
वैज्ञानिकों को लगातार ऐसे सबूत मिल रहे हैं जिससे पता चलता है कि आकाशगंगाएं, बाकी आकाशगंगाओं को खुद में मिलाकर, विशालकाय बनती जाती हैं. हबल जैसे टेलीस्कोप ने ऐसी कई आकाशगंगाओं को कैप्चर किया है जो ऐसा कर रही हैं. इनमें Arp 248 जैसी जानी-मानी गैलेक्सी भी शामिल है.
हमारी मिल्की वे (Milky Way) के सबसे करीब एंड्रोमेडा गैलेक्सी (The Andromeda galaxy), सबसे बड़ी आकाशगंगा है. एक नए शोध से पता चलता है कि एंड्रोमेडा गैलेक्सी ने दो अलग-अलग युगों में बाकी आकाशगंगाओं को निगला था.
सिडनी यूनिवर्सिटी के गेरेंट लुइस (Geraint Lewis) इस नए शोध के लेखक हैं. यह शोध द मंथली नोटिसिस ऑफ द रॉयल एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी (The Monthly Notices of the Royal Astronomical Society) में प्रकाशित किया जाना है. फिलहाल ये pre-press site arxiv.org. पर उपलब्ध है.
गेरेंट लुइस का कहना है कि शोध के नतीजों से यह स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि हमारा स्थानीय ब्रह्मांड एक साथ कैसे आया है. इससे पता चल रहा है कि कम से कम एक बड़ी आकाशगंगा ने छोटी-छोटी कई आकाशगंगाओं को निगला है.
इस शोध में ग्लोब्यूलर क्लस्टर (Globular clusters) केंद्र में हैं. ये पुराने तारों का एक संघ होता है जिनकी धात्विकता (Metallicity) कम होती है. मिल्की वे में इनकी संख्या कम से कम 150 या इससे ज्यादा होने की संभावना है. गैलेक्टिक इवोल्यूशन में इनकी भी भूमिका होती है, लेकिन यह भूमिका स्पष्ट नहीं है.
शोधकर्ताओं ने एंड्रोमेडा के आंतरिक प्रभामंडल (Inner Halo) में कई ग्लोब्यूलर्स देखे हैं, जिनकी धात्विकता (Metallicity) समान है. उस इलाके के बाकी तारों की तुलना में ग्लोब्यूलर्स की मैटेलिसिटी कम होती है. इसका मतलब ये हुआ कि वे एंड्रोमेडा से नहीं, बल्कि कहीं और से आए हैं. इसका मतलब यह भी है कि वे पुराने हैं, क्योंकि शुरुआती ब्रह्मांड में अब की तुलना में भारी तत्व कम थे.
लुइस ने ग्लोब्यूलर्स के इस कलेक्शन को दुलाइस संरचना (Dulais Structure) का नाम दिया है. यह 10 से 20 ग्लोब्यूलर्स का एक समूह है. दुलाइस स्ट्रक्चर इस बात का सबूत है कि एंड्रोमेडा ने पिछले 500 करोड़ सालों में ग्लोब्यूलर्स के समूहों को खाया है. सबूत इस बात के भी हैं कि ग्लोब्यूलर्स के एक दूसरे समूह को भी निगला गया, जो 800 से 1000 करोड़ साल पुराना था.
लुइस और उनकी टीम का कहना है कि ग्लोब्यूलर्स समूहों में कम धात्विकता होती है और वे उसी क्षेत्र के बाकी समूहों से गतिज रूप से (Kinematically) अलग होते हैं. एंड्रोमेडा गैलेक्सी एक तरफ घूमती है, जबकि दुलाइस संरचना अलग तरह से चलती है.
शोधकर्ताओं का कहना है कि हमने पिछले कुछ दशकों में ये महसूस किया है कि आकाशगंगाएं छोटे सिस्टम्स को खाकर अपना आकार बढ़ाती हैं- यानी छोटी आकाशगंगाएं इनमें मिल जाती हैं. इसी को गैल्गेटिक कैनाबिलिज़्म (Galactic cannibalism) कहा जाता है.