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इन जुड़वा बच्चों ने दुनिया में आने के लिए किया सबसे लंबा इंतजार, 30 साल तक बने रहे भ्रूण

विज्ञान ने इंसानों के जन्म लेने के प्रोसेस में थोड़ी फेर-बदल करके, भ्रण से जन्म लेने के बीच के अंतराल को बढ़ा दिया है. इसी वजह से दो जुड़वा बच्चों को जन्म लेने में 30 साल से भी ज्यादा का समय लग गया. बच्चों के भ्रूण तीन दशकों से भी ज्यादा समय से डीप फ्रीजर में थे.

3 दशकों से डीप फ्रीजर में बंद थे, अब लिया जन्म (Photo: National Embryo Donation Center) 3 दशकों से डीप फ्रीजर में बंद थे, अब लिया जन्म (Photo: National Embryo Donation Center)
aajtak.in
  • पोर्टलैंड,
  • 26 नवंबर 2022,
  • अपडेटेड 4:38 PM IST

इंसान का जन्म लेना बड़ा सिंपल है. स्पर्म और ओवा मिलते हैं, मां के गर्भ में भ्रूण बनता है, 9 महीने भ्रूण गर्भ में ही रहता है और इसके बाद बच्चे का जन्म होता है. लेकिन विज्ञान ने इस प्रोसेस में थोड़ी फेर-बदल करके, भ्रण से जन्म लेने के बीच के अंतराल को बढ़ा दिया है. इसी वजह से दो जुड़वा बच्चों को जन्म लेने में 30 साल से भी ज्यादा का समय लग गया. 

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इस बात को ज्यादा कॉम्प्लेक्स नहीं बनाते हैं और आपको दुनिया के अनोखे जुड़ावां बच्चों के बारे में बताते हैं. जुड़वा बच्चे लिडिया और टिमोथी रिजवे (Lydia and Timothy Ridgeway) का जन्म 31 अक्टूबर 2022 को हुआ. लेकिन ये केस सामान्य जुड़वा बच्चों का केस नहीं था. असल में इनके भ्रूण पिछले 30 सालों से भी ज्यादा समय से फ्रीज़ थे. यानी पिछले 30 सालों से ये बच्चे भ्रूण अवस्था में ही थे, लेकिन जन्म अब हुआ है. ये कैसे संभव हो सकता है. इसके बारे में आगे बताते हैं. फिलहाल, आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक, ये अब तक के सबसे लंबे समय तक जमे हुए भ्रूण थे, जिनका जन्म हो सका. 

 इन जुड़वा बच्चों को दुनिया में आने में लगे 30 साल (Photo: National Embryo Donation Center)

भ्रूण की उम्र 30 साल, बच्चे नवजात

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22 अप्रैल 1992 को एक अज्ञात विवाहित जोड़े के लिए, इन विट्रो फ़र्टिलाइज़ेशन (IVF) की मदद से ये भ्रूण बनाए गए थे. इन्हें तब से लिक्विड नाइट्रोजन में -196 डिग्री सेल्सियस पर सुरक्षित रखा गया था. आपको बता दें कि IVF की मदद से कई भ्रूण बनाए जा सकते हैं, जिन्हें बाद में उन लोगों को दिया जा सकता है जिनके बच्चे नहीं हैं. IVF की मदद से बने भ्रूणों को नॉक्सविले, टेनेसी में नेशनल एम्ब्रियो डोनेशन सेंटर को दान कर दिया गया था. अब दशकों बाद, इन्हें पोर्टलैंड के राहेल और फिलिप रिजवे को दे दिया गया.

दिलचस्प बात ये है कि जब इन भ्रूण को पहली बार जमाया गया था, तब इन बच्चों के पिता फिलिप की उम्र महज 5 साल थी. फिलिप और उनकी पत्नी राहेल के पहले से ही चार बच्चे हैं, जो सभी 10 साल से कम उम्र के हैं. 

अब तक के सबसे पुराने भ्रूण

ये अब तक के सबसे पुराने भ्रूण थे. इससे पहले 'सबसे पुराने' भ्रूण या बच्चे का रिकॉर्ड मौली एवरेट गिब्सन (Molly Everette Gibson) के पास था, जिसका जन्म 26 अक्टूबर 2020 को हुआ था, जिसका भ्रूण 28 साल तक फ्रीज रहा था. ये भी हो सकता है कि इससे भी पुराने जमे हुए भ्रूण को उसकी उम्र दर्ज किए बिना इस्तेमाल किया गया हो. यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन प्रजनन सेवाओं की सफलता दर और बाकी डेटा ट्रैक करता है, लेकिन जमे हुए भ्रूण की उम्र को ट्रैक नहीं करता.

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इस दंपत्ति के पहले से 4 बच्चे हैं (Photo: National Embryo Donation Center)

पुराने भ्रूण ही क्यों चुने

इस मामले में Ridgeways ने एक डोनर डेटाबेस से भ्रूण को चुना. डेटाबेस में डोनर के बारे में कुछ खास बातें और उनकी विशेषताएं लिखी होती हैं. इस दंपति ने कम संख्या वाली आईडी नंबर चुना, क्योंकि उसे डेटाबेस की शुरुआत में दर्ज किया गया था. फिलिप ने पुराना भ्कारूण ही क्यों चुना, इसपर उन्होंने एक बड़ी अच्छी बात कही. उनका कहना था 'हमें वे भ्रूण नहीं चाहिए थे जो दुनिया में सबसे लंबे समय तक जमे हुए थे, बल्कि हमें वे भ्रूण चाहिए थे जो एक लंबे समय से इंतजार कर रहे थे.'

जमे हुए भ्रूण से जीवन मिलना कितना मुश्किल

भ्रूणों को अनिश्चित काल के लिए जमाया जाता है, लेकिन सामान्य होने के बाद इनके जीवित रहने की दर करीब 80 प्रतिशत होती है. ऐसा भी नहीं है कि सभी जमे हुए भ्रूण को जीवन मिल ही जाए, कुछ को सफलता नहीं मिलती. इस मामले में, 5 भ्रूणों को पिघलाया गया था, जिनमें 3 ही नए जीवन के लिए तैयार थे. लेकिन जन्म केवल दो ही ले सके. 

भ्रूण चाहे जितने भी समय के लिए डीप फ्रीज़र में रखा गया हो, उससे जन्म लेने वाला बच्चा किसी सामान्य बच्चे की तरह ही स्वस्थ होता है. लिडिया और टिमोथी ने इस दुनिया में आने के लिए सबसे लंबा इंतजार किया था. जन्म के वक्त लिडिया 2.6 किलो की थी और टिमोथी 2.9 किलो की. दोनों बच्चे एकदम स्वस्थ हैं. 

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NEDC की टीम उम्मीद कर रही है कि इन बच्चों के जन्म के बाद और भी लोगों को प्रोत्साहन मिलेगा और वे इन्हें अडॉप्ट करने आगे आएंगे. इस संगठन ने दान किए गए भ्रूणों का इस्तेमाल करके, अब तक 1,200 से ज्यादा बच्चों को जीवन देने में मदद की है.  

 

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