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ISRO's Mangalyaan-2: मंगल ग्रह को लेकर इसरो का धांसू प्लान... रोवर, लैंडर, ऑर्बिटर भेजेगा

ISRO मंगल ग्रह पर अब लैंडिंग करने जा रहा है. नासा की तरह इसरो भी रेड प्लैनेट की सतह पर अपना स्पेसक्राफ्ट उतारेगा. लेकिन उससे पहले वह कम्यूनिकेशन रिले ऑर्बिटर भेजेगा. इतना ही नहीं Mangalyaan-2 मिशन में लैंडर, रोवर और हेलिकॉप्टर भी हो शामिल हो सकता है. आइए जानते हैं इस मिशन के बारे में...

इसरो मंगल ग्रह पर अपना दूसरा मिशन भेजने की तैयारी कर रहा है. इस मिशन में लैंडर, रोवर, ऑर्बिटर भेजने की तैयारी है. (प्रतीकात्मक फोटोः ISRO/NASA) इसरो मंगल ग्रह पर अपना दूसरा मिशन भेजने की तैयारी कर रहा है. इस मिशन में लैंडर, रोवर, ऑर्बिटर भेजने की तैयारी है. (प्रतीकात्मक फोटोः ISRO/NASA)
आजतक साइंस डेस्क
  • नई दिल्ली,
  • 13 मई 2024,
  • अपडेटेड 5:29 PM IST

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) दूसरा मंगल मिशन भेजने की तैयारी कर रहा है. इस मिशन का नाम होगा मार्स लैंडर मिशन (MLM). पहले सफल मिशन का नाम था मार्स ऑर्बिटर मिशन (MOM). पहले मिशन को मंगलयान कहा जा रहा था, दूसरे मिशन को आप मंगलयान-2 बुला सकते हैं. 

इसरो मार्स लैंडर मिशन से पहले मंगल ग्रह के चारों तरफ चक्कर लगाने वाला एक ऑर्बिटर भेजेगा. यह एक कम्यूनिकेशन रिले ऑर्बिटर (CRO) होगा. यानी यह मंगल ग्रह पर उतरने वाले भारतीय स्पेसक्राफ्ट यानी लैंडर से इसरो का संपर्क साधेगा. यह एक टेलिफोन एक्सचेंज की तरह काम करेगा. इस पर वीएनआईआर और आईआर कैमरा होगा जो मंगल ग्रह के वायुमंडलीय डायनेमिक्स को समझने का प्रयास करेगा. फिलहाल ये संभावना है कि यह इसरो का यह ड्रीम प्रोजेक्ट साल 2031 में लॉन्च किया जाए. 

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ये है नासा का क्यूरियोसिटी रोवर, जिसे स्काई क्रेन के जरिए मंगल ग्रह की सतह पर उतारा गया था. ऐसी ही तकनीक इसरो भी बना सकता है. (फोटोः NASA)

भारत के पहले मार्स लैंडिंग मिशन में क्या खास होगा?

लॉन्चर... मार्स लैंडर मिशन (MLM) को LVM-3 रॉकेट से लॉन्च किया जाएगा. यह भारी रॉकेट है. जो बड़े स्पेसक्राफ्ट को अंतरिक्ष में पहुंचाने में सक्षम है. इससे पहले मार्स कम्यूनिकेशन रिले ऑर्बिटर को PSLV रॉकेट से लॉन्च किया जाएगा. 

जटिल तकनीक... MLM को मंगल की सतह पर उतरने के लिए सुपरसोनिक पैराशूट लगाया जाएगा. इसके अलावा एयरो-डायनेमिक डिजाइन बनाना होगा. साथ ही रोवर की तैनाती के लिए स्काई-क्रेन बनाना होगा. जैसा नासा ने क्यूरियोसिटी रोवर को उतारने के लिए बनाया था. 

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मंगलयान-2 में जाने वाले संभावित पेलोड्स ये हो सकते हैं... 

ग्राउंड पेनीट्रेटिंग राडार ... यह मंगल ग्रह की सतह के नीचे की स्टडी करेगा. 
यूवी-टीआईआर स्पेक्ट्रोमीटर... यह मंगल की सतह पर मौजूद खनिजों की मैपिंग करेगा. 
रमन स्पेक्ट्रोमीटर... यह मंगल ग्रह पर बायो-सिग्नेचर खोजेगा. यानी जीवन के अंश की खोज. 
माइक्रोस्कोपिक कलर इमेजर... यह सतह की बाहरी संरचना औऱ मिट्टी की स्टडी करेगा. 
स्टीरियो कैमरा... यह जियोलॉजिकल और नेविगेशन स्टडी करेगा. यानी भौगोलिक स्थिति के हिसाब से दिशा पता करेगा. 
डस्ट एनालाइजर... यह वायुमंडल में मौजूद धूल की स्टडी करेगा. 
इसके अलावा रेडिएशन बजट मॉनिटरिंग और इन-सीटू रिसोर्स यूटिलाइजेशन इंस्ट्रूमेंट होंगे.

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