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PAK से कश्मीर तक... Delhi से बांग्लादेश तक फैला है Radiation Fog, NASA के सैटेलाइट ने ली तस्वीर, बताई कोहरे की वजह

NASA ने उत्तर भारत में इस समय फैले कोहरे को लेकर बड़ा खुलासा किया है. इसे रेडिएशन कोहरा यानी Radiation Fog कहते हैं. पिछले कुछ दशकों में यह तेजी से बढ़ा है. आइए जानते हैं कि ये कोहरा कैसे बनता है? इससे क्या नुकसान है?

ये है NASA के टेरा सैटेलाइट से लिया गया गंगा के मैदानी इलाके के ऊपर जमा Radiation Fog. (फोटोः NASA) ये है NASA के टेरा सैटेलाइट से लिया गया गंगा के मैदानी इलाके के ऊपर जमा Radiation Fog. (फोटोः NASA)
आजतक साइंस डेस्क
  • नई दिल्ली,
  • 22 जनवरी 2024,
  • अपडेटेड 3:42 PM IST

भारत का उत्तरी इलाका इस समय ऐसे कोहरे के कंबल में लिपटा है, जिसे रेडिएशन फॉग (Radiation Fog) कहते हैं. इसकी चपेट में पाकिस्तान (Pakistan) और बांग्लादेश (Bangladesh) भी हैं. दिसंबर और जनवरी में गंगा के मैदानी इलाके यानी इंडो-गैंगेटिक प्लेन (Indo-Gangetic Plain) कोहरा बनता है. 

गंगा का यह मैदानी इलाका फ्लैट है. उपजाऊ है. इस साल यानी सर्दियों के महीने की शुरूआत पिछले साल नवंबर से हुई. सबसे ज्यादा कोहरा दिसंबर 2023 और जनवरी 2024 के महीने में देखे जाने की उम्मीद है. यहां ऊपर जो तस्वीर आप देख रहे हैं, उसे NASA के टेरा सैटेलाइट ने 15 जनवरी 2024 को लिया था. 

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इसमें जो कोहरा दिख रहा है वह पाकिस्तान के इस्लामाबाद से लेकर बांग्लादेश के ढाका तक फैला है. इसके बीच में आते हैं दिल्ली, आगरा, मेरठ, रोहतक, और कई अन्य भारतीय शहर. ये शहर असल में शहर नहीं हीट आइलैंड्स (Heat Islands) हैं. जिन्होंने कोहरे के कंबल में कहीं-कहीं छेद कर दिया है. यानी कोहरा थोड़ा हल्का हुआ है लेकिन बहुत जगहों पर घरा कोहरा है. 

क्या होता है रेडिएशन कोहरा? 

रेडिएशन कोहरा यानी Radiation Fog तब बनता है जब रात में जमीन का तापमान कम होता है. वो ठंडी होती है. उसके ऊपर हवा की गति बेहद कम होती है. लेकिन हवा में भारी मात्रा में नमी होती है. तब यह कोहरा फैलता चला जाता है. ये कोहरा अक्सर पहाड़ी इलाकों, घाटियों और पानी के स्रोतों के ऊपर भी देखने को मिल जाता है. 

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इस कोहरे से होते हैं हादसे 

पिछले कुछ दिनों से भारत में कई उड़ानें और ट्रेनें कोहरे की वजह से रद्द या देर हुई हैं. इसकी वजह से पूरे देश में यातायात बाधित होती है. एक वैज्ञानिक स्टडी के मुताबिक यह सीजन यानी कोहरे वाला मौसम काफी ज्यादा हादसों का जिम्मेदार होता है. इस समय ड्राइविंग करना बेहद खतरनाक होता है. पिछले कुछ हफ्तों में यह घटनाएं बढ़ गई हैं. 

रेडिएशन फॉग पिछले कुछ सालों में बढ़ा

साल 2022 में कोहरे की वजह से भारत में सड़क हादसों में 14 हजार लोगों की मौत हुई थी. जबकि 15 हजार से ज्यादा लोग बुरी तरह से जख्मी हुए थे. नासा की स्टडी में यह बात सामने आई है कि पिछले कुछ दशकों से गंगा के मैदानी इलाके में कोहरे का हमला बढ़ गया है. खासतौर से रेडिएशन फॉग का. यह बढ़ा है एयरोसोल प्रदूषण (Aerosol Pollution) की वजह से. एयरोसोल का प्रदूषण बढ़ता है यातायात, इंड्स्ट्री के धुएं और पराली जलाने से. 

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