नए टैक्स व्यवस्था के तहत छूट लिमिट को बढ़ाया जा सकता है. साथ ही पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत टैक्स स्लैब की दरों में बदलाव हो सकता है. इसके अलावा, इनकम टैक्स की धारा 80C के तहत छूट लिमिट में भी इजाफा हो सकता है.