
17 सितंबर 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर अफ्रीकी देश नामीबिया से भारत आठ चीते लाए गए. चीतों को लाने के लिए विशेष विमान की व्यवस्था की गई थी. विमान है बोईंग 747 (Boeing-747). बताया जा रहा है कि चीतों को लाने के लिए विमान को मॉडिफाई किया गया था. बॉलीवुड अभिनेत्री रवीना टंडन ने एक ट्वीट किया है. जिसमें उन्होंने बोईंग-747 के अंदर आ रहे चीतों और एक्सपर्ट्स को दिखाया है.
रवीना टंडन ने अपने ट्वीट में पीएम नरेंद्र मोदी को चीतों को भारत लाने के लिए थैंक्स बोला है. बोईंग 747 (Boeing-747) विमान कितना बड़ा है. इसकी क्षमता कितनी है. इसका अंदरूनी हिस्सा कैसा दिखता है. हम आपको दिखाते हैं. यहां दिखाई जा रही तस्वीरें रवीना टंडन के ट्वीट से निकाले गए वीडियोग्रैब है.
1. सबसे पहले इसमें वो हिस्सा दिखाया जाता है जिसमें अफ्रीका और भारत के चीता एक्सपर्ट्स बैठे हैं. वेटरेनेरियन और फॉरेस्ट अधिकारी बैठे हैं. यह एक लग्जरी कंपार्टमेंट है. जिसमें बैठने के लिए बिजनेस क्लास की सीटें लगी हैं. हर सीट के पीछे एक छोटा कैबिनेट है, जिसमें लोग अपना सामान रख सकते हैं. इसमें पूरा लेग स्पेस है.
2. दूसरी फोटो में देखिए कि कैसे इस लग्जरी बिजनेस क्लास सीटिंग अरेंजमेंट वाले कंपार्टमेंट के ठीक पीछे एक और स्टोरेज कंपार्टमेंट है. जिसमें चार चीतों को उनके खास तरह के क्रेट्स में रखा गया है.
3. क्रेट्स को बाकायदा प्लेन के फर्श पर बने लॉकिंग सिस्टम से बांधा गया है, ताकि ये प्लेन के दाएं-बाएं ऊपर-नीचे होने पर फिसले नहीं. चीतों के मूवमेंट से भी क्रेट्स की जगह न बदले.
4. बीच-बीच में चीतों के क्रेट्स और उनकी हालत जानने के लिए विमान के अधिकारी और अन्य एक्सपर्ट्स जांच भी करते दिखाई दे रहे हैं.
5. इससे आगे बढ़ने पर पीछे की तरफ दूसरा कंपार्टमेंट हैं. जिसमें बाकी चार चीते अपने-अपने क्रेट्स में हैं. क्रेट्स के चारों तरफ रोशनी की काफी अच्छी व्यवस्था दिख रही है. यहां भी चीतों और क्रेट्स की हालत जांच करने के लिए लोग मौजूद हैं.
6. इससे ठीक पीछे तीसरा कंपार्टमेंट है, जिसमें प्लेन के टायर बांधकर रखे गए हैं. संभवतः यह तैयारी इतनी लंबी यात्रा के बाद पहियों को इमरजेंसी में बदलने के लिए किया गया हो.
7. ग्वालियर में चीते की शक्ल वाली पेंटिंग वाला बोईंग-747 प्लेन के उतरने के बाद उसमें से चीतों को कुछ इस तरह से उतारा गया.
बोईंग-747 के वैरिएंट से ही बनता है अमेरिकी राष्ट्रपति का विमान
बोईंग 747 (Boeing-747) एक लंबा, चौड़ा और लंबी दूरी की उड़ान वाला प्लेन हैं. इसकी पहली उड़ान 9 फरवरी 1969 में हुई थी. इसी विमान का एक वैरिएंट बोईंग वीसी-25 अमेरिकी राष्ट्रपति का एयरफोर्स वन विमान बनता है. इस विमान को तीन लोग मिलकर उड़ाते हैं पहला कैप्टन, दूसरा फ्लाइट ऑफिसर और तीसरा फ्लाइट इंजीनियर. आमतौर पर इसमें 276 से 495 सीट्स लगाई जा सकती है. लेकिन जरुरत के हिसाब से इसे बदला भी जा सकता है.
इसी विमान के एक वैरिएंट से अंतरिक्ष स्पेस शटल को ले आने, ले जाने का काम नासा (NASA) करती थी. इस विमान के अलग-अलग वैरिएंट की लंबाई 184.9 फीट से लेकर 250.2 फीट तक होती हैं. अलग-अलग वैरिएंट में 1.84 लाख लीटर से लेकर 2.38 लाख लीटर ईंधन आता है. यह अधिकतम 939 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से उड़ान भरता है. आमतौर पर 907 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से उड़ता है. यह विमान 9250 फीट से लेकर 10,900 फीट तक अधिकतम ऊंचाई तक उड़ सकता है.