
अंटार्कटिका (Antarctica) के सबसे दूरस्थ और दुर्गम इलाकों की सैटेलाइट तस्वीरें ली गई हैं, जिनसे एंपरर पेंग्विन की एक नई कॉलोनी के बारे में पता चला है. इस कॉलोनी को अब से पहले कभी देखा नहीं गया था.
इस कॉलोनी में लगभग 500 पक्षी रहते हैं. इस कॉलोनी को मिलाकर अब अंटार्कटिका के समुद्र तट के आसपास कुल 66 ज्ञात एंपरर पेंग्विन कॉलोनियां हैं. इनमें से आधी कॉलोनियों को सैटेलाइट को ज़रिए ही खोजा गया है. जलवायु संकट इन कॉलोनियों के लिए खतरा बन रहा है, क्योंकि समुद्री बर्फ तेजी से पिघल रही है.
कॉलोनी की खोज करने वाले, ब्रिटिश अंटार्कटिक सर्वेक्षण के डॉ पीटर फ्रेटवेल (Dr Peter Fretwell) का कहना है कि यह बहुत रोमांचक खोज है. लेकिन हाल ही में खोजी गई कई साइटों की तरह, यह भी एक छोटी कॉलोनी है और उस क्षेत्र में है, जो समुद्री बर्फ के नुकसान से बुरी तरह प्रभावित हुआ है.
एंपरर पेंगुइन एकमात्र पेंगुइन हैं, जो जमीन के बजाय समुद्री बर्फ पर प्रजनन करते हैं, और ऐसे इलाकों में रहते हैं जिनपर स्टडी करना बहुत कठिन है, क्योंकि वे दुर्गम हैं और वहां का तापमान -60C तक पहुंच जाता है. पिछले 15 सालों से, ब्रिटिश अंटार्कटिक सर्वे (BAS) के वैज्ञानिक बर्फ पर भूरे रंग के गुआनो स्टेन (पेंग्विन का मल) देखने के लिए सैटेलाइट का इस्तेमाल कर, नई कॉलोनियों की खोज कर रहे हैं.
यूरोप की कोपर्निकस सेंटिनल-2 सैटेलाइट मिशन से मिली तस्वीरों के आधार पर, इस नई कॉलोनी को पश्चिमी अंटार्कटिका में, वर्लेगर पॉइंट पर खोजा गया है. मैक्सर वर्ल्डव्यू-3 सैटेलाइट की हाई रिज़ॉल्यूशन तस्वीरों से भी इस कॉलोनी की पुष्टि की गई है.
फ्रेटवेल कहते हैं कि चूजों के विकास के लिए पेंग्विन को अप्रैल और सितंबर के बीच बर्फ की काफी जरूरत होती है. लेकिन बर्फ अगर इससे पहले टूट जाती है, तो चूजे पानी में गिर जाते हैं और या तो डूब जाते हैं या जम जाते हैं.
पेंग्विन कॉलोनियों के आकार का सीधा प्रभाव उनके अस्तित्व पर पड़ता है, क्योंकि सर्दियों के तूफानों से खुद को सुरक्षित रखने के लिए ये पक्षी एक साथ रहते हैं. खासकर, दो महीने के लिए जब नर पेंग्विन अंडे सेते हैं.
समुद्री बर्फ में हुए परिवर्तन की वजह से कई कॉलोनियां पहले ही खत्म हो गई हैं. इसमें मार्गुराईट बे (Marguerite Bay) की पेंग्विन भी शामिल हैं, जिनपर 1940 के दशक से शोध किए जा रहे थे और हैली बे (Halley Bay) की कॉलोनी भी शामिल है जो 50 सालों तक बनी रही. फ्रेटवेल का कहना है कि ज्यादातर एंपरर पेंग्विन अपने जीवनकाल में शायद किसी इंसान को कभी नहीं देख पाएं, लेकिन हम दुनिया के दूसरी तरफ जो कर रहे हैं, वह धीरे-धीरे उन्हें मार रहा है.
फ्रेटवेल ने कहा कि 2015 से, अंटार्कटिका की समुद्री बर्फ में बहुत बदलाव हुए हैं, जो अब पहले से तेजी से हो रहे हैं. पिछले साल अंटार्कटिका में समुद्री बर्फ की स्थिति सबसे खराब थी और इस साल पहले से भी बदतर है.
पिछले शोध के मुताबिक, अगर ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कटौती के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो सदी के अंत तक 90% कॉलोनियां खत्म हो जाएंगी.