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सुनीता विलियम्स की धरती पर वापसी में और देरी होगी, NASA ने बदल दिया प्लान

SpaceX के ड्रैगन कैप्सूल में तकनीकी दिक्कत की वजह से अब सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर फरवरी 2025 के बजाय मार्च के अंत तक धरती पर वापस आएंगे. क्योंकि अगले मिशन के लिए स्पेसएक्स नया ड्रैगन कैप्सूल बना रहा है, जिसमें थोड़ा समय लगेगा.

नासा की अंतरिक्षयात्री सुनीता विलियम्स अब फरवरी के बजाय मार्च में धरती पर लौटेंगी. (फोटोः रॉयटर्स) नासा की अंतरिक्षयात्री सुनीता विलियम्स अब फरवरी के बजाय मार्च में धरती पर लौटेंगी. (फोटोः रॉयटर्स)
आजतक साइंस डेस्क
  • नई दिल्ली,
  • 19 दिसंबर 2024,
  • अपडेटेड 11:21 AM IST

Sunita Williams अब अगले साल फरवरी में धरती पर नहीं लौटेंगी. उन्हें लौटने में करीब एक महीने का समय और लगेगा. इसकी वजह है SpaceX के Dragon कैप्सूल में तकनीकी दिक्कत. जून 2024 में 10 दिन की यात्रा पर गई सुनीता की यात्रा अब दस महीने के लिए हो चुकी है. नासा ने ये जानकारी 17 दिसंबर 2024 को अपने ब्लॉग में दी. 

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NASA और स्पेसएक्स फरवरी में Crew-10 मिशन लॉन्च करने वाला था. अब इसमें देरी होगी. क्योंकि इस मिशन के लिए नए ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट बनाने का काम चल रहा है. इस कैप्सूल में चार लोग स्पेस स्टेशन जाएंगे. नासा कॉमर्शियल क्रू प्रोग्राम के मैनेजर स्टीव स्टिच ने कहा कि स्पेसक्राफ्ट के फैब्रिकेशन, असेंबली, टेस्टिंग और अंतिम इंटीग्रेशन में थोड़ा समय लगता है. सुनीता और बुच को स्टेशन पर एक महीना और रहना होगा. 

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ये है पूरी कहानी... 

देरी क्यों हुई... सुनीता विलियम्स की वापसी में देरी हुई है बोईंग स्टारलाइनर में आई हीलियम लीक और थ्रस्टर्स की दिक्कत की वजह से. 

अभी क्या स्थिति है... सुनीता और विलमोर दोनों ही स्पेस स्टेशन पर मौजूद हैं. स्वस्थ हैं. रिसर्च कर रहे हैं. बाकी एस्ट्रोनॉट्स की अलग-अलग कामों में मदद कर रहे हैं. 

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स्पेस स्टेशन में तीन महीने और बिता पाएंगे दोनों? 

सुनीता और बुच विलमोर को किसी बात का खतरा नहीं है. ये दोनों आराम से अगले तीन महीने तक स्पेस स्टेशन पर बिता सकते हैं. इस समय स्पेस स्टेशन पर 9 एस्ट्रोनॉट्स मौजूद हैं. ऐसा पहली बार नहीं हुआ कि एस्ट्रोनॉट्स को अपनी यात्रा बढ़ानी पड़ी है. हालांकि सुनीता की ये पहली अप्रत्याशित लंबा स्टे होगा स्टेशन पर. 

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क्या स्पेस स्टेशन पर इतने लोग रह पाएंगे? 

स्पेस स्टेशन पर इस समय 9 एस्ट्रोनॉट्स मौजूद हैं. इसमें सुनीता और विलमोर भी हैं. स्पेस स्टेशन इतना बड़ा है कि यह अभी और एस्ट्रोनॉट्स को संभाल सकता है. स्पेस स्टेशन में छह बेडरूम से ज्यादा की जगह है. इसमें छह स्लीपिंग क्वार्टर हैं. दो बाथरूम है. एक जिम है. जिस स्पेसक्राफ्ट से एस्ट्रोनॉट्स जाते हैं. वो इससे जुड़े रहते हैं. अधिक यात्री होने पर उसमें भी सोया जा सकता है. हाल ही में कार्गो सप्लाई गई है. ताकि एस्ट्रोनॉट्स को खाने-पीने की कमी न हो. 

अंतरिक्ष में इतना लंबा समय बिताना ठीक है क्या? 

अंतरिक्ष में 8 से 10 महीने बिताना अच्छी बात नहीं है. लेकिन कई एस्ट्रोनॉट्स इससे ज्यादा समय स्पेस स्टेशन पर बिता चुके हैं. सबसे ज्यादा दिन अंतरिक्ष में बिताने का रिकॉर्ड रूसी कॉस्मोनॉट वलेरी पोल्याकोव के पास है. वो 438 दिन मीर स्पेस स्टेशन पर रहे थे. जनवरी 1994 से मार्च 1995 तक. सुनीता और विलमोर इस बार करीब 250 दिन बिताकर स्पेस स्टेशन से वापस लौटेंगे. विलियम इससे पहले 2006 में 196 दिन बिता चुकी हैं. 

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इतने दिन स्पेस में रुकने पर क्या होता है असर?

लंबे समय के तक स्पेस स्टेशन पर रुकते ही नासा एस्ट्रोनॉट के शरीर पर पड़ने वाले असर की स्टडी करने लगता है. नासा का एक प्रोग्राम चल रहा है, जिसमें 3.5 महीने रुकने पर शरीर पर क्या असर होता है. आठ महीने रुकने पर और उससे ज्यादा रुकने पर. इस दौरान शरीर की मांसपेशियां कमजोर होती है. हड्डियों का घनत्व कम होता है. ज्यादा समय तक रुकने पर दिल संबंधी बीमारियों का भी खतरा रहता है. 

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