गगनयान के लैंडिंग के बाद उसे समुद्र से रिकवर करने के लिए भारतीय नौसेना और इसरो ने कोच्चि स्थित वाटर सर्वाइवल टेस्ट फैसिलिटी में एक टेस्ट किया. इस टेस्ट में तेज लहरों में गगनयान के क्रू मॉड्यूल को तेज लहरों में तैरने के लिए छोड़ दिया गया. ताकि उसके तैरने की क्षमता को जांचा जा सके.