जीतन राम मांझी ने झारखंड और दिल्ली के चुनाव में औकात देख कर लोगों को टिकट दिया गया. कहते हैं कि हमने एक भी सीट नहीं मांगी थी, इसलिए नहीं दिया गया. बिहार में मुसहर और भुइयां समाज की आबादी को देखते हुए उनकी राजनीतिक ताकत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. अब बिहार में हम अपनी औकात दिखाएंगे.