Advertisement

धरती के सबसे नजदीक मिले दो शैतानी ब्लैक होल्स, वैज्ञानिकों को कई साल तक नहीं दिखे थे

खगोलविदों की निगाह हमेशा अंतरिक्ष में होती है, लेकिन हाल ही में दो ऐसे ब्लैक होल्स खोजे गए हैं जिन्हें अब तक कभी देखा नहीं गया. ये दोनों ब्लैकहोल पृथ्वी के काफी करीब हैं और बाकी ब्लैक होल से अलग भी हैं. जानिए क्या खास है इन ब्लैक होल्स में और अब तक ये वैज्ञानिकों को नज़र क्यों नहीं आए.

पृथ्वी के सबसे नज़दीक ब्लैक होल मिले (Photo: NASA) पृथ्वी के सबसे नज़दीक ब्लैक होल मिले (Photo: NASA)
aajtak.in
  • वॉशिंग्टन,
  • 06 अप्रैल 2023,
  • अपडेटेड 6:45 PM IST

हाल ही में दो ब्लैक होल (Black hole) खोजे गए हैं, जो हमारी पृथ्वी के काफ़ी करीब हैं. अब से पहले इन्हें कभी देखा नहीं गया था. खगोलविदों की एक अंतरराष्ट्रीय टीम ने इनकी खोज की है. इसके लिए यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) के गैया मिशन (Gaia mission) के डेटा का इस्तेमाल किया गया है, जो दुनिया के ग्राउंड बेस्ड टेलीस्कोपों ​​के साथ जुड़ा हुआ है.

Advertisement

ESA के मुताबिक, इन दोनों ब्लैक होल्स का नाम है Gaia BH1 और Gaia BH2. ये दोनों ब्लैक होल अब तक खोजे गए किसी भी ब्लैक होल की तुलना में पृथ्वी के सबसे करीब हैं.

दोनों ब्लैक होल हमारे सूर्य से करीब 9 से 10 गुना ज़्यादा बड़े हैं (Photo: ESA)

Gaia BH1 हमारे सौर मंडल से Ophiuchus तारामंडल की तरफ सिर्फ़ 1,560 प्रकाश वर्ष दूर है. यह पिछले सबसे बड़े ब्लैक होल की तुलना में करीब तीन गुना ज़्यादा नज़दीक है. Gaia BH2 करीब 3,800 प्रकाश वर्ष दूर, Centaurus तारामंडल की तरफ है. ये दोनों ब्लैक होल हमारे सूर्य से करीब 9 से 10 गुना ज़्यादा बड़े हैं और हमारी अपनी आकाशगंगा के अंदर हैं.

अब तक नज़र क्यों नहीं आए इतने बड़े ब्लैक होल ?

अब तक इन विशालकाय ब्लैकहोल पर किसी की नज़र क्यों नहीं पड़ी, ये बड़ा सवाल है. तो जवाब ये है कि ये व्यावहारिक रूप से अदृश्य हैं. पहले वैज्ञानिक, ब्लैक होल की खोज उन अवशेषों को देखकर किया करते थे जो ब्लैकहोल का भेजन बनते थे. नासा के मुताबिक, जब कोई तारा या इंटरस्टेलर गैस का बादल किसी ब्लैक होल में गिरता है, तो वह अपने पीछे इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन छोड़ता है, जिससे वैज्ञानिकों को ब्लैक होल होने का पता चल सकता है. 

Advertisement
 अब निष्क्रिय हो गए हैं दोनों ब्लैकहोल (Photo: Pixabay)

लेकिन ये खोज पिछली खोजों से अलग है क्योंकि Gaia BH1 और BH2 पूरी तरह से अंधकारमय हैं. साथ ही, ऐसे कोई अवशेष भी नहीं है जिससे पता लगे कि इन्होंने किसी तारे को निगला है. ये निष्क्रिय हो गए हैं.

दो तारों को गौर से देखा तो हुई ब्लैक होल की खोज

शोधकर्ताओं को सूर्य जैसे दो तारों की गतिविधियों को ध्यान से ट्रैक करके इन ब्लैक होल का पता लगा. शोधकर्ताओं ने देखा कि अंतरिक्ष में तारे कुछ डगमगा रहे थे. इससे पता चलता है कि वहां बहुत ज़्यादा गुरुत्वाकर्षण होगा, या फिर कोई दूसरा तारा उन्हें अपनी तरफ खींच रहा होगा. लेकिन जब शोधकर्ताओं ने दूरबीन से बारीकी से जांच की तो वहां उन्हें ऐसा कुछ नहीं मिला जिससे रेडिएशन आ रही हो. गणित के मुताबिक, ऐसा तभी होता है जब वहां कोई ब्लैक हो.

 

दोनों ब्लैक होल को 2022 के अंत में खोजा गया था. ESA के मुताबिक, Gaia BH1 और Gaia BH2 ब्लैक होल की एक नई कैटगरी से हैं जिन्हें अब से पहले कभी देखा नहीं गया था. गैया का अगला डेटा 2025 में रिलीज़ होगा, वैज्ञानिक उम्मीद जता रहे हैं कि तब और ज़्यादा निष्क्रिय हो चुके ब्लैक होल के बारे में पता लगेगा. यह शोध हाल ही में मंथली नोटिसेस ऑफ द रॉयल एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी में प्रकाशित हुआ है.

Advertisement

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement