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Astra 3.3 Rocket: सबसे छोटे रॉकेट की लॉन्चिंग सफल पर पेलोड नहीं पहुंचे ऑर्बिट में

दुनिया का पहला सबसे छोटा रॉकेट अंतरिक्ष में जाने को तैयार है. इसका नाम है अस्त्र 3.3 (Astra 3.3). तीन दिन पहले इसकी लॉन्चिंग थी लेकिन टेलिमेट्री खराबी की वजह से रोक दी गई. इसकी लॉन्चिंग 10 फरवरी की देर रात 1.30 बजे की गई. रॉकेट तो सही से अंतरिक्ष में पहुंचा लेकिन वह अपने पेलोड्स को निर्धारित कक्षा में नहीं पहुंचाया पाया.

ये है दुनिया का सबसे छोटा ऑर्बिटल रॉकेट Astra 3.3. (फोटोः अस्त्र/ट्विटर) ये है दुनिया का सबसे छोटा ऑर्बिटल रॉकेट Astra 3.3. (फोटोः अस्त्र/ट्विटर)
aajtak.in
  • केप केनवरल,
  • 10 फरवरी 2022,
  • अपडेटेड 1:56 AM IST
  • सिर्फ 43 फीट ऊंचा है Astra रॉकेट
  • चार क्यूबसेट लेकर गया था अंतरिक्ष में
  • NASA ने दिया ELaNa 41 मिशन नाम

अस्त्र 3.3 (Astra 3.3) रॉकेट की लॉन्चिंग 7 फरवरी 2022 को फ्लोरिडा स्थित केप केनवरल स्पेस फोर्स स्टेशन से होनी थी. इस मिशन को NASA ने ELaNa 41 नाम दिया है. रॉकेट के पहले स्टेज को फायर भी कर दिया गया था. लेकिन अंत समय में उसे रोक दिया गया. कैलिफोर्निया के स्पेस कंपनी अस्त्र (Astra) ने इसे 10 फरवरी 2022 को देर रात 1.30 बजे लॉन्च किया. लॉन्चिंग सफल रही. लेकिन रॉकेट इसके अंदर रखे चार क्यूबसेट्स यानी सैटेलाइट्स को निर्धारित कक्षा में नहीं पहुंचा पाया. 

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NASA ने इस लॉन्च को ELaNa 41 मिशन नाम दिया है. (फोटोः ट्विटर/Astra)

स्पेस कंपनी अस्त्र (Astra) ने अपने ट्वीट में कहा है कि हमें आज की उड़ान के समय कुछ दिक्कत आई है. पेलोड्स को ऑर्बिट में नहीं पहुंचा पाए. हम अपने कस्टमर्स और नासा की स्माल सैटेलाइट टीम से इसके लिए माफी मांगते हैं. इसके बारे में अधिक जानकारी पूरे डेटा रिव्यू के बाद ही आएगा. तब हम सभी को पूरी जानकारी देंगे. 

7 फरवरी 2022 की लॉन्चिंग टालने के बाद अस्त्र (Astra) में प्रोडक्ट मैनेजमेंट की डायरेक्टर कैरोलिना ग्रॉसमैन ने कहा कि पहली कॉमर्शियल लॉन्चिंग का न होना दुर्भाग्यपूर्ण था. लेकिन हम रॉकेट के साथ किसी तरह का जोखिम उठाना नहीं चाहते थे. इसके पहले अस्र ने चार ऑर्बिटल लॉन्च किए हैं. इनके टेस्ट मिशन अलास्का के पैसिफिक स्पेसपोर्ट कॉम्प्लेक्स में किए गए थे. यहां पर देख सकते हैं इस लॉन्च की लाइव फुटेज

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सिर्फ 43 फीट ऊंचा है ये रॉकेट

यह सबसे छोटा रॉकेट है. इसमें सिर्फ ऑपरेशनल पेलोड्स हैं. इसकी लंबाई सिर्फ 43 फीट (13 मीटर) है. इस रॉकेट में चार क्यूबसेट (CubeSats) हैं. इसे ELaNa 41 मिशन नाम दिया गया है. जिसका पूरा नाम है NASA Educational Launch of Nanosatellites (ELaNa). ये चारों सैटेलाइट्स ह्यूस्टन स्थित नासा जॉन्सन स्पेस सेंटर (Johnson Space Center), यूनिवर्सिटी ऑफ अलबामा, न्यू मेक्सिको स्टेट यूनिवर्सिटी और यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया बर्कले ने मिलकर बनाया है. 

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