
कैलिफोर्निया के लोगों ने शुक्रवार रात जो आसमान में जो नजारा देखा, उसकी शुरुआत असल मे 2009 में हुई थी. स्पेस स्टेशन पर एक कम्यूनिकेशन यंत्र लगाया गया था. लेकिन साल 2020 में उसे रिटायर घोषित कर दिया गया. अब 700 पाउंड यानी 317.51 किलोग्राम के बेकार यंत्र को स्पेस स्टेशन पर रखकर उसका वजन तो बढ़ा नहीं सकते थे.
उसे फरवरी 2020 में स्पेस स्टेशन से जेटिसन यानी बाहर फेंक दिया गया. स्पेस स्टेशन से निकाला गया ये कचरा तीन साल तक धरती के चारों तरफ घूमता रहा. पिछले दो साल से इसके ऑर्बिट में बदलाव आ रहा था. यह धीरे-धीरे धरती के करीब आता जा रहा था. आखिरकार शुक्रवार की रात ये कैलिफोर्निया के ऊपर आसमान में आते हुए दिखाई दिया.
स्मिथसोनियन एंड हार्वर्ड सेंटर फॉर एस्ट्रोफिजिक्स के एस्ट्रोफिजिसिस्ट जोनाथ मैक्डॉवेल ने देखा कि कैलिफोर्निया के ऊपर ये यंत्र 27 हजार किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से उड़ रहे थे. ये जल रहे थे. चमकदार रोशनी फैला रहे थे. जोनाथन के मुताबिक इनका 90 फीसदी हिस्सा वायुमंडल में जल गया. बाकी बचे 10 फीसदी हिस्से से खतरा नहीं है.
क्या चीज था यह यंत्र, जो जलकर खाक हो गया?
असल में यह एक कम्यूनिकेशन एंटीना था. जिसे इंटर-ऑर्बिट कम्यूनिकेशन सिस्टम-एक्सपोस्ड फैसिलिटी कहते हैं. यह एक स्पेस शटल के जरिए साल 2009 में स्पेस स्टेशन पर ले जाया गया था. धरती पर गिरते समय इसका सिर्फ 10 फीसदी हिस्सा ही जमीन या पानी में गिरा होगा. बाकी सब वायुमंडल में ही जल गया.
एंटीना अनियंत्रित तरीके से धरती पर आया था. इसे नियंत्रित नहीं किया जा सकता था. जोनाथन के मुताबिक ये योसेमाइट नेशनल पार्क में कहीं गिरा होगा. वैसे पिछले 50 वर्षों से हर साल इस आकार का कोई न कोई अंतरिक्ष का कचरा धरती पर गिरता ही रहता है. लेकिन ये कब और कहां होगा, ये बता पाना थोड़ा मुश्किल होता है.
अंतरिक्ष में इंसानों द्वारा निर्मित कितना सामान है
प्राइवाटीर नाम की एक कंपनी है, जो अंतरिक्ष में इंसानों द्वारा बनाई वस्तुओं का रिकॉर्ड रखती है. इस कंपनी को बनाया है डॉ. मोरिबा जाह ने. कंपनी के मुताबिक इस समय अंतरिक्ष इंसानों द्वारा निर्मित जो वस्तुएं हैं, उनमें सेलफोन के आकार से लेकर स्पेस स्टेशन तक है. ऐसे करीब 48 हजार वस्तुएं अंतरिक्ष में धरती के चारों तरफ घूम रहे हैं.
डॉ. मोरिबा ने बताया कि जब ये रात में या दिन में गिरते हैं. और आसमान साफ हो तो चमकदार रोशनी पैदा करते हैं. वायुमंडल में आते ही ये जलने लगते हैं. ऐसा लगता है कि आसमान में कोई आतिशबाजी हो रही हो. इस समय दुनिया में हर हफ्ते करीब 12 सैटेलाइट्स लॉन्च किए जा रहे हैं. कुछ सालों बाद हर दिन अंतरिक्ष से एक कचरा नीचे गिरेगा.