
समंदर के अंदर पुराने जहाजों, युद्धपोतों और पनडुब्बियों को खोजने वाले लोगों ने 81 साल पुराने रहस्य से पर्दा उठा दिया है. 1943 में World War-2 के समय रहस्यमयी तरीके से लापता ब्रिटिश पनडुब्बी HMS Trooper को ग्रीस के कालामोस आइलैंड के पास एजियन सागर में 770 फीट की गहराई में खोज निकाला गया है.
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एचएमएस ट्रूपर जिसे N91 बुलाया जाता था, वो एक सीक्रेट मिशन पर अक्टूबर 1943 में निकली. मकसद था तीन ग्रीक रेजिसटेंस एजेंट्स को कालामोस द्वीप पर पहुंचाना. उस समय पनडुब्बी का निर्देश आया कि उसे एजियन सागर में पेट्रोलिंग करनी है. लेकिन उन्हें नहीं पता था कि जर्मनी की फौज ने समंदर में बारूदी सुरंगें बिछा दी हैं.
17 अक्टूबर 1943 को 64 सैनिकों के साथ यह पनडुब्बी रहस्यमयी तरीके से लापता हो गई. ग्रीक अंडरवाटर एक्सपर्ट कोस्तास थोक्टेरिड्स की टीम ने इसे खोजा है. यह एजियन आइलैंड के उत्तर में इकैरियन सागर में मिली. ये सागर अपने खराब मौसम और तेज उठती लहरों के लिए जाना जाता है. इस बात की पुष्टि कोस्तास भी करते हैं.
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14 असफल प्रयास के बाद मिली ये पनडुब्बी
कोस्तास कहते हैं कि इकैरियन सागर के अंदर समुद्री लहरें काफी तेज चलती हैं. यानी अंडरवाटर करंट. इनसे संभल कर नेविगेट करना बेहद मुश्किल होता है. कोस्तास ग्रीक अंडरवाटर रिकवरी कंपनी प्लैनेट ब्लू के मालिक हैं. इस पनडुब्बी को खोजने के लिए उनकी टीम ने इससे पहले 14 प्रयास किए लेकिन सब असफल रहे.
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3 अक्टूबर 2024 को मिली ये पनडुब्बी
कोस्तास और उनकी टीम ने सेकेंड वर्ल्ड वॉर के दस्तावेज खंगाले. फिर ये पता किया कि ट्रूपर की लास्ट लोकेशन क्या थी. जिसकी जानकारी दस्तावेजों में है. इसके बाद खोजबीन शुरू की. 3 अक्टूबर 2024 को उनकी टीम को यह पनडुब्बी मिली. पहले सोनार से पनडुब्बी को खोजा. समंदर के निचले हिस्से का नक्शा बनाया.
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रोबो व्हीकल से बनाया वीडियो की जांच
इसके बाद कोस्तास ने रिमोटली ऑपरेटेड व्हीकल सुपर एशिली (Super Achille) को समंदर की गहराई में भेजा. तब पता चला कि ट्रूपर 770 फीट नीचे समंदर में है. प्लैनेट ब्लू ने अब तक युद्ध में डूबी 8 पनडुब्बियों को खोजा है. खासतौर से ग्रीस के आसपास के समंदर में.
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बड़े विस्फोट से पनडुब्बी के तीन टुकड़े हुए
जांच में पता चला कि एक बड़े विस्फोट की वजह से पनडुब्बी तीन बड़े टुकड़ों में बंट गई. बो, मिडशिप और स्टर्न. ये विस्फोट जर्मनी द्वारा बिछाए गई बारूदी सुरंगों की वजह से हुआ था. जांच में ये भी पता चला कि पनडुब्बी तब बारूदी सुरंग से टकराई जब ये सतह पर थी. यानी ऊपर की तरफ. क्योंकि इसका कमांड हैच खुला हुआ था.