
हाल ही में एक समुद्री खोज में एक अनोखी कोरल रीफ का पता चला है. इक्वाडोर (Ecuador) के गैलापागोस द्वीप समूह (Galapagos Islands) से बेहद समृद्ध समुद्री जीवन के साथ ऐसी कोरल रीफ दिखाई दी जो इससे पहले कभी देखी नहीं गई थी. देश के पर्यावरण मंत्रालय ने हाल ही में इस बात की जानकारी दी.
पर्यावरण मंत्री जोस दावालोस (Jose Davalos) ने ट्विटर पर कहा कि समुद्र के गहरे पानी के एक खोज अभियान में, पानी में डूबे पहाड़ की चोटी पर करीब दो किलोमीटर लंबी और करीब 400 मीटर गहराई पर प्राचीन प्रवाल भित् या कोरल रीफ पाई गई है. उन्होंने लिखा कि- 'गैलापागोस ने हमें फिर से चौंका दिया है!"
मंत्रालय का कहना है कि वैज्ञानिकों का मानना था कि 1982 और 1983 में गैलापागोस की एकमात्र रीफ डार्विन द्वीप के तट के पास वेलिंगटन रीफ ही थी, जो एल नीनो के प्रभाव से बच गई थी. लेकिन नई खोज से पता चलता है कि अन्य कोरल रीफ भी कायम हैं. इस रीफ में 50% से ज़्यादा जीवित प्रवाल हैं. यहां समुद्री जीवों को भी खुश देखा जा सकता है.
इस खोज अभियान में भाग लेने वाले चार्ल्स डार्विन फाउंडेशन के सीनियर मरीन रिसर्चर स्टुअर्ट बैंक्स का कहना है कि वैश्विक स्तर पर यह खोज बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि गहरे पानी के कई सिस्टम खराब हो चुके हैं. उन्होंने यह भी कहा कि यह कोरल रीफ कई हजार साल पुरानी है.
दक्षिण अमेरिकी देश ने पिछले साल कोस्टा रिका में गैलापागोस और कोकोस द्वीप के बीच लुप्तप्राय माइग्रेटरी प्रजातियों के संरक्षण के लिए, गैलापागोस मरीन रिजर्व को 60,000 वर्ग किमी तक बढ़ाया था, इसमें 138,000 वर्ग किमी का विस्तार पहले से मौजूद है.
गैलापागोस, जिसने चार्ल्स डार्विन के विकासवाद के सिद्धांत को प्रेरित किया, वह विशाल कछुओं, अल्बाट्रॉस, कॉर्मोरेंट और अन्य प्रजातियों का भी घर है. इन प्रजातियों में से कुछ लुप्त होने की कगार पर हैं.