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अमेरिकी रक्षा विभाग ने बताया UFO से जुड़ा सबसे बड़ा सच, जारी की हैरान करने वाली रिपोर्ट

हम आए दिन UFO की खबरें सुनते हैं. हाल ही में प्रशांत महासागर के पास भी 15 पायलटों ने अजीब चीजें देखने का दावा किया था. लेकिन एलियन यान या फिर UFO दिखने की इन घटनाओं पर अमेरिकी रक्षा विभाग ने एक रिपोर्ट जारी की है, जो शायद इन एलियन यानों की खबरों के रोमांच पर पानी फेर दे.

आसमान में दिखने वाले UFO असल में चीनी ड्रोन हो सकते हैं (सांकेतिक तस्वीर: Getty) आसमान में दिखने वाले UFO असल में चीनी ड्रोन हो सकते हैं (सांकेतिक तस्वीर: Getty)
aajtak.in
  • वॉशिंगटन,
  • 06 नवंबर 2022,
  • अपडेटेड 8:09 PM IST

अमेरिकी खुफिया एजेंसियां (Intelligence agencies) पिछले कुछ सालों से सैकड़ों UFO फुटेज की जांच कर रही हैं. जांच में जो नतीजे सामने आए हैं, वे हैरान करने वाले हैं. एजेंसियों की मानें तो वे यूएफओ (UFO) या एलियंस (Aliens) हैं ही नहीं. अमेरिकी रक्षा विभाग (DoD) के कई अधिकारियों ने द न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया कि UFO जिन्हें सरकार अब UAP कहती है, शायद केवल विदेशी सर्विलांस ऑपरेशन या हवा में तारती हुई चीजें (Airborne clutter) जैसे वेदर बलून (Weather ballons) हैं.

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अधिकारियों ने कहा है कि कई यूएपी घटनाओं को आधिकारिक तौर पर 'सामान्य' चीनी सर्विलांस ड्रोन के रूप में पहचाना गया है. उनका कहना है कि पहले चीन ने अमेरिका के एडवांस फाइटर प्लेन के प्लान चुरा लिए थे और चीन अब इस बात में दिलचस्पी रखता है कि अमेरिका अपने पायलटों को कैसे ट्रेनिंग देता है. 

अमेरिका में पिछले कुछ सालों में UFO दिखने की कई घटनाएं सामने आईं थीं (सांकेतिक तस्वीर: Getty)

यह भी कहा गया है कि मिलिट्री विमानों का जिन UAP से आमना-सामना हुआ था, जो फिजिक्स के नियमों के विपरीत तरीकों से चलते हुए दिखाई दिए थे, वो भी नजर का धोखा या फिर ऑप्टिकल इल्यूज़न (Optical illusions) हो सकता है. इसमें 'GOFAST' नाम का लोकप्रिय वीडियो भी शामिल है, जिसे अमेरिकी नौसेना के एक विमान ने रिकॉर्ड किया था और जो 2018 में मीडिया में लीक हो गया था. 

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DoD के अधिकारियों का कहना है कि GOFAST वीडियो में जो ऑब्जेक्ट पानी पर अजीब गति से घूम रहा था, उसे असल में इस एंगल से रिकॉर्ड किया गया था कि वह पानी में ऑप्टिकल भ्रम पैदा कर रहा था. असल में, उस वस्तु की रफ्तार 48 किमी/घंटे से ज्यादा नहीं थी. 

DoD की खुफिया एजेंसियों ने जो नई रिपोर्ट तैयार की है उसमें कई घटनाओं का जिक्र क्या गया है. ये घटनाएं वो हैं जिन्हें अधिकारियों ने जून 2021 में सार्वजनिक रूप से जारी किया था. इसमें 2004 और 2021 के बीच, अमेरिकी सरकार द्वारा रिपोर्ट की गई 144 कथित UAP घटनाओं के बारे में बताया गया था.

NASA ने भी UAP की चांच के लिए एक स्टडी टीम लॉन्च की है (सांकेतिक तस्वीर: Getty)

2021 की रिपोर्ट में यह माना गया था कि हाई क्वालिटी डेटा की कमी के कारण, ज्यादातर UAP के बारे में निर्णायक रूप से समझाया नहीं जा सका है. हालांकि, रिपोर्ट ने सामान्य रूप से यूएपी को चीन, रूस, किसी अन्य देश या एक किसी गैर-सरकारी संस्था द्वारा तैनात की गई टेक्नोलॉजी बताया गया है, जैसे कि पक्षी और वेदर बलून जैसे हवा में तैरने वाली चीजें. रिपोर्ट में कहीं भी एलियंस या दूसरी दुनिया के लोगों का कोई जिक्र नहीं किया गया है.

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DoD के प्रवक्ता सू गफ (Sue Gough) का कहना है कि सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डाले बिना UAP की जो भी जानकारी दे सकती है, उसे साझा करने के लिए प्रतिबद्ध है. गफ ने कहा कि सरकारी अधिकारी भी यूएपी की घटनाओं पर सार्वजनिक तौर पर चर्चा करने से बचते हैं, क्योंकि उनके पास उन्हें सही से समझाने के लिए पर्याप्त डेटा नहीं है.

आपको बता दें, जैसा कि DoD UAP की जांच कर रहा है, NASA ने भी एक स्वतंत्र UAP स्टडी टीम लॉन्च की है. जो अक्टूबर 2022 से 2023 के मध्य तक काम करेगी. नासा के मुताबिक, टीम अमेरिका के आसमान में अज्ञात वस्तुओं की पहचान के लिए नए तरीके विकसित करने के लिए, जितना संभव हो सके उतना UAP डेटा इकट्ठा करने और उनकी जांच करने पर फोकस करेगी.

 

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