
अमेरिकी वैज्ञानिक संस्था NOAA के ओशन एक्प्लोरेशन ने अलास्का के तट के पास समंदर के अंदर सोने का गोला (Golden Orb) देखा. ये थोड़ा चौकार था. साथ ही इसके एक तरफ छेद था. इस गोल्डन गोले को खोजा NOAA के रिमोटली ऑपरेटेड अंडरवाटर व्हीकल (ROV) ने. जब ऊपर जहाज पर बैठे वैज्ञानिकों ने इसे देखा तो हैरान रह गए.
यह गोल्डन गोला अपनी पथरीली सतह से बेहद मजबूती से जकड़ा हुआ था. इसे निकालने के लिए रोबोटिक व्हीकल ने पहले वैक्यूम आर्म आगे बढ़ाया. फिर गोले को एक तरफ से तोड़ा. तब जाकर वह वैक्यूम आर्म में अंदर गया. यह गोल्डन गोला करीब 4 इंच लंबाई-चौड़ाई और ऊंचाई का था. जिसमें एक तरफ छेद था.
यह भी पढ़ें: Om Parvat Without Snow: बढ़ते तापमान से ओम पर्वत से पिघली बर्फ, OM की आकृति गायब...
यह पता करना बेहद जरूरी था कि ये गोल्डन गोला है क्या चीज. क्योंकि ऐसा किसी रहस्यमयी प्रजाति का अंडे का कवर हो सकता है. या फिर कोई मृत स्पॉन्ज या फिर कोरल. लेकिन गोल्डन गोले में बने छेद से ये तो जाहिर है, इसमें या कुछ अंदर जाने का प्रयास कर रहा था. या फिर उसमें से बाहर आने की कोशिश कर रहा था.
न तो इसमें कोई अंग है, छूने में मांसल था
ये भी माना जा रहा है कि कोई रहस्यमयी जीव यहां विकसित हो रहा होगा, जो बीच में ही मारा गया. उसका कवर बचा रह गया. कोई ऐसी चीज जो इस गोल्डन गोले के अंदर अंडे की तरह हैच हो रही होगी. लेकिन वो जीव छोटा तो नहीं होगा. यह गोला जब लैब में लाया गया, तब यह फूट चुका था. छूने में मांसल था. कोई एनाटोमी नहीं थी.
यह भी पढ़ें: WMO की चेतावनी... तेजी से बढ़ रहा समुद्री जलस्तर, इंसानों का दोस्त 'प्रशांत महासागर' बन रहा दुश्मन
किसी बड़े जीव के अंडे के कवर जैसा है
इंग्लैंड के यूनिवर्सिटी ऑफ प्लाइमाउथ के डीप-सी इकोलॉजिस्ट केरी होवेल ने बताया कि यह एक अंडे के कवर जैसा दिख रहा है. जिसे पहले मैंने कभी नहीं देखा. अगर यह सच में अंडा है तो ये जानना जरूरी है कि किस जीव का. क्योंकि ये बड़ा है. ये किसी छोटी मछली या जीव का अंडा तो नहीं हो सकता.
किस जीव का अंडा हो सकता है ये?
ये समंदर में जिस गहराई में मिला है, वहां कोई सामान्य समुद्री जीव नहीं रह सकता. सूरज की रोशनी वहां जाती नहीं. तापमान जमाने वाला रहता है. इतनी ठंड में किस तरह के जीव रहते हैं. इसकी स्टडी लगातार की जा रही है. कई बार ऐसे विचित्र जीव सामने आते हैं, कई बार उनके सबूत मिलते हैं.