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पकड़ा गया तीन महिलाओं को मारने वाला नैनीताल का आदमखोर टाइगर, रात भर चला रेस्क्यू ऑपरेशन

नैनीताल में 10 दिनों के अंदर तीन महिलाओं और कई मवेशियों का शिकार करने वाले आदमखोर बाघ को पकड़ लिया गया है. वन विभाग की टीम ने उसे नौकुचियाताल से थोड़ा और ऊपर जंगलिया गांव के आसपास के जंगलों में ट्रैंकुलाइज करके पकड़ा है.

Nainital Man eater Nainital Man eater
लीला सिंह बिष्ट
  • नैनीताल,
  • 26 दिसंबर 2023,
  • अपडेटेड 6:27 AM IST

उत्तराखंड के नैनीताल-भीमताल इलाके में 10 दिनों में तीन महिलाओं और कई मवेशियों को मारने वाले आदमखोर बाघ को वन विभाग की टीम ने पकड़ लिया है. दरअसल, हुआ यूं कि 25 दिसंबर 2023 को सुबह वन विभाग की रेस्क्यू टीम को खबर मिली कि नौकुचियाताल से थोड़ा और ऊपर जंगलिया गांव में टाइगर देखा गया है, जिसने एक गाय का शिकार किया है. 

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इस टीम का नेतृत्व कॉर्बेट नेशनल पार्क के सीनियर वेटनरी डॉ. दुष्यंत शर्मा और डॉक्टर हिमांशु कर रहे थे. खबर मिलते ही उन्होंने 10 लोगों की टीम बनाई. तुरंत रेस्क्यू के लिए निकल गए. उन्हें पता था कि टाइगर को स्पॉट करके उसे रेस्क्यू करने में बड़ा खतरा ये है कि इस काम में एक दिन भी लग सकता है और महीने भर से ज्यादा भी. फिर भी टीम ने तेजी के साथ उसे सर्च करना शुरू कर दिया.  

वन विभाग की टीम ने टाइगर द्वारा मारी हुई गाय को ऐसे स्थान पर रख दिया, जहां से रात में टाइगर पर निशाना लगाया जा सके और उसे बेहोश किया जा सके. ये तरकीब इसलिए की गई, क्योंकि अक्सर टाइगर अपने शिकार पर दोबारा आता है. ताकि वह इत्मीनान से उसे खा सके. रात 12 बजे टाइगर गाय के पास आया. तभी वन विभाग की टीम ने उसे ट्रैंकुलाइज करने के लिए डार्ट चलाया. डार्ट लगने के बाद भी टाइगर जंगल में नीचे की ओर भाग गया. इसके बाद रेस्क्यू टीम धीरे-धीरे जंगल की ओर बढ़ी और उसने खोजना शुरू किया. 

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उन्होंने बताया कि सर्द रात में जंगल में टाइगर खोजना खतरनाक काम था. टाइगर को पहाड़ी जंगलों में खोजना भूसे के ढेर में सुई खोजने जैसा होता है. खतरा भी था, यह डर भी था कि टाइगर पूरी तरह से बेहोश न हुआ हो तब क्या करेंगे. ऐसे में वह हमला कर सकता था. आखिरकार टीम को टाइगर मुख्य मार्ग से 3 km नीचे बेहोश मिला. भारी भरकम टाइगर को खतरनाक रास्ते से सड़क तक लाने में वन विभाग की टीम को ढाई घंटे का समय लगा. इस काम को करने में सर्द रात में भी टीम के पसीने छूट गए. 

बीच-बीच में टाइगर को बेहोशी का बूस्टर डोज दिया जाता रहा, ताकि वह होश में न आ जाए. सड़क पर पहुंच कर टाइगर को पिंजरे में डालकर ट्रक से 26 दिसंबर 2023 को सुबह तीन बजे रानीबाग रेस्क्यू सेंटर लाया गया. वन विभाग की टीम ने टाइगर के ब्लड, स्वाब और बालों के सैंपल लिए जिसका मिलान मारी गई महिलाओं के सैंपल से कराया जाएगा. ताकि यह पता चल सके कि यह वही आदमखोर बाघ है.

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