इलाहाबाद हाई कोर्ट के एक जज के विश्व हिंदू परिषद के कार्यक्रम में दिए भाषण पर विवाद हो रहा है. उनके खिलाफ महाभियोग की भी बात हो रही है. पहले भी कई जजों के खिलाफ ये प्रस्ताव लाया जा चुका. लेकिन निजी मौकों पर हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के जज क्या बोलें, क्या इसे लेकर कोई गाइडलाइन है? अगर नहीं, तो किस आधार पर महाभियोग लाया जाता है?