
सर्दियों में यूरोप के लिए अगर आप बर्फ़ से ढकी झीलों और पहाड़ों की कल्पना कर रहे हैं, तो भूल जाइए. क्योंकि, नए साल 2023 के पहले दिन कई मध्य यूरोपीय देशों में मौसम अचानक टी-शर्ट पहनने लायक हो गया. हालांकि, कई लोगों को कड़ाके की ठंड से अचानक थोड़ी राहत ज़रूर मिली, लेकिन जलवायु परिवर्तन विशेषज्ञों ने इसे खतरे की घंटी कह दिया है.
यूरोप की सेंटिनल-2 सैटेलाइट (Sentinel-2 satellite) ने 1 जनवरी को स्विस एल्प्स (Swiss Alps) में एल्टडॉर्फ(Altdorf) शहर की तस्वीर ली, जहां साल के इस समय में तापमान आमतौर पर माइनस 2 और प्लस 4 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है. नए साल के दिन, दिन का तापमान 19.2 डिग्री C तक बढ़ गया, जबकि रात का तापमान 16 डिग्री C रहा. तापमान में इसी तरह की फेरबदल डेनमार्क, नीदरलैंड, पोलैंड और चेक रिपब्लिक सहित मध्य और उत्तर-पश्चिमी यूरोप के कई अन्य देशों में भी दर्ज की गई.
दुनिया भर के जलवायु वैज्ञानिक और मौसम विज्ञानियों ने इस बेमौसम गर्मी पर अपनी हैरानी जताई. नासा के जलवायु वैज्ञानिक रयान स्टॉफ़र ने पूरे यूरोप में असामान्य तापमान को दर्शाती हुई तस्वीर शेयर की और कहा कि 'मैंने इस तरह का पूर्वानुमान कभी नहीं देखा. जलवायु प्रभावों को अनदेखा करना कठिन है. उन्होंने कहा कि साउंडिग डेटा का भी विश्लेषण किया गया है जिसमें साफ तौर पर ट्रोपोस्फेरिक वार्मिंग और स्ट्रैटोस्फेरिक कूलिंग को देखा जा सकता है, जैसा कि जलवायु परिवर्तन से उम्मीद की जा सकती है.
फ्रेंच एल्प्स में यूरोपीय सिंक्रोट्रॉन रिसर्च फैसिलिटी में काम करने वाले भौतिक विज्ञानी नाहेल बेलघेर्ज़ (Nahel Belgherze) ने 30 दिसंबर और 1 जनवरी के बीच पूरे महाद्वीप में तापमान में बदलाव दिखाता एक एनीमेशन वीडियो शेयर किया. उन्होंने कहा कि यूरोप के आधुनिक इतिहास में पिछले 2 दिनों में सबसे गंभीर विंटर हीटवेव देखी गई हैं.
एल्टडॉर्फ जैसी जगह के लिए इस तरह की घटना बहुत अहम है. यह शहर, यूरोप की सबसे बड़ी पर्वत श्रृंखला में हैं जो 3,000 मीटर से ज्यादा बर्फ से ढके पहाड़ों के बीच स्थित है. सेंटिनल-2 की तस्वीर में ज्यादातर हरे, घास से ढके लैंडस्केप दिखते हैं, जिसमें सिर्फ ज्यादा ऊंचाई वाले इलाके बर्फ से ढके हुए हैं. यह जलवायु विशेषज्ञों के लिए परेशान करने वाला नजारा है.
द कन्वर्सेशन के मुताबिक, स्विस एल्प्स में ग्लेशियर का 6.2% हिस्सा 2022 की गर्मी में पिघल गया. अब सर्दी का मौसम, जो आमतौर पर बर्फ की चादरों से ढका रहता है वह भी बर्फ के बिना नजर आ रहा है. पहले, वैज्ञानिक 2% एनुअल आइस लॉस को गंभीर मानते थे.
रॉयटर्स के मुताबिक, एल्प्स हर दशक 0.3 डिग्री C की दर से गर्म हो रहा है, जो वैश्विक औसत से लगभग दोगुना है. वर्तमान ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को देखते हुए अनुमान लगाया गया है कि इस शताब्दी के अंत तक 80% एल्पाइन ग्लेशियर पिघल जाएंगे.