
बुरी खबर ये है कि प्रशांत महासागर (Pacific Ocean) खत्म होने वाला है. नक्शे से गायब होने वाला है. अच्छी खबर... ये है कि अभी थोड़ा समय बाकी है. कहते हैं कि प्रशांत महासागर धरती पर मौजूद सबसे पुराना महासागर है. यह अभी कम से कम 30 करोड़ साल और रहेगा. किस्मत अच्छी रही तो शायद अपना 100 करोड़ साल का जन्मदिन भी मना ले. लेकिन यह काम थोड़ा मुश्किल लग रहा है. दरअसल, धरती के सभी टेक्टोनिक प्लेट्स नजदीक आ रहे हैं. ये आपस में फिर से टकराने वाले हैं. मिलने वाले हैं. यानी नया सुपरकॉन्टीनेंट (Supercontinent) बनने वाला है.
ऑस्ट्रेलिया के कर्टिन यूनिवर्सिटी (Curtin University) के वैज्ञानिकों की स्टडी है कि फिर से नया सुपरकॉन्टीनेंट बनने से पहले प्रशांत महासागर खत्म हो जाएगा. अपने जीवन के आखिरी समय में जितना बड़ा और व्यापक दिखता है, उतना नहीं दिखेगा. हर साल यह महासागर कुछ सेंटीमीटर्स कम हो रहा है. यह एक समय में सुपरओशन (Superocean) था, जिसने सुपरकॉन्टीनेंट पैंजिया (Pangea) को घेर रखा था.
प्रशांत महासागर में कई सबडक्शन जोन (Subduction Zone) हैं, जिनके अंदर टेक्टोनिक प्लेटों की टक्कर होती रहती है. एकदूसरे के ऊपर चढ़ते उतरते रहते हैं. खासतौर से इस इलाके को ही रिंग ऑफ फायर (Ring of Fire) कहते हैं. ऐसे स्थान ठीक उसी तरह से काम करते हैं, जैसे बाथ टब का ड्रेन सिस्टम काम करता है. जिस दिन सारे महाद्वीप आपस में मिलकर सुपरकॉन्टीनेंट बनाएंगे. रिंग ऑफ फायर से प्रशांत महासागर का सारा पानी अंदर चला जाएगा.
हर साल एशिया खिसक रहा है ऊपर की ओर
हर साल पैसिफिक प्लेट कुछ सेंटीमीटर यूरेशियन प्लेट और इंडो-ऑस्ट्रेलियन प्लेट में जा रही है. जिसकी वजह से उत्तरी अमेरिका, एशिया और ऑस्ट्रेलिया की दूरी कम होती जा रही है. यानी एक दिन ये आपस में मिल जाएंगे. इस जगह को अमेसिया (Amasia) कहा जाएगा. दुनिया के सभी वैज्ञानिक यह नहीं समझ पाते कि नया सुपरकॉन्टीनेंट कैसा दिखेगा. लेकिन वह अपनी-अपनी स्टडी में इस बात को कह चुके हैं कि प्रशांत महासागर खत्म हो जाएगा.
सुपरकॉन्टीनेंट तो बनेगा, सुपर ओशन नहीं रहेगा
कुछ स्टडीज और हैं, जो ये कहती हैं कि आज फैलता हुए अटलांटिक महासागर (Atlantic Ocean) एक दिन सिकुड़ने लगेगा. सुपरकॉन्टीनेंट अमेसिया के चारों तरफ सुपर प्रशांत महासागर होगा. लेकिन कर्टिन यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक इस बात से सहमत नहीं है. कर्टिन यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों का कहना है कि नया पैजिंया जैसा कॉन्टीनेंट, जिसे लोग पैंजिया प्रॉक्सिमा बुला रहे हैं. वो नहीं बनेगा. उसके बजाय अमेसिया बनेगा, जो उत्तरी अमेरिका और एशिया के मिलने से बनने वाला है. ऐसा अभी से 19.6 करोड़ साल बाद होने का अनुमान है.
सुपरकॉन्टीनेंट का बनना एक साइकिल हैः एक्सपर्ट
इस रिसर्च को करने वाले प्रमुख शोधकर्ता चुआन हुआंग ने कहा कि पिछलो 200 करोड़ साल से ज्यादा समय में यह बात सामने आई है कि हर 60 करोड़ साल पर महाद्वीप आपस में मिलते हैं, नया सुपरकॉन्टीनेंट बनाते हैं. इस प्रक्रिया को सुपरकॉन्टीनेंट साइकिल (Supercontinent Cycle) कहते हैं. हमारी स्टडी में यह बात स्पष्ट हो चुकी है कि अगले 30 करोड़ साल में प्रशांत महासागर खत्म हो जाएगा. अमेसिया सुपरकॉन्टीनेंट का निर्माण होगा.
समुद्रों की स्थिति पूरी तरह से बदल जाएगी
चुआन ने कहा कि कुछ और सुपरकॉन्टीनेंट सिमुलेशन किए गए हैं. जो कहते हैं कि अटलांटिक या कैरिबियन सागर खत्म होगा. लेकिन हमारी स्टडी उनसे अलग है. हमारी स्टडी और सिमुलेशन के मुताबिक प्रशांत महासागर खत्म होने वाला है. जियोलॉजिस्ट झेंग जियांग ली कहते हैं कि अमेसिया के बनने से धरती के ऊपरी लेयर पर बड़ा अंतर पड़ेगा. समुद्री जलस्तर कम हो जाएगा. सुपरकॉन्टीनेंट के नीचे गहराई में अर्ध-शुष्क स्थिति बन जाएगी. रोज का तापमान लगातार बढ़ेगा. समुद्र के क्रस्ट का ऊपरी हिस्सा तो पूरी तरह से बदल जाएगा.
समुद्र हो जाएंगे और छिछले, गहराई कम होगी
कुछ लोगों का मानना है कि नया सुपरकॉन्टीनेंट होगा नोवोपैंजिया (Novopangaea). यह अमेरिका, अंटार्कटिका, यूरेशिया और अफ्रीका के मिलने से बनेगा. इससे प्रशांत महासागर कई हिस्सों में बंट जाएगा. बाद में खत्म हो जाएगा. दूसरी सुपरकॉन्टीनेंट थ्योरी ऑरिका (Aurica) की है, जिसमें प्रशांत और अटलांटिक महासागर नजदीक आ जाएंगे. उनकी तलहटी नीचे से ऊपर की ओर उठ जाएगी. अब चाहे जो भी सुपरकॉन्टीनेंट बने. लेकिन यह बात तो तय है कि महासागरों की स्थिति एक जैसी नहीं रहेगी.