भी उड़ सकता है. इस पर दो MK 46, MK 50 या MK 54s टॉरपीडो लग सकते हैं. 4 से 8 AGM-114 हेलफायर मिसाइल लग सकती है. असल में यह एक एंटी-सबमरीन हेलिकॉप्टर है. इंडियन नेवी उनका उपयोग हिंद और अरब महासागर में दुश्मन की पनडुब्बियों को खोजने और नष्ट करने के लिए करेगी.  

विक्रांत पर कामोव हेलिकॉप्टर्स तैनात हैं. इसे तीन लोग उड़ाते हैं. यह 16 जवान या 4000 KG वजन लेकर उड़ सकता है. अधिकतम गति 270 KM प्रतिघंटा है. रेंज 980 किमी है. इसमें टॉरपीडो, मशीन गन, 30 मिमी की कैनन या फिर बम, रॉकेट, गनपॉड्स या म्यूनिशन डिस्पेंसर्स लग सकते हैं. 

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