यहूदियों ने भारत में करीब 3 हजार साल पहले एंट्री ली थी. उस दौर का यहूदी राजा सोलोमन था, जिसकी रूचि भारत के साथ व्यापार में थी. इसी से ये रिश्ता मजबूत हुआ. 1940 के दशक में बंगाल से लेकर केरल तक ये अच्छी संख्या में मौजूद थे, लेकिन धीरे-धीरे ये काफी कम रह गए. अब इन्हें हिंदुस्तान की सबसे छोटी माइनोरिटी माना जाता है.