
गिरगिट को उसके रंग बदलने की क्षमता की वजह से पहचाना जाता है. क्या आप जानते हैं कि ऑक्टोपस को भी समुद्र का गिरगिट कहा जाता है. ये रंग बदलते हैं और इनकी तरफ देखकर कोई पहचान ही नहीं पाता कि ऑक्टोपस कहां है.
छोटे, पंगमेंट से भरी स्किन टिश्यू क्रोमैटोफोर्स (Chromatophores), रंग-प्रतिबिंबित करने वाले इरिडोफोर्स (Iridophores) और प्रकाश-प्रतिबिंबित करने वाले ल्यूकोफोर्स (Leucophores) की वजह से ऑक्टोपस अपने पैटर्न और रंग को पलक झपकते ही बदल सकते हैं.
हाल ही में एक शोध किया गया है, जिससे शोधकर्ताओं ने ऑक्टोपस की एक प्रजाति में शरीर पर बने पैटर्न को गहराई से जानने की कोशिश की. उन्हें ऑक्टोपस प्रजाति में एक बेस पैटर्न का पता लगाया, जो किसी फोटोग्राफर के वॉटरमार्क की तरह दिखाई देता है.
कुछ प्रजातियों में, शरीर के रंग पैटर्न ऐसे होते हैं कि इंसान तस्वीरों को देखकर ऑक्टोपस को पहचान सकता है. Octopus chierchiae में ऐसे गुण हैं जिससे उसकी पहचान फोटो से की जा सकती है. इस प्रजाति को पिग्मी ज़ेबरा ऑक्टोपस (pygmy zebra octopus) भी कहते हैं. यह बौने ऑक्टोपस की प्रजाति है जो कोलंबिया से बाजा कैलिफ़ोर्निया तक, अमेरिका के प्रशांत तट पर उथले पानी में पाई जाती है. ऑक्टोपस चिरचिया को आमतौर पर उनके पूरे शरीर को ढकने वाली काली और सफेद धारियों की वजह से 'हार्लेक्विन' ऑक्टोपस (harlequin octopuses) कहा जाता है. ये धारियां ऑक्टोपस के शुरुआती जीवन में साफ नहीं होतीं, लेकिन बाद में स्पष्ट तौर पर नजर आती हैं.
ऑक्टोपस का अनूठा पैटर्न इंसाने के फिंगरप्रिंट की तरह होता है. शोध में ऑक्टोपस के जीवन के पहले चार हफ्तों की पोलरॉइड तस्वीर ली गई, जिसमें इन पैटर्यन को साफ तौर पर देखा जा सकता है.
अधिकांश ऑक्टोपस प्रजातियां मरने से पहले केवल एक बार प्रजनन करती हैं, लेकिन लैब में, इस ऑक्टोपस ने अपने दो साल के जीवनकाल में आठ अंडे दिए. लैब में खास बात यह होती है कि ऑक्टोपस ज्यादातर अलग रहते हैं, समुद्र की दुनिया से एकदम अलग, इसलिए यह साफ नहीं है कि पर्यावरण की स्थिति या चोट ऑक्टोपस के पैटर्न को प्रभावित कर सकती हैं या नहीं. लेकिन छह सालों में इन ऑक्टोपस को लैब में रखा गया और शोधकर्ताओं ने उनकी त्वचा के पैटर्न में कोई बदलाव नहीं देखा.
PLOS One में प्रकाशित शोध के मुताबिक, अब शोधकर्ताओं को पता चल गया था कि वे हर ऑक्टोपस को उसकी धारियों से पहचान सकते हैं. इसके बाद वे ये जानना चाहते थे कि क्या कोई और व्यक्ति जिसे इस बारे में पता नहीं है, वह इन्हें पहचान सकता है या नहीं.
इसके लिए ऑब्ज़र्वर्स को बुलाया गया. इस शोध में इस्तेमाल की गई तस्वीरों के लिए चार सप्ताह से ज़्यादा की उम्र वाले ऑक्टोपस को 'मॉडल' के लिए चुना गया था, क्योंकि इस समय तक उनके मेंटल पैटर्न साफ दिखने लगते हैं. 38 लोगों को एक क्विज़ भेजी गई, जिसमें उन्होंने 20 स्लाइड देखीं,हर स्लाइड में ऑक्टोपस की दो अलग-अलग तस्वीरें साथ-साथ दिखाई गईं थीं. नौ स्लाइड्स में एक ही ऑक्टोपस की दो तस्वीरें दिखाई गईं, ग्यारह में दो अलग-अलग ऑक्टोपस की तस्वीरें दिखाई गईं.
शोध से पता चला है कि इन ऑक्टोपस प्रेमियों ने अच्छा स्कोर किया. 17 लोगों ने 95 प्रतिशत एक्यूरेसी के साथ सही जवाब दिया, जबकि औसत स्कोर 90 प्रतिशत था. शोध से पता चला कि फोटो पहचान ऑक्टोपस से जुड़ी हर तरह की समस्या का एक शानदार तरीका है.