
एक पुरातत्वविद् ने दावा किया है कि माया सभ्यता के लोगों (Maya people) ने अपने राजाओं का अंतिम संस्कार किया और उनकी राख से रबर की गेंदें बनाईं. इन गेंदों का इस्तेमाल उन्होंने खेलों में किया. ये सुनने में बेहद अजीब है, लेकिन शोधकर्ताओं का मानना है कि दक्षिणी मेक्सिको (Southern Mexico) में माया शहर टोनिना (Toniná) की खुदाई के दौरान, उन्हें इस बात के सबूत मिले हैं.
शोधकर्ताओं ने इसे 'बॉलगेम' (Ballgame) कहा है. क्योंकि इस खेल के नियम और नाम समय के साथ बदलते रहे हैं. यह खेल अक्सर दो टीमें मिलकर खेलती थीं और I-आकार के कोर्ट पर रबर की गेंद का इस्तेमाल करके ये खेल खेला जाता था. यह खेल हजारों सालों तक पूरे अमेरिका में लोकप्रिय रहा था. टोनिना समेत, प्राचीन माया शहरों में इस तह के कई बॉल कोर्ट पाए गए हैं.
रबर की गेंदों के बारे में यह थ्योरी, मेक्सिको के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एंथ्रोपोलॉजी एंड हिस्ट्री के पुरातत्वविद् जुआन यदुन अंगुलो (Juan Yadeun Angulo) ने दी. 2020 में, अंगुलो की टीम ने टोनिना में सूर्य के मंदिर (Temple of the Sun) नाम के पिरामिड के नीचे 1,300 साल पुराने तहखाने की खोज की थी. टीम के मुताबिक, इस तहखाने में करीब 400 बर्तनों के अवशेष पाए गए थे जिनमें राख, लकड़ी का कोयला और प्राकृतिक रबर समेत कार्बनिक पदार्थ मिले थे.
अब, इन बर्तनों और साइट पर स्टडी करने के बाद, टीम का कहना है कि वह राख शासकों के अंतिम संस्कार की है. उन्होंने यह भी कहा कि बर्तनों में मिली बाकी सामग्री भी रबर को तेज आंच पर गर्म करने (Vulcanization) की प्रक्रिया के लिए ज़रूरी थी.
टीम ने पिरामिड के पास बने प्राचीन बॉल कोर्ट में बनी मूर्तियों पर की गई नक्काशी की भी स्टडी की. उन्होंने पाया कि ये मूर्तियां वाक चान काक (Wak Chan Káhk) नाम के एक शासक की थी, जिनकी 1 सितंबर एडी 775 को मृत्यु हो गई थी, साथ ही एक महिला की भी मूर्ती थी, जिसका नाम लेडी कवील कान (Lady Káwiil Kaan) था. यह महिला भी उच्च पद पर रही होगी, जिसकी मृत्यु 722 ई में हुई थी. शोधकर्ताओं के मुताबिक, इन दोनों के अंतिम संस्कार की राख से रबर की गेंदे बनाई गई थीं.
इस खोज को लेकर विद्वानों ने अलग-अलग तरह की प्रतिक्रिया दी हैं. कई का मानना है कि ऐसा हो सकता है, जबकि वर्मोंट में मिडिलबरी कॉलेज (Middlebury College) में मानव विज्ञान के प्रोफेसर जेम्स फिट्ज़सिमन्स (James Fitzsimmons) का कहना है कि भले ही मानव अवशेषों की राख से रबर की गेंदें बनाई गई हों, लेकिन यह ज़रूरी नहीं है कि वे अवशेष शासकों के रहे होंगे. उन्होंने कहा कि इस बात की संभावना ज्यादा है कि ये युद्ध बंदियों के अवशेष रहे होंगे.