
ये बात है साल 2011 की. 21 मई को न्यूजीलैंड के ट्रक चालक स्टीवन मैक्कॉरमैक अपनी ट्रक के केबिन और ट्रेलर के बीच में मौजूद एयर होस के ऊपर गिर पड़े. एयर होस उस समय ऑन था. वह टूटा और उसकी पाइप इनके मलद्वार के में धंस गई. नतीजा ये हुआ कि स्टीवन के शरीर के अंदर 7.03 किलोग्राम फोर्स प्रति वर्ग सेंटीमीटर की गति से हवा जाने लगी. आप सोच रहे होंगे कि इतनी पुरानी घटना का जिक्र अभी क्यों...क्योंकि हवा का असर कब तक रहता है ये जानना जरूरी है.
48 वर्षीय स्टीवन ने समाचार एजेंसी AFP को अपनी आपबीती बताई, जो उस समय BBC में प्रकाशित हुई थी. स्टीवन ने बताया कि जब हवा प्रेशर से उनके शरीर में जा रही थी, तो उन्हें ऐसे लग रहा था कि मेरी खून की नसों में कुछ बहुत तेजी से दौड़ रहा है. मैं अपने पैरों की तरफ से फट जाऊंगा. मैं फुटबॉल की तरह फूल गया था. ऐसे लग रहा था कि मेरा शरीर गोल-गोल घूम रहा है. मेरे पास गुब्बारे की तरह फूलते रहने के अलावा कोई विकल्प नहीं था.
तुरंत उनके साथ ट्रक पर मौजूद साथियों ने होस को बंद किया. उन्हें एयर होस के नॉजल से बाहर निकाला. उन्हें एक करवट में सुलाया ताकि वो सांस ले सकें. लेकिन उस समय तक कंप्रेस्ड हवा ने उनके शरीर के फैट को मांसपेशियों से अलग कर दिया. ये बात तब पता चली जब उन्हें व्हाकाटने स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया गया.
डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया तो वो खुद हैरान रह गए. क्योंकि ऐसा मामला पहले कभी आया नहीं था. दूसरी बात ये थी कंप्रेस्ड एयर ने उनके शरीर की किसी त्वचा को फाड़ा नहीं था, न ही शरीर के अंगों को कोई नुकसान पहुंचा था. उनका सिर और गर्दन सूज गया था, फेफड़ों में अत्यधिक हवा थी, जिसने निकालने के लिए उन्हें ICU में एडमिट करना पड़ा.
करीब तीन साल तक स्टीवन डकार मारते रहे और हवा निकालते रहे. डॉक्टरों ने बताया अब भी आपको काफी समय लगेगा सही होने. इस घटना को करीब 11 साल हो गए हैं, लेकिन आज भी स्टीवन पूरी तरह से ठीक नहीं हो पाए हैं. आज भी सोते समय उन्हें करवट लेकर सोना पड़ता है, क्योंकि वो सीधा या पेट बल लेटते हैं तो उनकी सांस फूलने लगती है. डकारें आने लगती हैं. लेकिन अब धीरे-धीरे उनके शरीर की सूजन कम हो रही है.